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Bhiwani News: नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म के आरोपी मौसा और उसके भाई की जमानत हाईकोर्ट से रद्द
Wed, 24 Jan 2024 11:52 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Wed, 24 Jan 2024 11:52 PM IST
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भिवानी। जिले के एक गांव की नाबालिग लड़की से सामूहिक दुष्कर्म के आरोपी सूरत के कपड़ा व्यापारी मौसा और उसके भाई की अग्रिम जमानत याचिका पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय से खारिज हो गई। इसकी सुनवाई बुधवार को थी। दोनों आरोपियों के खिलाफ भिवानी के महिला पुलिस थाने में दुष्कर्म का आरोप में केस दर्ज है। कुछ अर्से पहले ही हाईकोर्ट के आदेश पर पुलिस ने पीड़िता और दोनों आरोपियों का पॉलीग्राफ टेस्ट कराया गया था। इसमें नाबालिग से दुष्कर्म का आरोप साबित हो गया था।
पीड़िता ने महिला पुलिस थाना भिवानी में सात नवंबर 2022 को मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई। उसने पुलिस को बताया था कि स्कूल की छुट्टियों के दौरान वर्ष 2018 में वह अपनी मौसी के घर आई थी। इसी दौरान उसके मौसा ने उसके साथ दुष्कर्म किया था। किसी को कुछ बताने पर जान से मारने की धमकी दी थी। जब उसने मौसा के भाई को आपबीती बताई तो उसने भी उसके साथ गलत काम किया। पीड़िता ने आरोप लगाया था कि वर्ष 2018 से 2022 तक दोनों आरोपी उसके साथ दुष्कर्म करते रहे।
पॉलीग्राफ टेस्ट की रिपोर्ट आने के बाद अब दोनों आरोपी अग्रिम जमानत के लिए हाईकोर्ट में गए थे, जहां बुधवार को सुनवाई के दौरान उनकी याचिका खारिज हो गई। अब पुलिस कभी भी दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी कर सकती है। महिला पुलिस थाना की एसएचओ कमलेश देवी ने बताया कि कुछ समय पहले ही उनके पास थाने का चार्ज आया है। ये मामला उनकी जानकारी में तो है लेकिन हाईकोर्ट से जमानत खारिज होने की सूचना अभी नहीं मिली है।
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पीड़िता ने महिला पुलिस थाना भिवानी में सात नवंबर 2022 को मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई। उसने पुलिस को बताया था कि स्कूल की छुट्टियों के दौरान वर्ष 2018 में वह अपनी मौसी के घर आई थी। इसी दौरान उसके मौसा ने उसके साथ दुष्कर्म किया था। किसी को कुछ बताने पर जान से मारने की धमकी दी थी। जब उसने मौसा के भाई को आपबीती बताई तो उसने भी उसके साथ गलत काम किया। पीड़िता ने आरोप लगाया था कि वर्ष 2018 से 2022 तक दोनों आरोपी उसके साथ दुष्कर्म करते रहे।
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पॉलीग्राफ टेस्ट की रिपोर्ट आने के बाद अब दोनों आरोपी अग्रिम जमानत के लिए हाईकोर्ट में गए थे, जहां बुधवार को सुनवाई के दौरान उनकी याचिका खारिज हो गई। अब पुलिस कभी भी दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी कर सकती है। महिला पुलिस थाना की एसएचओ कमलेश देवी ने बताया कि कुछ समय पहले ही उनके पास थाने का चार्ज आया है। ये मामला उनकी जानकारी में तो है लेकिन हाईकोर्ट से जमानत खारिज होने की सूचना अभी नहीं मिली है।
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