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बच्चे से मारपीट मामले में महानिरीक्षक व एसपी को नोटिस
ब्यूरो/अमर उजाला
Updated Sat, 19 Mar 2016 12:54 AM IST
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नोटिस
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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डाबर कालोनी में सिटी पुलिस द्वारा एक बच्चे के साथ मारपीट के मामले में हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने हिसार मंडल के महानिरीक्षक व भिवानी के पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारी कर 20 मई तक जांच करवाकर रिपोर्ट भेजने के आदेश दिए हैं। मामला पिछले वर्ष दिसंबर माह का है।
शहर की डाबर कालोनी निवासी सामजिक कार्यकर्ता शिवकुमार प्रजापति ने हरियाणा मानवाधिकार आयोग व राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग दिल्ली को शिकायत दी थी। शिकायत में कहा था कि 5 दिसंबर 2015 को 11 वर्षीय बच्चे को शहर थाना पुलिस ने चोरी के एक झूठे मामले में पकड़ा। बच्चे को अवैध रूप से रात को हिरासत में रखा तथा मारपीट की। सीसीटीवी की फुटेज में कोई और लड़का चोरी करता हुआ दिखाई दे रहा है। इसके बावजूद पुलिस ने मासूम बच्चे के खिलाफ झूठा मामला दर्ज कर लिया। चौधरी बंसीलाल सरकारी अस्पताल में चिकित्सकों ने बच्चे की एमएलआर रिपोर्ट 4 दिन के बाद काटी। बच्चे के साथ मारपीट करने वाले पुलिसकर्मियों व एमएलआर न काटने के आरोपी चिकित्सक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग को लेकर स्थानीय लोगों ने डीसी से भी मुलाकात थी। डीसी के आदेश पर सिविल सर्जन को जांच अधिकारी बनाया गया। सिविल सर्जन ने लिखित रूप से आरोपी चिकित्सक के खिलाफ बच्चे के परिजनों के बयान दर्ज करवाए लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। शिवकुमार प्रजापति के अनुसार डीएसपी मुख्यालय को सीसीटीवी फुटेज व बच्चे के फोटो बनवाकर मधुबन जांच करवाने के लिए दिए गए थे, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। शिवकुमार प्रजापति के अनुसार इस मामले में न्याय की गुहार को लेकर हरियाणा मानवाधिकार आयोग व राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को 8 फरवरी को शिकायत भेजी थी। जिस पर आयोग के सदस्य जस्टिस एचएस भल्ला व जेएस अहलावत ने नोटिस जारी करते हुए हिसार मंडल के पुलिस महानिरीक्षक को 20 मई व एसपी भिवानी को 26 मई तक जांच रिपोर्ट सौंपने के आदेश दिए हैं।
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शहर की डाबर कालोनी निवासी सामजिक कार्यकर्ता शिवकुमार प्रजापति ने हरियाणा मानवाधिकार आयोग व राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग दिल्ली को शिकायत दी थी। शिकायत में कहा था कि 5 दिसंबर 2015 को 11 वर्षीय बच्चे को शहर थाना पुलिस ने चोरी के एक झूठे मामले में पकड़ा। बच्चे को अवैध रूप से रात को हिरासत में रखा तथा मारपीट की। सीसीटीवी की फुटेज में कोई और लड़का चोरी करता हुआ दिखाई दे रहा है। इसके बावजूद पुलिस ने मासूम बच्चे के खिलाफ झूठा मामला दर्ज कर लिया। चौधरी बंसीलाल सरकारी अस्पताल में चिकित्सकों ने बच्चे की एमएलआर रिपोर्ट 4 दिन के बाद काटी। बच्चे के साथ मारपीट करने वाले पुलिसकर्मियों व एमएलआर न काटने के आरोपी चिकित्सक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग को लेकर स्थानीय लोगों ने डीसी से भी मुलाकात थी। डीसी के आदेश पर सिविल सर्जन को जांच अधिकारी बनाया गया। सिविल सर्जन ने लिखित रूप से आरोपी चिकित्सक के खिलाफ बच्चे के परिजनों के बयान दर्ज करवाए लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। शिवकुमार प्रजापति के अनुसार डीएसपी मुख्यालय को सीसीटीवी फुटेज व बच्चे के फोटो बनवाकर मधुबन जांच करवाने के लिए दिए गए थे, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। शिवकुमार प्रजापति के अनुसार इस मामले में न्याय की गुहार को लेकर हरियाणा मानवाधिकार आयोग व राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को 8 फरवरी को शिकायत भेजी थी। जिस पर आयोग के सदस्य जस्टिस एचएस भल्ला व जेएस अहलावत ने नोटिस जारी करते हुए हिसार मंडल के पुलिस महानिरीक्षक को 20 मई व एसपी भिवानी को 26 मई तक जांच रिपोर्ट सौंपने के आदेश दिए हैं।
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