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एक युवक को डेंगू तो दूसरे को चिकनगुनिया
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 13 Oct 2016 01:10 AM IST
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Dengue
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भिवानी जिले में डेंगू का तीसरा मामला सामने आया है। पतराम गेट के युवक को डेंगू बताया गया है। युवक को उपचार के लिए हिसार के निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। युवक को पहले सामान्य अस्पताल लाया गया जहां युवक का डेंगू टेस्ट नहीं किया। इसके बाद परिजन उसे हिसार ले गए। जहां टेस्ट के बाद डेंगू की पुष्टि हुई। हालांकि जिला स्वास्थ्य विभाग के रिकार्ड में अब भी दो ही डेंगू पॉजिटिव है। डेंगू के अलावा जिले का पहला चिकनगुनिया का केस भी सामने आया है। जो उपचाराधीन है।
पतराम गेट वासी करीब 19 वर्षीय युवक को बुखार होने के बाद शहर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां टेस्ट के बाद साफ हुआ कि डेंगू है। जिसके बाद 10 अक्तूबर की शाम युवक को सामान्य अस्पताल ले जाया गया। जहां उसका ब्लड और शूगर टेस्ट किया गया। युवक के परिजनों के अनुसार यहां उसे वार्ड में शिफ्ट करने की बात कही तो जवाब मिला कि दो दिन की छुट्टी है। उसके बाद किया जाएगा। परिजनों ने बताया कि उन्होंने प्राइवेट अस्पताल की रिपोर्ट के आधार पर बताया था कि डेंगू है। इसके बाद भी गौर नहीं किया गया। ऐसे में वे अपने बेटे को हिसार के एक निजी अस्पताल में ले गए। वहां भी डेंगू टेस्ट किया और रिपोर्ट पॉजिटिव आई। हालत ज्यादा खराब होने पर रक्त पर चढ़ाया गया। युवक फिलहाल हिसार के एक निजी अस्पताल में उपचाराधीन है। प्लेटलेट्स भी 30 हजार के आसपास है।
चिकनगुनिया का पहला केस आया सामने
डेंगू ही नहीं चिकनगुनिया का भी एक केस सामने आया है। चिकनगुनिया का पहला मामला रानीला क्षेत्र का है। यहां एक युवक की चिकनगुनिया की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। सोमवार को लिए सैंपल के बाद हुए टेस्ट में रानीला के एक युवक चिकनगुनिया की पुष्टि हुई। रानीला गांव का उक्त युवक फिलहाल अस्पताल में उपचाराधीन है।
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रिकार्ड में दो ही डेंगू पॉजिटिव मरीज, हकीकत में ज्यादा
स्वास्थ्य विभाग में अब तक दो ही डेंगू पॉजिटिव मरीज इस वर्ष आए है। दोनों ही तोशाम क्षेत्र के है। एक युवक है तो एक महिला। रिकार्ड में भले ही दो डेंगू पॉजिटिव हो मगर हकीकत में चार-पांच केस आ चुके है। इनमें एक प्राइवेट अस्पताल के चिकित्सक के बेटे को भी डेंगू हुआ। फिलहाल वह ठीक है। यही हाल चिकनगुनिया का है। रिकार्ड में चिकनगुनिया का एक ही मरीज सामने आया है जबकि पिछले दिनों एक कॉलेज प्रिंसिपल भी चिकनगुनिया का शिकार हुई।
मलेरिया के रिकॉर्ड तोड़ मामले, फिर भी नहीं हो रही फोगिंग
अक्तूबर माह के पहले 15 दिन मलेरिया, डेंगू के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माने जाते है। बदलते मौसम में मच्छरों का प्रकोप भी रहता है और लोग ज्यादा डेंगू-मलेरिया की चपेट में आते है। अब तक स्वास्थ्य विभाग मच्छरों की रोकथाम के लिए फोगिंग करता रहा है मगर इस बार जिम्मा नगर परिषद कर्मचारियों को सौंपा गया है। नप कर्मचारियों ने एक-दो दिन तो फोगिंग की, मगर उसके बाद मशीनें साइड में रख दी। मलेरिया का कहर चरम पर है। मरीजों की संख्या 199 हो चुकी है। डेंगू, चिकनगनिया के भी केस आने लगे है। मगर शहर में कही फोगिंग नहीं हो रही।
