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अधिकारी चुनाव प्रक्रिया की पूर्ण जानकारी लेकर सावधानी एवं निष्पक्षता से कार्य करें : अशवीर नैन
Tue, 14 May 2024 11:12 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Tue, 14 May 2024 11:12 PM IST
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सीईओ अशवीर नैन ने कहा कि पीठासीन, सहायक पीठासीन एवं मतदान अधिकारी चुनाव प्रक्रिया की पूर्ण जान
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भिवानी। जिला परिषद सीईओ अशवीर नैन ने कहा कि पीठासीन, सहायक पीठासीन एवं मतदान अधिकारी चुनाव प्रक्रिया की पूर्ण जानकारी लेकर सावधानी एवं निष्पक्षता से कार्य करें, ताकि लोकसभा आम चुनाव 2024 को स्वतंत्र, निष्पक्ष व शांतिपूर्ण ढंग से आयोजित करवाया जा सकें।
जिला परिषद सीईओ अशवीर नैन मंगलवार को पंचायत भवन में पीठासीन व सहायक पीठासीन अधिकारियों को चुनाव संबंधी प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यशाला में सीईओ जिला परिषद अशवीर नैन ने कहा कि जिला निर्वाचन अधिकारी के निर्देशानुसार व आयोग की गाइडलाइन के अनुसार मतदान प्रक्रिया का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मतदान प्रक्रिया में पीठासीन व सहायक पीठासीन अधिकारियों की अहम भूमिका होती है। ऐसे में सभी गंभीरता के साथ अपनी ड्यूटी का निर्वहन करें।
कार्यशाला में सीईओ नैन ने पीठासीन व सहायक पीठासीन अधिकारियों को मतदान केंद्र की कंट्रोल यूनिट, बैलेट यूनिट वीवी पैट यूनिट की जांच, मॉक पोल, मतदान सामग्री प्राप्त करना, मिलान करना व मतदान सामग्री की जांच करने की विधि के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। उन्होंने कर्मियों को सामग्री प्राप्त करने में बरतने वाली सावधानियां, बूथ पर बैठने की व्यवस्था, मतदान की प्रक्रिया, सील करने की प्रक्रिया, सभी तरह के मतदान में प्रयुक्त, अनप्रयुक्त पेपर सील करने का तरीका, पीओ के कार्य दायित्व के बारे में समग्रता से बताया गया। प्रशिक्षण के दौरान चुनाव में अपनाए जाने वाले सभी तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी गई।
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उन्होंने कहा कि पीठासीन व सहायक पीठासीन अधिकारियों को पोलिंग एजेंटों के सामने मॉक पोल करवाकर एजेंटों की संतुष्टि करवाना व उनके हस्ताक्षर करवाकर मतदान की प्रक्रिया शुरू करवानी अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को चुनाव संबंधी प्रक्रिया के सभी पहलुओं की जानकारी हो। सभी अधिकारियों को सचेत रहकर बिना भेदभाव के काम करना है। उन्होंने कहा कि सभी पीठासीन अधिकारी व सहायक पीठासीन अधिकारी अपना कार्य ठीक प्रकार से करें ताकि मशीन जमा करते समय कोई दिक्कत न आए।
पंचायती राज एसडीओ प्रवीण बजाज ने कार्यशाला में कहा कि 25 मई को चुनाव शुरू होने से पहले निर्धारित समय पर पोलिंग एजेंट के समक्ष मॉक पोल करवाना सुनिश्चित करना है। चुनाव आयोग की हिदायतों के अनुसार मॉक पोल के दौरान कम से कम 50 बार वोट करना आवश्यक है। मॉक पोल के दौरान किए गए वोट और वीवी पैट से निकलने वाली पर्चियों व कंट्रोल यूनिट में कुल वोट के मिलान होने पर होने पर, पोलिंग एजेंट के हस्ताक्षर अवश्य करवाएं तथा मॉक पोल उपरांत इसका रिकॉर्ड रखना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि मॉक पोल के बाद इवीएम को क्लीयर करने व इवीएम को सील करने की प्रक्रिया पूरी करें तथा इवीएम को वोटिंग के लिए तैयार करें। इसके बाद पोलिंग एजेंट के समक्ष मतदान शुरू करवाने की घोषणा करनी होगी।
उन्होंने कहा कि पीठासीन अधिकारियों के लिए पीओ डायरी महत्वपूर्ण डॉक्यूमेंट है, जिसमें चुनाव के दौरान होने वाले पूरा घटनाक्रम को अंकित करना आवश्यक है। इस डायरी में कुल मतदाताओं, पुरुष मतदाताओं तथा महिला मतदाताओं से जुड़ी पूरी जानकारी चुनाव शुरू होने से पहले दर्ज हो। उन्होंने बताया कि वोट की गोपनीयता का विशेष ध्यान रखें। प्रत्येक दो घंटे के अंतराल पर कुल वोट जांचे जाएं और उसकी सूचना सेक्टर ऑफिसर को दें, ताकि ये सूचना उन तक पहुंच सकें। वोटिंग का समय समाप्त होने से पहले मतदान केंद्र में उपस्थित सभी वोटरों का वोट डलवाना सुनिश्चित करें। मतदान पूरा होने के बाद ईवीएम का क्लोज बटन अवश्य दबाएं तथा चुनाव से संबंधित सभी प्रकार के प्रफोर्मा को ध्यानपूर्वक भरकर जमा करवाना सुनिश्चित करें।
