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‘दलबदल’ में उलझी बवानीखेड़ा की ‘सरकार’
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वार्ड 11 से पार्षद रितु रानी के घर बैठक करते पार्षद।
- फोटो : Bhiwani
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बवानीखेड़ा। भिवानी शहर से 18 किलोमीटर दूर स्थित बवानीखेड़ा तहसील की राजनीति ठंड में भी गर्मी पकड़ती जा रही है। 24 दिन पहले जिस चेयरपर्सन के खिलाफ नगर पालिका पार्षद अविश्वास प्रस्ताव लेकर आए थे, रविवार को उन्होंने दल बदलते हुए उसी चेयरपर्सन के पक्ष में पत्रकारवार्ता की। यह मामला क्षेत्र में पूरा दिन सुर्खियों में छाया रहा। लोग भी तरह तरह की चर्चा करते रहे।
नगर पालिका चुनाव में अभी लगभग एक साल का समय बाकी है। नगर पालिका चेयरपर्सन कांता किरण ओड के खिलाफ 15 में से 10 पार्षद 12 नवंबर को अविश्वास प्रस्ताव लेकर आए थे। अविश्वास प्रस्ताव से पहले ही कांता किरण ओड ने अपने पद से त्यागपत्र दे दिया था। पार्षदों का आरोप था कि नगर पालिका में भ्रष्टाचार चरम पर है। उसके बाद नए चेयरपर्सन को लेकर कई दिन तक चर्चाएं चली। सभी विरोधी पार्षद कहीं न कहीं चेयरपर्सन बनने का सपना देख रहे थे। मगर 26 नवंबर को नगर पालिका उपप्रधान ओमपति यादव को चेयरपर्सन का कार्यभार सौंप दिया गया।
अब फिर से कांता किरण के पास है बहुमत
ओमपति यादव के दल से छह पार्षद वापस आ जाने के बाद फिर से कांता किरण ओड के पास बहुमत हो गया है। पांच पार्षद पहले से ही उनके दल थे अब इन छह को मिलाकर कुल 11 पार्षद उनके समर्थन में आ गए हैं। वार्ड छह के पार्षद पंकज महता ने दावा किया है कि एक बार फिर से अविश्वास प्रस्ताव लाया जाएगा। राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा है कि एक बार फिर से चेयरपर्सन कुर्सी का हकदार बदल सकता है।
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तानाशाही रवैये का लगाया आरोप
पत्रकारवार्ता के दौरान पार्षदों ने आरोप लगाया कि उपप्रधान से चेयरपर्सन बनी ओमपति यादव का रवैया तानाशाही है। व पार्षदों और नगर पालिका कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार करती हैं। तानाशाही रवैया अपनाए जाने के कारण कर्मचारियों में भी भय का माहौल बना हुआ है। रविवार को पत्रकारवार्ता में वार्ड एक से रामगोपाल, वार्ड तीन से बलवंत गौरी, वार्ड छह से पंकज महता, वार्ड 10 बच्चन, वार्ड 12 से रमेश और वार्ड 13 से चांदराम, वार्ड आठ से हिम्मत, वार्ड पांच से सतपाल गक्खड़ का बेटा नवीन, वार्ड नौ से प्रेमपाल का पिता राजबीर, वार्ड 11 से रितु रानी का प्रतिनिधि श्रीभगवान नाहड़िया, वार्ड 15 से कांता किरण का बेटा हरजीत शामिल रहे।
लोगों में चर्चा, क्या चाहते हैं पार्षद
चेयरपर्सन ओमपति यादव का विरोध करने के बाद शहरवासियों में यह चर्चा है कि ये पार्षद क्या चाहते हैं। लोगों का कहना है कि ये पार्षद दोबारा चुनाव की मांग भी नहीं कर रहे हैं। कभी उस चेयरपर्सन तो कभी दूसरे के दल में जा रहे हैं। इन सभी से तहसील का विकास कार्य प्रभावित हो रहा है।
वर्जन::
जिस भ्रष्टाचार के मुद्दे को लेकर हमने जो लड़ाई लड़ी है हम आज भी उस पर कायम है। इसमें कुछ पार्षदों को तकलीफ हुई है। पार्षदों द्वारा लगाए आरोप निराधार हैं। हमने अभी तक कोई पेमेंट नहीं की है। विपक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों के मुद्दे को लेकर हम जल्दी जनता के बीच आएंगे। जिन पार्षदों ने पूर्व में नपा चेयरपर्सन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा अविश्वास प्रस्ताव किया था, आज उसी चेयरपर्सन को साथ लेकर वे एकजुट हुए हैं। क्या वो अब भ्रष्टाचार मुक्त हो गई।
- ओम पति यादव
