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आरोप-प्रत्यारोप : ठेकेदार बोला - 20 फीसदी कमीशन मांग रहे थे चेयरमैन, वाइस चेयरमैन ने कहा - फर्जी बिल पास कराना चाहता था
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मेदांता अस्पताल में भर्ती घायल चेयरमैन रणसिंह यादव।
- फोटो : Bhiwani
भिवानी। नगर परिषद के चेयरमैन, वाइस चेयरमैन, एक पार्षद और एक ठेकेदार पर जानलेवा हमला भी हुआ है। वाइस चेयरमैन का आरोप है कि चार करोड़ रुपये के फर्जी बिलों का भुगतान नहीं करने पर यह हमला उन पर ठेकेदार रामअवतार ने किया है, जबकि ठेकेदार का तर्क है कि चेयरमैन भुगतान के लिए लिए 20 फीसदी कमीशन मांग रहे थे। नहीं देने पर हर रोज धमकी दी जा रही थी। बुधवार रात को टाउन पार्क में चेयरमैन ने उस पर लाठी से हमला कर उसे गिरा दिया था। वह दर्द से कराह रहा था। उसे नहीं पता कि चेयरमैन और बाकी अन्य पर किस ने हमला किया है।
हालांकि पुलिस ने ठेकेदार रामअवतार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। अब तो पुलिस जांच में ही यह पता चल पाएगा कि मामला फर्जी बिल की पेमेंट लेने का था या फिर नगर परिषद में चल रहे कमीशनबाजी के खेल का।
वाइस चेयरमैन मामनचंद ने बताया कि वर्ष 2014 से पहले नगर परिषद में सारा काम मैन्युअल होता था। उस समय खूब धांधली की जाती थी। उसी के आधार पर ठेकेदार रामअवतार ने चार करोड़ रुपये के फर्जी तरीके से बिल बनवा लिए और उन्हें पास भी करवा लिया। भुगतान नहीं होने पर वह अदालत में चला गया और केस भी जीत गया। मगर हम जानते हैं कि वे बिल फर्जी तरीके से बनाए गए हैं। इसलिए हमने ऊपरी अदालत में जाने का फैसला किया था। मगर रामअवतार लगातार चेयरमैन पर भुगतान करने क लिए दबाव बना रहा था।
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फोन कर गालीगलौज का आरोप
वाइस चेयरमैन मामनचंद का आरोप है कि रामअवतार ने बुधवार रात साढ़े नौ बजे फोन कर चेयरमैन के साथ गालीगलौज की। आवेश में आकर चेयरमैन, वाइस चेयरमैन, पार्षद नरेंद्र सर्राफ और ठेकेदार सुरेंद्र के साथ टाउन पार्क पहुंच गए। वहां पहुंचते ही ठेकेदार और 25-30 अन्य लोगों ने उन पर हमला कर दिया।
फुटेज में अकेला दिखाई दे रहा है ठेकेदार
पार्क के पास लगे सीसीटीवी के फुटेज में दिखाई दे रहा है कि रामअवतार ठेकेदार पार्क में अकेला खड़ा है। इसी दौरान वहां दो गाड़ियां आती हैं, जिनमें से कुछ लोग नीचे उतरते हैं। वे उतरते ही रामअवतार को पीटना शुरू कर देते हैं। यह छोटी सी फुटेज सोशल मीडिया में वायरल हो रही है। उसके बाद वहां पर क्या हुआ इसकी जानकारी पूरी फुटेज देखने के बाद ही लग सकती है।
रामअवतार बोला, अदालत के निर्णय के बाद भी मांगा जा रहा था कमीशन
आरोपी ठेकेदार ने फोन पर बताया कि उसने शहर में काम करवाया था, जिसकी पेमेंट लगभग छह करोड़ रुपये था। यह काम 2013 से 2015 के बीच किए गए थे। इसमें से पौने दो करोड़ रुपये का भुगतान हो चुका है, मगर बाकी का नहीं। उससे हर बार भुगतान के बदले में कमीशन मांगा गया। उनके जो भी बिल बनाए सभी पास हो गए। किसी ने भी कहीं भी कोई आपत्ति नहीं की, लेकिन कमीशन के लिए उनका भुगतान नहीं किया गया। इसलिए उसने भुगतान करवाने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया। रामअवतार ने कहा कि अदालत में जब सभी साक्ष्य और सबूत रखे गए तो अदालत ने मेरे हक में फैसला कर दिया और नगर परिषद को पेमेंट करने के आदेश दिए। इसके बावजूद चेयरमैन रणसिंह यादव 20 प्रतिशत कमीशन की मांग कर रहे थे। इनकार करने पर उन्होंने कहा कि मैंने शहर में कई जगह कब्जे कर रखे हैं, तेरा घर भी खाली करवाकर कब्जा कर लूंगा। इसके बाद उन्होंने मुझे टाउन पार्क में बुला लिया। मेरे वहां पहुंचने के कुछ देर बाद ही दो गाड़ियों में चेयरमैन और उनके साथी आए। उन्होंने आते ही मुझ पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। मैं वहां गिर गया। उसके बाद मुझे नहीं पता क्या हुआ।
