फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Bhiwani News ›   Animal Disease Testing Laboratory of LUVAS University will not be shifted to Bahal

Bhiwani: लुवास ने वापस लिया जिला मुख्यालय की पशु रोग जांच प्रयोगशाला को बहल स्थानांतरण का फैसला

Tue, 08 Aug 2023 09:44 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Tue, 08 Aug 2023 09:44 PM IST
सार

लुवास के डायरेक्टर रिसर्च की तरफ से कृषि विज्ञान केंद्र अधिकारियों को पहले जारी किए गए पत्र को निरस्त कर दूसरा पत्र भेजा गया है। अब जिला मुख्यालय पर ही प्रयोगशाला रहेगी। कृषि मंत्री के दखल से लैब स्थानांतरण रुका है। 

विज्ञापन
Animal Disease Testing Laboratory of LUVAS University will not be shifted to Bahal
पशु विज्ञान केंद्र व लैब भिवानी। फाइल फोटो - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय हिसार (लुवास) की पशु रोग जांच प्रयोगशाला अब भिवानी के बहल में स्थानांतरित नहीं होगी। जिला मुख्यालय की लैब को कृषि विज्ञान केंद्र के पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान केंद्र भिवानी में ही पहले की भांति यहीं पर स्थापित रखा जाएगा। ये सब कृषि मंत्री जयप्रकाश के दखल से हुआ।

विज्ञापन


दरअसल, लुवास ने जिला मुख्यालय पर बनी पशु रोग जांच प्रयोगशाला को बहल में बने हरियाणा पशु चिकित्सा केंद्र में स्थानांतरित किए जाने के संबंध में आदेश जारी किए थे। 13 सालों से जिला मुख्यालय पर चल रही पशु रोग जांच लैब के स्थानांतरण की तैयारी को लेकर अमर उजाला के मंगलवार के अंक में भिवानी शहर में चल रही पशु रोग जांच प्रयोगशाला बहल स्थानांतरण की तैयारी शीर्षक के साथ खबर प्रकाशित की गई।
विज्ञापन


इसके बाद कृषिमंत्री ने लुवास को इस संबंध में निर्देश दिए। लुवास के डायरेक्टर रिसर्च ने पशु रोग जांच प्रयोगशाला को बहल स्थानांतरण के आदेशों को निरस्त किए जाने का पत्र जारी कर दिया। इससे भिवानी, चरखी दादरी और झज्जर जिलों के पशु पालकों ने राहत की सांस ली है।
विज्ञापन
विज्ञापन


लुवास का भिवानी में कृषि विज्ञान केंद्र भवन परिसर में ही अलग से केंद्र बना हुआ है। यहां पर जिला स्तरीय लैब भी है। इसके अंदर भेड़, बकरी, मुर्गी और सुअर की मौत पर पोस्टमार्टम की सुविधा भी है। इससे की पशु वैज्ञानिक यह जान सकते हैं कि आखिर इनकी मौत किस बीमारी से हुई है और कोई पशुओं में संक्रमण तो नहीं फैल रहा है।

इस तरह की जांच के नतीजों से समय रहते पशुओं के अंदर संक्रमित बीमारियों की रोकथाम समय रहते की जा सकती है। इसी तरह पशुपालकों को लुवास की ओर से खनिज मिश्रण भी मुहैया कराए जाते हैं जो किसान के लिए दूध उत्पादन में काफी अहम होते हैं।

पशुपालन व मुर्गी पालन करने वाले बेरोजगार युवा युवतियों के लिए भी जिला मुख्यालय पर प्रशिक्षण चलते हैं। इन सब सुविधाओं के बावजूद इस केंद्र की लैब के स्थानांतरण से किसानों की भी मुश्किलें बढ़ जाती। इन्हीं को ध्यान में रखते हुए कृषिमंत्री के संज्ञान में जब यह मामला आया तो उन्होंने तुरंत इस संबंध में लुवास के अधिकारियों से बात की। इसके बाद आनन फानन में लुवास ने भिवानी शहर में चल रही पशु रोग जांच प्रयोगशाला के बहल स्थानांतरण पर तुरंत रोक लगाए जाने के आदेश जारी कर दिए।


लुवास के पशु विज्ञान केंद्र भिवानी में चल रही पशु रोग जांच प्रयोगशाला को फिलहाल बहल स्थानांतरण पर रोक लगा दी गई है। इस संबंध में मैंने संबंधित अधिकारियों को आदेश जारी कर दिए हैं। - डॉ. नरेश जिंदल, डायरेक्टर ऑफ रिसर्च, लुवास हिसार।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed