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ये बर्बादी के अंकुर: आंखों के सामने किसानों के सपने हो गए चकनाचूर, मंडी में पड़ी बाजरा की फसल बारिश से खराब
Tue, 11 Oct 2022 06:01 AM IST
भूपेंद्र सिंह
संजय वर्मा, संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी (हरियाणा)
संजय वर्मा, संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Tue, 11 Oct 2022 06:01 AM IST
सार
मंडी में खुले में पड़ी बाजरा की फसल बारिश में अंकुरित हो गई हैं। किसानों को नुकसान हुआ है। तीन दिन से हो रही बारिश में बाजरा भीगने से बचाने के कोई प्रबंध नहीं दिखाई दिए।
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बाजरा हुआ खराब।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
लगातार तीन दिन से हो रही बारिश ने मंडी में बाजरा लेकर पहुंचे किसानों के सपने चकनाचूर कर दिए हैं। ये किसान जैसे-तैसे मौसम की मार झेल अपनी बची फसल को समेटकर मंडी में आए थे, मगर यहां आने के बाद भी उनकी फसल को वे नहीं बचा पाए। भिवानी की नई अनाज मंडी में करीब 12 हजार बाजरा के कट्टे भीग गए और खुले में पड़ी बाजरा की ढेरी भी अंकुरित हो चुकी हैं।
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जिला मुख्यालय की मंडी में किसानों की अब तक हजारों क्विंटल बाजरा की फसल पहुंच चुकी है। तीन दिन से बारिश के कारण नए किसान भी अपनी फसल लेकर मंडी नहीं आ रहे थे, मगर जो किसान मंडी में बाजरा की फसल के साथ डटे थे, उनकी फसल पर अब बारिश की बूंदें पड़ीं तो फसल ही अंकुरित हो गई। तीन दिन से धूप भी नहीं खिली।
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ऐसे में खुले में पड़ा भीगा हुआ बाजरा सूखने का भी कोई सवाल नहीं था। बाजरा की ढेरियां सड़ने से पूरी मंडी में बदबू भी फैली है। वहीं आढ़तियों के पास भी फसल भीगने से बचाने के कोई इंतजाम नहीं है। अधिकारियों ने भी इस पर ध्यान नहीं दिया। ऐसे में मंडी में बाजरा की ढेरी बारिश में भीगकर सड़ चुकी हैं। ये नुकसान किसान पर ही पड़ेगा।
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वहीं नई अनाज मंडी के हैफेड मैनेजर नवीन ने बताया कि मंडी में अब तक करीब 40 हजार क्विंटल बाजरा की खरीद हुई है, जिसमें से 18 हजार क्विंटल का उठान हो चुका है। जो बाजरा भीग कर अंकुरित हो गया है, उसे अलग से करवाया जा रहा है। आढ़ती भी अंकुरित हुए बाजरे को बाहर साइड में कर रहे हैं।
बाजरा की खरीददार और उठान किया जा रहा है। जिनका बाजरा भीग गया था वे बाजरा सुखा रहे हैं। सात अक्तूबर को आए बाजरे की सरकारी खरीद हुई है। आठ अक्तूबर को आए बाजरे की मंगलवार को खरीद होने की संभावना है। बारिश के कारण यह खरीद देरी से हुई है। - राजेंद्र प्रसाद, प्रधान, ग्रेन मर्चेंट एसोसिएशन।
मंडी में बाजरा, कपास सहित अन्य फसल को बारिश से बचाव के लिए मार्केट कमेटी ने तिरपाल का प्रबंध किया हुआ है। इसके लिए आढ़तियों का व्हाट्सएप ग्रुप भी बनाया हुआ है, जिसे जरूरत है वे तिरपाल ले सकते हैं। - हीरालाल, सचिव, मार्केट कमेट अनाज मंडी भिवानी।
जिले में अब तक करीब 12 हजार मीट्रिक टन बाजरा की खरीद की जा चुकी है। मौसम ठीक होने के बाद नियमित रूप से उठान किया जा रहा है। उठान के दौरान बाजरा की गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। इसके लिए संबंधित अनाज मंडी के इंचार्ज को भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। - अनुराग गुप्ता, जिला प्रबंधक, हैफेड भिवानी।