आरोपी को जल्द पकड़ा जाएगा
आरोपी ठेकेदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। उसकी गिरफ्तारी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
वीरेंद्र सिंह, डीएसपी हेडक्वार्टर।
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हालांकि पुलिस ने ठेकेदार रामअवतार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। अब तो पुलिस जांच में ही यह पता चल पाएगा कि मामला फर्जी बिल की पेमेंट लेने का था या फिर नगर परिषद में चल रहे कमीशनबाजी के खेल का।
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वाइस चेयरमैन मामनचंद ने बताया कि वर्ष 2014 से पहले नगर परिषद में सारा काम मैन्युअल होता था। उस समय खूब धांधली की जाती थी। उसी के आधार पर ठेकेदार रामअवतार ने चार करोड़ रुपये के फर्जी तरीके से बिल बनवा लिए और उन्हें पास भी करवा लिया। भुगतान नहीं होने पर वह अदालत में चला गया और केस भी जीत गया। मगर हम जानते हैं कि वे बिल फर्जी तरीके से बनाए गए हैं। इसलिए हमने ऊपरी अदालत में जाने का फैसला किया था। मगर रामअवतार लगातार चेयरमैन पर भुगतान करने क लिए दबाव बना रहा था।
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फोन कर गालीगलौज का आरोप
वाइस चेयरमैन मामनचंद का आरोप है कि रामअवतार ने बुधवार रात साढ़े नौ बजे फोन कर चेयरमैन के साथ गालीगलौज की। आवेश में आकर चेयरमैन, वाइस चेयरमैन, पार्षद नरेंद्र सर्राफ और ठेकेदार सुरेंद्र के साथ टाउन पार्क पहुंच गए। वहां पहुंचते ही ठेकेदार और 25-30 अन्य लोगों ने उन पर हमला कर दिया।
फुटेज में अकेला दिखाई दे रहा है ठेकेदार
पार्क के पास लगे सीसीटीवी के फुटेज में दिखाई दे रहा है कि रामअवतार ठेकेदार पार्क में अकेला खड़ा है। इसी दौरान वहां दो गाड़ियां आती हैं, जिनमें से कुछ लोग नीचे उतरते हैं। वे उतरते ही रामअवतार को पीटना शुरू कर देते हैं। यह छोटी सी फुटेज सोशल मीडिया में वायरल हो रही है। उसके बाद वहां पर क्या हुआ इसकी जानकारी पूरी फुटेज देखने के बाद ही लग सकती है।
रामअवतार बोला, अदालत के निर्णय के बाद भी मांगा जा रहा था कमीशन
आरोपी ठेकेदार ने फोन पर बताया कि उसने शहर में काम करवाया था, जिसकी पेमेंट लगभग छह करोड़ रुपये था। यह काम 2013 से 2015 के बीच किए गए थे। इसमें से पौने दो करोड़ रुपये का भुगतान हो चुका है, मगर बाकी का नहीं। उससे हर बार भुगतान के बदले में कमीशन मांगा गया। उनके जो भी बिल बनाए सभी पास हो गए। किसी ने भी कहीं भी कोई आपत्ति नहीं की, लेकिन कमीशन के लिए उनका भुगतान नहीं किया गया। इसलिए उसने भुगतान करवाने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया। रामअवतार ने कहा कि अदालत में जब सभी साक्ष्य और सबूत रखे गए तो अदालत ने मेरे हक में फैसला कर दिया और नगर परिषद को पेमेंट करने के आदेश दिए। इसके बावजूद चेयरमैन रणसिंह यादव 20 प्रतिशत कमीशन की मांग कर रहे थे। इनकार करने पर उन्होंने कहा कि मैंने शहर में कई जगह कब्जे कर रखे हैं, तेरा घर भी खाली करवाकर कब्जा कर लूंगा। इसके बाद उन्होंने मुझे टाउन पार्क में बुला लिया। मेरे वहां पहुंचने के कुछ देर बाद ही दो गाड़ियों में चेयरमैन और उनके साथी आए। उन्होंने आते ही मुझ पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। मैं वहां गिर गया। उसके बाद मुझे नहीं पता क्या हुआ।
आरोपी को जल्द पकड़ा जाएगा
आरोपी ठेकेदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। उसकी गिरफ्तारी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
वीरेंद्र सिंह, डीएसपी हेडक्वार्टर।

हमले में घायल वाइस चेयरमैन मामनचंद। संवाद- फोटो : Bhiwani

सीसीटीवी कैमरे में कैद हुए चेयरमैन व वाइस चेयरमैन पर हमले के आरोपी।- फोटो : Bhiwani