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Bhiwani News: शहर की अधिकांश कॉलोनियों में राशनिंग के बाद लोग बूंद-बूंद को तरसे, यहां हजारों लीटर पानी बहने का भी हिसाब नहीं
Fri, 21 Jun 2024 01:02 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Fri, 21 Jun 2024 01:02 AM IST
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भिवानी। भीषण गर्मी में शहर की अधिकांश कॉलोनियों में राशनिंग के बाद लोग बूंद-बूंद पानी को तरस गए हैं, लेकिन घंटाघर बूस्टर पर हजारों लीटर पानी व्यर्थ बहने पर भी अधिकारियों के पास कोई हिसाब नहीं है। दरअसल घंटाघर की मुख्य 20 इंची लाइन का करीब आठवीं बार पुराना वाॅल्व लीक हुआ है।
वीरवार को सुबह और शाम की पेयजल आपूर्ति के दौरान करीब तीन से चार घंटे तक पानी के प्रेशर से लीक हुए वाॅल्व से हजारों लीटर स्वच्छ पानी व्यर्थ में ही सड़क पर बह गया। सड़क के बीच से पानी की धारा फूटती देख राहगीर भी कहते रहे कि लोगों को पीने को पानी नहीं है, यहां व्यर्थ में बह रहा है। वहीं वाॅल्व लीक होने से काफी दूर तक पानी फैल गया और फुटपाथ पर दुकानों के आगे पानी जमा होने से दुकानदार भी परेशान दिखे।
दुकानदारों का कहना था कि दिनभर यहां लीक होने से जमा हुए पानी की वजह से ग्राहक भी नहीं आए। वहीं बूस्टर पर तैनात जनस्वास्थ्य विभाग अधिकारियों ने आंखों के सामने व्यर्थ में बह रहे पानी को रोकने के लिए भी कोई संज्ञान नहीं लिया। इससे लोगों में भी रोष देखा गया।
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शहर के घंटाघर बूस्टर से सराय चौपटा, कृष्णा कॉलोनी, नेहरू पार्क, दिनोद गेट के आसपास सहित काफी इलाके में पानी की आपूर्ति दी जा रही है। जून माह में घंटाघर बूस्टर से राशनिंग से पानी लोगों को मिल रहा है। यानी एक दिन छोड़कर एक दिन आपूर्ति मिल रही है। इसके बावजूद मुख्य 20 इंची लाइन के वाॅल्व लीकेज के कारण सप्लाई के दौरान पानी व्यर्थ में बहता रहा और लोगों के घरों तक भी पानी की एक बूंद नहीं पहुंची। यानी वीरवार को एक तो पानी व्यर्थ बहा दूसरा लोगों की जरूरतों के लिए भी पानी नसीब नहीं हुआ।
दरअसल, घंटाघर मुख्य बूस्टर पर करीब 25 से 30 साल पुरानी लाइन पर वाॅल्व लगा है। जब से ये लाइन डाली गई है तब से इसी वाॅल्व से काम चलाया जा रहा है। जब भी ये वाॅल्व लीक होता है अधिकारी इसे रिपेयर कराकर फिर से इसका इस्तेमाल करते हैं। ये कभी चार माह तो कभी छह माह तक ही ठीक रहता है। कभी कभार तो दो माह में ही लीक हो जाता है। जब भी लीक होता है हफ्तों तक यूं ही सड़क पर लाखों लीटर पानी की बर्बादी भी करता है। अब फिर लीक होने पर ये सिलसिला लगातार दो दिन से चल रहा है।
घंटाघर बूस्टर की मुख्य लाइन के वाॅल्व की जगह नया वाॅल्व लगाया जाएगा। इस वाल्व के लिए ऑर्डर किए जा चुके हैं। ये वाॅल्व बाहर से मंगवाया जा रहा है। जैसे ही आएगा इसे बदल दिया जाएगा। वाॅल्व काफी पुराना हो चुका है। इसी वजह से ये बार-बार लीक हो रहा है।
-सूर्यकांत कार्यकारी अभियंता शहरी पेयजल शाखा जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग भिवानी।
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वीरवार को सुबह और शाम की पेयजल आपूर्ति के दौरान करीब तीन से चार घंटे तक पानी के प्रेशर से लीक हुए वाॅल्व से हजारों लीटर स्वच्छ पानी व्यर्थ में ही सड़क पर बह गया। सड़क के बीच से पानी की धारा फूटती देख राहगीर भी कहते रहे कि लोगों को पीने को पानी नहीं है, यहां व्यर्थ में बह रहा है। वहीं वाॅल्व लीक होने से काफी दूर तक पानी फैल गया और फुटपाथ पर दुकानों के आगे पानी जमा होने से दुकानदार भी परेशान दिखे।
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दुकानदारों का कहना था कि दिनभर यहां लीक होने से जमा हुए पानी की वजह से ग्राहक भी नहीं आए। वहीं बूस्टर पर तैनात जनस्वास्थ्य विभाग अधिकारियों ने आंखों के सामने व्यर्थ में बह रहे पानी को रोकने के लिए भी कोई संज्ञान नहीं लिया। इससे लोगों में भी रोष देखा गया।
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शहर के घंटाघर बूस्टर से सराय चौपटा, कृष्णा कॉलोनी, नेहरू पार्क, दिनोद गेट के आसपास सहित काफी इलाके में पानी की आपूर्ति दी जा रही है। जून माह में घंटाघर बूस्टर से राशनिंग से पानी लोगों को मिल रहा है। यानी एक दिन छोड़कर एक दिन आपूर्ति मिल रही है। इसके बावजूद मुख्य 20 इंची लाइन के वाॅल्व लीकेज के कारण सप्लाई के दौरान पानी व्यर्थ में बहता रहा और लोगों के घरों तक भी पानी की एक बूंद नहीं पहुंची। यानी वीरवार को एक तो पानी व्यर्थ बहा दूसरा लोगों की जरूरतों के लिए भी पानी नसीब नहीं हुआ।
दरअसल, घंटाघर मुख्य बूस्टर पर करीब 25 से 30 साल पुरानी लाइन पर वाॅल्व लगा है। जब से ये लाइन डाली गई है तब से इसी वाॅल्व से काम चलाया जा रहा है। जब भी ये वाॅल्व लीक होता है अधिकारी इसे रिपेयर कराकर फिर से इसका इस्तेमाल करते हैं। ये कभी चार माह तो कभी छह माह तक ही ठीक रहता है। कभी कभार तो दो माह में ही लीक हो जाता है। जब भी लीक होता है हफ्तों तक यूं ही सड़क पर लाखों लीटर पानी की बर्बादी भी करता है। अब फिर लीक होने पर ये सिलसिला लगातार दो दिन से चल रहा है।
घंटाघर बूस्टर की मुख्य लाइन के वाॅल्व की जगह नया वाॅल्व लगाया जाएगा। इस वाल्व के लिए ऑर्डर किए जा चुके हैं। ये वाॅल्व बाहर से मंगवाया जा रहा है। जैसे ही आएगा इसे बदल दिया जाएगा। वाॅल्व काफी पुराना हो चुका है। इसी वजह से ये बार-बार लीक हो रहा है।
-सूर्यकांत कार्यकारी अभियंता शहरी पेयजल शाखा जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग भिवानी।