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जिला परिषद सीईओ अशवीर नैन मंगलवार को पंचायत भवन में पीठासीन व सहायक पीठासीन अधिकारियों को चुनाव संबंधी प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यशाला में सीईओ जिला परिषद अशवीर नैन ने कहा कि जिला निर्वाचन अधिकारी के निर्देशानुसार व आयोग की गाइडलाइन के अनुसार मतदान प्रक्रिया का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मतदान प्रक्रिया में पीठासीन व सहायक पीठासीन अधिकारियों की अहम भूमिका होती है। ऐसे में सभी गंभीरता के साथ अपनी ड्यूटी का निर्वहन करें।
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कार्यशाला में सीईओ नैन ने पीठासीन व सहायक पीठासीन अधिकारियों को मतदान केंद्र की कंट्रोल यूनिट, बैलेट यूनिट वीवी पैट यूनिट की जांच, मॉक पोल, मतदान सामग्री प्राप्त करना, मिलान करना व मतदान सामग्री की जांच करने की विधि के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। उन्होंने कर्मियों को सामग्री प्राप्त करने में बरतने वाली सावधानियां, बूथ पर बैठने की व्यवस्था, मतदान की प्रक्रिया, सील करने की प्रक्रिया, सभी तरह के मतदान में प्रयुक्त, अनप्रयुक्त पेपर सील करने का तरीका, पीओ के कार्य दायित्व के बारे में समग्रता से बताया गया। प्रशिक्षण के दौरान चुनाव में अपनाए जाने वाले सभी तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी गई।
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उन्होंने कहा कि पीठासीन व सहायक पीठासीन अधिकारियों को पोलिंग एजेंटों के सामने मॉक पोल करवाकर एजेंटों की संतुष्टि करवाना व उनके हस्ताक्षर करवाकर मतदान की प्रक्रिया शुरू करवानी अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को चुनाव संबंधी प्रक्रिया के सभी पहलुओं की जानकारी हो। सभी अधिकारियों को सचेत रहकर बिना भेदभाव के काम करना है। उन्होंने कहा कि सभी पीठासीन अधिकारी व सहायक पीठासीन अधिकारी अपना कार्य ठीक प्रकार से करें ताकि मशीन जमा करते समय कोई दिक्कत न आए।
पंचायती राज एसडीओ प्रवीण बजाज ने कार्यशाला में कहा कि 25 मई को चुनाव शुरू होने से पहले निर्धारित समय पर पोलिंग एजेंट के समक्ष मॉक पोल करवाना सुनिश्चित करना है। चुनाव आयोग की हिदायतों के अनुसार मॉक पोल के दौरान कम से कम 50 बार वोट करना आवश्यक है। मॉक पोल के दौरान किए गए वोट और वीवी पैट से निकलने वाली पर्चियों व कंट्रोल यूनिट में कुल वोट के मिलान होने पर होने पर, पोलिंग एजेंट के हस्ताक्षर अवश्य करवाएं तथा मॉक पोल उपरांत इसका रिकॉर्ड रखना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि मॉक पोल के बाद इवीएम को क्लीयर करने व इवीएम को सील करने की प्रक्रिया पूरी करें तथा इवीएम को वोटिंग के लिए तैयार करें। इसके बाद पोलिंग एजेंट के समक्ष मतदान शुरू करवाने की घोषणा करनी होगी।
उन्होंने कहा कि पीठासीन अधिकारियों के लिए पीओ डायरी महत्वपूर्ण डॉक्यूमेंट है, जिसमें चुनाव के दौरान होने वाले पूरा घटनाक्रम को अंकित करना आवश्यक है। इस डायरी में कुल मतदाताओं, पुरुष मतदाताओं तथा महिला मतदाताओं से जुड़ी पूरी जानकारी चुनाव शुरू होने से पहले दर्ज हो। उन्होंने बताया कि वोट की गोपनीयता का विशेष ध्यान रखें। प्रत्येक दो घंटे के अंतराल पर कुल वोट जांचे जाएं और उसकी सूचना सेक्टर ऑफिसर को दें, ताकि ये सूचना उन तक पहुंच सकें। वोटिंग का समय समाप्त होने से पहले मतदान केंद्र में उपस्थित सभी वोटरों का वोट डलवाना सुनिश्चित करें। मतदान पूरा होने के बाद ईवीएम का क्लोज बटन अवश्य दबाएं तथा चुनाव से संबंधित सभी प्रकार के प्रफोर्मा को ध्यानपूर्वक भरकर जमा करवाना सुनिश्चित करें।