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Bhiwani News: जिला कारागार में भाई-बहन के स्नेह का संगम, राखियों से सजीं कैदियों की कलाई
Sat, 09 Aug 2025 11:20 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Sat, 09 Aug 2025 11:20 PM IST
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भिवानी जिला कारागार में रक्षा बंधन पर्व पर अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधने के लिए पहुंचीं बह
भिवानी। सावन के अंतिम दिन शनिवार को पूर्णिमा के अवसर पर भाई-बहन के स्नेह का प्रतीक रक्षाबंधन पर्व पूरे जिले में उल्लास के साथ मनाया गया। शहर के हांसी रोड स्थित जिला कारागार में भी इस दिन का नजारा भावुक कर देने वाला था जहां बंदी बने भाइयों की कलाई पर उनकी बहनों ने प्रेम और विश्वास का धागा बांधा।
उप जेल अधीक्षक नरेश कुमार बूरा ने बताया कि कारागार महानिदेशक के निर्देशानुसार किसी भाई की कलाई सूनी न रहे इस संकल्प के साथ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सुबह सात बजे से राखी बांधने का सिलसिला शुरू हुआ जो लगातार चलता रहा। बहनों की सुविधा के लिए जेल परिसर में ही पुख्ता प्रबंध किए गए। कारागार प्रशासन ने बहनों को राखी और मिठाई निशुल्क उपलब्ध कराई साथ ही भोजन की भी व्यवस्था की।
इस समय जिला कारागार में करीब साढ़े 1400 बंदी हैं। सभी बंदियों की बहनों को आमने-सामने मुलाकात का अवसर दिया गया। सुरक्षा कारणों से शनिवार को किसी भी पुरुष की मुलाकात नहीं कराई गई। सामान्य दिनों में मुलाकात का समय सुबह नौ से एक बजे तक होता है लेकिन इस विशेष अवसर पर समय की कोई बाधा नहीं रखी गई और प्रयास किया गया कि हर बहन अपने भाई को राखी बांध सके।
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उप जेल अधीक्षक नरेश कुमार बूरा ने बताया कि कारागार महानिदेशक के निर्देशानुसार किसी भाई की कलाई सूनी न रहे इस संकल्प के साथ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सुबह सात बजे से राखी बांधने का सिलसिला शुरू हुआ जो लगातार चलता रहा। बहनों की सुविधा के लिए जेल परिसर में ही पुख्ता प्रबंध किए गए। कारागार प्रशासन ने बहनों को राखी और मिठाई निशुल्क उपलब्ध कराई साथ ही भोजन की भी व्यवस्था की।
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इस समय जिला कारागार में करीब साढ़े 1400 बंदी हैं। सभी बंदियों की बहनों को आमने-सामने मुलाकात का अवसर दिया गया। सुरक्षा कारणों से शनिवार को किसी भी पुरुष की मुलाकात नहीं कराई गई। सामान्य दिनों में मुलाकात का समय सुबह नौ से एक बजे तक होता है लेकिन इस विशेष अवसर पर समय की कोई बाधा नहीं रखी गई और प्रयास किया गया कि हर बहन अपने भाई को राखी बांध सके।
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