आज 11 पार्षद उप प्रधान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए लामबंद हुए हैं। 10 दिनों में ही उपप्रधान ओम पति यादव को प्रधान का कार्य मिलते ही तानाशाही रवैया अपना लिया है। कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा है। कमेटी में भय का माहौल है। जिन कार्यों की जांच चल रही है, उनकी भुगतान के लिए चेक तैयार किए जा रहे हैं। इससे पार्षदों में रोष है।
- पंकज मेहता, पार्षद वार्ड 6
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नगर पालिका चुनाव में अभी लगभग एक साल का समय बाकी है। नगर पालिका चेयरपर्सन कांता किरण ओड के खिलाफ 15 में से 10 पार्षद 12 नवंबर को अविश्वास प्रस्ताव लेकर आए थे। अविश्वास प्रस्ताव से पहले ही कांता किरण ओड ने अपने पद से त्यागपत्र दे दिया था। पार्षदों का आरोप था कि नगर पालिका में भ्रष्टाचार चरम पर है। उसके बाद नए चेयरपर्सन को लेकर कई दिन तक चर्चाएं चली। सभी विरोधी पार्षद कहीं न कहीं चेयरपर्सन बनने का सपना देख रहे थे। मगर 26 नवंबर को नगर पालिका उपप्रधान ओमपति यादव को चेयरपर्सन का कार्यभार सौंप दिया गया।
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अब फिर से कांता किरण के पास है बहुमत
ओमपति यादव के दल से छह पार्षद वापस आ जाने के बाद फिर से कांता किरण ओड के पास बहुमत हो गया है। पांच पार्षद पहले से ही उनके दल थे अब इन छह को मिलाकर कुल 11 पार्षद उनके समर्थन में आ गए हैं। वार्ड छह के पार्षद पंकज महता ने दावा किया है कि एक बार फिर से अविश्वास प्रस्ताव लाया जाएगा। राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा है कि एक बार फिर से चेयरपर्सन कुर्सी का हकदार बदल सकता है।
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तानाशाही रवैये का लगाया आरोप
पत्रकारवार्ता के दौरान पार्षदों ने आरोप लगाया कि उपप्रधान से चेयरपर्सन बनी ओमपति यादव का रवैया तानाशाही है। व पार्षदों और नगर पालिका कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार करती हैं। तानाशाही रवैया अपनाए जाने के कारण कर्मचारियों में भी भय का माहौल बना हुआ है। रविवार को पत्रकारवार्ता में वार्ड एक से रामगोपाल, वार्ड तीन से बलवंत गौरी, वार्ड छह से पंकज महता, वार्ड 10 बच्चन, वार्ड 12 से रमेश और वार्ड 13 से चांदराम, वार्ड आठ से हिम्मत, वार्ड पांच से सतपाल गक्खड़ का बेटा नवीन, वार्ड नौ से प्रेमपाल का पिता राजबीर, वार्ड 11 से रितु रानी का प्रतिनिधि श्रीभगवान नाहड़िया, वार्ड 15 से कांता किरण का बेटा हरजीत शामिल रहे।
लोगों में चर्चा, क्या चाहते हैं पार्षद
चेयरपर्सन ओमपति यादव का विरोध करने के बाद शहरवासियों में यह चर्चा है कि ये पार्षद क्या चाहते हैं। लोगों का कहना है कि ये पार्षद दोबारा चुनाव की मांग भी नहीं कर रहे हैं। कभी उस चेयरपर्सन तो कभी दूसरे के दल में जा रहे हैं। इन सभी से तहसील का विकास कार्य प्रभावित हो रहा है।
वर्जन::
जिस भ्रष्टाचार के मुद्दे को लेकर हमने जो लड़ाई लड़ी है हम आज भी उस पर कायम है। इसमें कुछ पार्षदों को तकलीफ हुई है। पार्षदों द्वारा लगाए आरोप निराधार हैं। हमने अभी तक कोई पेमेंट नहीं की है। विपक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों के मुद्दे को लेकर हम जल्दी जनता के बीच आएंगे। जिन पार्षदों ने पूर्व में नपा चेयरपर्सन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा अविश्वास प्रस्ताव किया था, आज उसी चेयरपर्सन को साथ लेकर वे एकजुट हुए हैं। क्या वो अब भ्रष्टाचार मुक्त हो गई।
- ओम पति यादव
आज 11 पार्षद उप प्रधान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए लामबंद हुए हैं। 10 दिनों में ही उपप्रधान ओम पति यादव को प्रधान का कार्य मिलते ही तानाशाही रवैया अपना लिया है। कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा है। कमेटी में भय का माहौल है। जिन कार्यों की जांच चल रही है, उनकी भुगतान के लिए चेक तैयार किए जा रहे हैं। इससे पार्षदों में रोष है।
- पंकज मेहता, पार्षद वार्ड 6