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सौर ऊर्जा उपकरणों से हो सकती है बिजली की बचत
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सौर ऊर्जा उपकरणों के प्रयोग के प्रति किया जागरूक
भिवानी। नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग की ओर से ऊर्जा संरक्षण व नवीकरणीय ऊर्जा उपकरणों के प्रयोग के लिए एक दिवसीय कार्यशाला लगाई गई। इसमें सौर ऊर्जा से संबंधित प्रदर्शनी भी लगाई गई। लोगों को सौर ऊर्जा के उपकरणों के प्रयोग के लिए प्रेरित किया गया।
मंगलवार को पंचायत भवन में कार्यशाला अतिरिक्त उपायुक्त डॉ. संगीता तेतरवाल के मार्गदर्शन में हुई। परियोजना अधिकारी अनंत प्रकाश ने कहा कि सौर ऊर्जा सिस्टम ऊर्जा का सस्ता एवं सर्वोत्तम साधन है। इसलिए लोगों को घरों, पट्रोल पंप, शिक्षण संस्थान, निजी संस्थान, अस्पताल, फैक्ट्री, धार्मिक स्थलों आदि पर सौर ऊर्जा सिस्टम का प्रयोग करना चाहिए। इसके लिए विभाग द्वारा अनुदान दिया जा रहा है। सोलर पावर प्लांट लगाने के अनेक लाभ हैं। इससे बिजली के 90 प्रतिशत बिजली बिल को कम किया जा सकता है और नेट मीटरिंग द्वारा सौलर से बनी फालतू बिजली विद्युत निगम को देने की सुविधा भी है।
सहायक परियोजना अधिकारी दलबीर सिंह ने बताया कि एक किलोवाट क्षमता का सोलर पावर प्लांट एक वर्ष में लगभग 15 सौ यूनिट से अधिक बिजली बनाता है। यह संयंत्र लगभग 25 वर्ष तक कार्य करता है। अक्षय ऊर्जा विभाग हरियाणा द्वारा मनोहर ज्योति योजना के तहत सोलर होम लाइटिंग सिस्टम, लीथियम बैटरी के साथ सोलर स्ट्रीट लाइटिंग सिस्टम, सोलर वाटर पंपिंग सिस्टम, सोलर कुकर, सोलर वाटर हिटिंग सिस्टम विशेष अनुदान पर उपलब्ध कराए जाते हैं। उन्होंने बताया कि जिले के राजकीय विद्यालयों में रूफ टॉप सोलर पावर प्रोजेक्ट लगाए जाएंगे ताकि बिजली की कमी को काफी हद तक पूरा किया जा सके। उन्होंने बताया कि पहले चरण में 50 किलोवाट से ज्यादा की क्षमता वाले स्कूलों, कॉलेज व आईटीआई में रूफ टॉप सोलर पावर प्रोजेक्ट लगाए जाएंगे। इसके अतिरिक्त पीएचसी व सीएचसी में भी रूफ टॉप सोलर पावर प्रोजेक्ट लगाने की स्वीकृति मिल चुकी है। इस मौके पर ऊर्जा विभाग के अधिकारी पीपी मित्तल, जीसीआरटी विशेषज्ञ वेद प्रकाश शर्मा, प्रो. नील कमल मिसरा ने भी उपकरणों के प्रयोग के बारे में जानकारी दी। इस अवसर पर तकनीकी सहायक बिजेन्द्र सिंह, प्रवक्ता सुरेन्द्र शर्मा सहित विभाग के अनेक अधिकारी-कर्मचारी व सौर ऊर्जा कार्यकर्ता उपस्थित थे।
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भिवानी। नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग की ओर से ऊर्जा संरक्षण व नवीकरणीय ऊर्जा उपकरणों के प्रयोग के लिए एक दिवसीय कार्यशाला लगाई गई। इसमें सौर ऊर्जा से संबंधित प्रदर्शनी भी लगाई गई। लोगों को सौर ऊर्जा के उपकरणों के प्रयोग के लिए प्रेरित किया गया।
मंगलवार को पंचायत भवन में कार्यशाला अतिरिक्त उपायुक्त डॉ. संगीता तेतरवाल के मार्गदर्शन में हुई। परियोजना अधिकारी अनंत प्रकाश ने कहा कि सौर ऊर्जा सिस्टम ऊर्जा का सस्ता एवं सर्वोत्तम साधन है। इसलिए लोगों को घरों, पट्रोल पंप, शिक्षण संस्थान, निजी संस्थान, अस्पताल, फैक्ट्री, धार्मिक स्थलों आदि पर सौर ऊर्जा सिस्टम का प्रयोग करना चाहिए। इसके लिए विभाग द्वारा अनुदान दिया जा रहा है। सोलर पावर प्लांट लगाने के अनेक लाभ हैं। इससे बिजली के 90 प्रतिशत बिजली बिल को कम किया जा सकता है और नेट मीटरिंग द्वारा सौलर से बनी फालतू बिजली विद्युत निगम को देने की सुविधा भी है।
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सहायक परियोजना अधिकारी दलबीर सिंह ने बताया कि एक किलोवाट क्षमता का सोलर पावर प्लांट एक वर्ष में लगभग 15 सौ यूनिट से अधिक बिजली बनाता है। यह संयंत्र लगभग 25 वर्ष तक कार्य करता है। अक्षय ऊर्जा विभाग हरियाणा द्वारा मनोहर ज्योति योजना के तहत सोलर होम लाइटिंग सिस्टम, लीथियम बैटरी के साथ सोलर स्ट्रीट लाइटिंग सिस्टम, सोलर वाटर पंपिंग सिस्टम, सोलर कुकर, सोलर वाटर हिटिंग सिस्टम विशेष अनुदान पर उपलब्ध कराए जाते हैं। उन्होंने बताया कि जिले के राजकीय विद्यालयों में रूफ टॉप सोलर पावर प्रोजेक्ट लगाए जाएंगे ताकि बिजली की कमी को काफी हद तक पूरा किया जा सके। उन्होंने बताया कि पहले चरण में 50 किलोवाट से ज्यादा की क्षमता वाले स्कूलों, कॉलेज व आईटीआई में रूफ टॉप सोलर पावर प्रोजेक्ट लगाए जाएंगे। इसके अतिरिक्त पीएचसी व सीएचसी में भी रूफ टॉप सोलर पावर प्रोजेक्ट लगाने की स्वीकृति मिल चुकी है। इस मौके पर ऊर्जा विभाग के अधिकारी पीपी मित्तल, जीसीआरटी विशेषज्ञ वेद प्रकाश शर्मा, प्रो. नील कमल मिसरा ने भी उपकरणों के प्रयोग के बारे में जानकारी दी। इस अवसर पर तकनीकी सहायक बिजेन्द्र सिंह, प्रवक्ता सुरेन्द्र शर्मा सहित विभाग के अनेक अधिकारी-कर्मचारी व सौर ऊर्जा कार्यकर्ता उपस्थित थे।
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