{"_id":"5eb2f15a8ebc3e90233f0864","slug":"after-thermal-scanning-health-department-give-fitness-card-to-2500-migrants-bhiwani-news-rtk5538744156","type":"story","status":"publish","title_hn":"2500 प्रवासी मजदूरों का स्वास्थ्य जांचकर बनाए फिटनेस कार्ड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
2500 प्रवासी मजदूरों का स्वास्थ्य जांचकर बनाए फिटनेस कार्ड
विज्ञापन
जिला सामान्य अस्पताल के इमजरेंसी गेट पर जांच कराने के लिए लगी लंबी लाइनें।
- फोटो : Bhiwani
भिवानी। लॉकडाउन में पिछले करीब 43 दिन से भिवानी में फंसे प्रवासी मजदूरों को घर भेजने की तैयारी हो गई है। इसके तहत स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने बुधवार को 2500 प्रवासी मजदूरों के स्वास्थ्य की जांच कर उन्हें फिटनेस सर्टिफिकेट दिए। सभी मजदूरों की स्क्रीनिंग की गई ताकि उन्हें अपने प्रदेश जाने में कोई समस्या न हो। वहीं भिवानी से बिहार के गया जिले में जाने वाली ट्रेन अज्ञात कारणों से रद्द कर दी गई है। यह अब रेवाड़ी से गया जाएगी। इस बारे में रेलवे स्टेशन अधीक्षक जीके त्यागी ने बताया कि भिवानी से अभी दूसरे प्रदेश में जाने के लिए कोई भी ट्रेन तय नहीं हुई है।
जिले में करीब पांच हजार प्रवासी मजदूर फिलहाल फंसे हैं। जिला प्रशासन की ओर से वापस जाने की कोई व्यवस्था नहीं होने पर हजारों मजदूर पैदल ही जिले से पलायन कर गए है। सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र कादयान ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग को जिला प्रशासन की तरफ से उन प्रवासी मजदूरों की सूची भेजी गई है, जो अपनी इच्छा से अपने प्रदेश जाने चाहते हैं। करीब 2500 मजदूरों की सूची स्वास्थ्य विभाग को प्राप्त हुई है। स्वास्थ्य विभाग ने इन मजदूरों की स्क्रीनिंग करके उनका हेल्थ चेकअप किया है। इसके साथ ही उनका फिटनेस प्रमाण पत्र भी बनाया है ताकि उनको अपने प्रदेश जाने के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो। वहीं दूसरी ओर सिविल सर्जन ने प्रवासी मजदूरों से अपने स्वास्थ्य की जांच करवाने की अपील की है ताकि कोरोना वायरस संक्रमण का पता चल सके। उन्होंने मजदूरों को शारीरिक दूरी बनाए रखने का भी संदेश दिया।
बुधवार को जांच के लिए भेजे 21 सैंपल
सिविल सर्जन डॉ. कादयान ने बताया कि बुधवार को विभाग की ओर से जांच के लिए 28 सैंपल लिए गए, जिनमें से 21 सैंपल पीजीआई रोहतक भेजे गए हैं। सात के टेस्ट रैपिड किट से किए गए, जिनकी रिपोर्ट निगेटिव रही। अब 24 सैंपल की रिपोर्ट आनी बाकी है। सिविल सर्जन ने बताया कि अभी सामान्य अस्पताल में बने आईसोलेशन वार्ड में छह व्यक्तियों को रखा है। विभाग ने 930 लोगों के सैंपल लिए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिले में करीब पांच हजार प्रवासी मजदूर फिलहाल फंसे हैं। जिला प्रशासन की ओर से वापस जाने की कोई व्यवस्था नहीं होने पर हजारों मजदूर पैदल ही जिले से पलायन कर गए है। सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र कादयान ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग को जिला प्रशासन की तरफ से उन प्रवासी मजदूरों की सूची भेजी गई है, जो अपनी इच्छा से अपने प्रदेश जाने चाहते हैं। करीब 2500 मजदूरों की सूची स्वास्थ्य विभाग को प्राप्त हुई है। स्वास्थ्य विभाग ने इन मजदूरों की स्क्रीनिंग करके उनका हेल्थ चेकअप किया है। इसके साथ ही उनका फिटनेस प्रमाण पत्र भी बनाया है ताकि उनको अपने प्रदेश जाने के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो। वहीं दूसरी ओर सिविल सर्जन ने प्रवासी मजदूरों से अपने स्वास्थ्य की जांच करवाने की अपील की है ताकि कोरोना वायरस संक्रमण का पता चल सके। उन्होंने मजदूरों को शारीरिक दूरी बनाए रखने का भी संदेश दिया।
विज्ञापन
बुधवार को जांच के लिए भेजे 21 सैंपल
सिविल सर्जन डॉ. कादयान ने बताया कि बुधवार को विभाग की ओर से जांच के लिए 28 सैंपल लिए गए, जिनमें से 21 सैंपल पीजीआई रोहतक भेजे गए हैं। सात के टेस्ट रैपिड किट से किए गए, जिनकी रिपोर्ट निगेटिव रही। अब 24 सैंपल की रिपोर्ट आनी बाकी है। सिविल सर्जन ने बताया कि अभी सामान्य अस्पताल में बने आईसोलेशन वार्ड में छह व्यक्तियों को रखा है। विभाग ने 930 लोगों के सैंपल लिए हैं।
विज्ञापन