पतराम गेट के युवक को डेंगू होने का मामला हमारे संज्ञान में नहीं है। हिसार से भी ऐसी कोई रिपोर्ट नहीं आई है। चिकनगुनिया का एक केस आया है, जो पहले से ठीक है। मच्छरों की रोकथाम के लिए अभियान चलाया हुआ है।
डॉ. यतिन गुप्ता, डिप्टी सिविल सर्जन, स्वास्थ्य विभाग
पतराम गेट वासी करीब 19 वर्षीय युवक को बुखार होने के बाद शहर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां टेस्ट के बाद साफ हुआ कि डेंगू है। जिसके बाद 10 अक्तूबर की शाम युवक को सामान्य अस्पताल ले जाया गया। जहां उसका ब्लड और शूगर टेस्ट किया गया। युवक के परिजनों के अनुसार यहां उसे वार्ड में शिफ्ट करने की बात कही तो जवाब मिला कि दो दिन की छुट्टी है। उसके बाद किया जाएगा। परिजनों ने बताया कि उन्होंने प्राइवेट अस्पताल की रिपोर्ट के आधार पर बताया था कि डेंगू है। इसके बाद भी गौर नहीं किया गया। ऐसे में वे अपने बेटे को हिसार के एक निजी अस्पताल में ले गए। वहां भी डेंगू टेस्ट किया और रिपोर्ट पॉजिटिव आई। हालत ज्यादा खराब होने पर रक्त पर चढ़ाया गया। युवक फिलहाल हिसार के एक निजी अस्पताल में उपचाराधीन है। प्लेटलेट्स भी 30 हजार के आसपास है।
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चिकनगुनिया का पहला केस आया सामने
डेंगू ही नहीं चिकनगुनिया का भी एक केस सामने आया है। चिकनगुनिया का पहला मामला रानीला क्षेत्र का है। यहां एक युवक की चिकनगुनिया की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। सोमवार को लिए सैंपल के बाद हुए टेस्ट में रानीला के एक युवक चिकनगुनिया की पुष्टि हुई। रानीला गांव का उक्त युवक फिलहाल अस्पताल में उपचाराधीन है।
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रिकार्ड में दो ही डेंगू पॉजिटिव मरीज, हकीकत में ज्यादा
स्वास्थ्य विभाग में अब तक दो ही डेंगू पॉजिटिव मरीज इस वर्ष आए है। दोनों ही तोशाम क्षेत्र के है। एक युवक है तो एक महिला। रिकार्ड में भले ही दो डेंगू पॉजिटिव हो मगर हकीकत में चार-पांच केस आ चुके है। इनमें एक प्राइवेट अस्पताल के चिकित्सक के बेटे को भी डेंगू हुआ। फिलहाल वह ठीक है। यही हाल चिकनगुनिया का है। रिकार्ड में चिकनगुनिया का एक ही मरीज सामने आया है जबकि पिछले दिनों एक कॉलेज प्रिंसिपल भी चिकनगुनिया का शिकार हुई।
मलेरिया के रिकॉर्ड तोड़ मामले, फिर भी नहीं हो रही फोगिंग
अक्तूबर माह के पहले 15 दिन मलेरिया, डेंगू के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माने जाते है। बदलते मौसम में मच्छरों का प्रकोप भी रहता है और लोग ज्यादा डेंगू-मलेरिया की चपेट में आते है। अब तक स्वास्थ्य विभाग मच्छरों की रोकथाम के लिए फोगिंग करता रहा है मगर इस बार जिम्मा नगर परिषद कर्मचारियों को सौंपा गया है। नप कर्मचारियों ने एक-दो दिन तो फोगिंग की, मगर उसके बाद मशीनें साइड में रख दी। मलेरिया का कहर चरम पर है। मरीजों की संख्या 199 हो चुकी है। डेंगू, चिकनगनिया के भी केस आने लगे है। मगर शहर में कही फोगिंग नहीं हो रही।
पतराम गेट के युवक को डेंगू होने का मामला हमारे संज्ञान में नहीं है। हिसार से भी ऐसी कोई रिपोर्ट नहीं आई है। चिकनगुनिया का एक केस आया है, जो पहले से ठीक है। मच्छरों की रोकथाम के लिए अभियान चलाया हुआ है।
डॉ. यतिन गुप्ता, डिप्टी सिविल सर्जन, स्वास्थ्य विभाग