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लघु सचिवालय के बाहर भूख हड़ताल पर बैठे अध्यापक
Updated Wed, 12 Jul 2017 12:23 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी। हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ ने चार दिवसीय सत्याग्रह आंदोलन के दूसरे दिन धरना देकर रोष जताया। दूसरे दिन खंड तोशाम एवं सिवानी के अध्यापक बंसीलाल, भागसिंह, अनिल सैनी, जगमाल, बस्तीराम, साधुराम संडवा, संतलाल, अजय कुमार अगले 24 घंटे के लिए भूख हड़ताल पर बैठे।
इससे पहले खंड भिवानी और बवानी खेड़ा के अजीत राठी, महेंद्र श्योराण, विजेंद्र शर्मा, रालबीर वर्मा, हनुमान रोहिला, अनूप सिवाच को जूस पिलाकर उनका 24 घंटे का धरना समाप्त करवाया गया। धरने की अध्यक्षता करते हुए जिला प्रधान सुखदर्शन सरोहा ने बताया कि सरकार की हठधर्मिता और निजीकरण के विरोध में यह सत्याग्रह आंदोलन चलाया जा रहा है। अध्यापक संघ मुख्य रूप से अपने मांग-मुद्दों के साथ सरकारी विद्यालयों में एनजीओ को बर्दाश्त नहीं करेगा। नवनियुक्त जेबीटी को तुरंत स्टेशन अलॉट करने, सभी प्रकार की पदोन्नतियां जारी करने, सातवें वेतन आयोग के भत्ते संगठन की मांग के अनुसार जनवरी 2016 से जारी करने, पुरानी पेंशन नीति बहाल करने, न्यायालय से प्रभावित अध्यापक भर्तियों का निपटारा अध्यापकों के हित में करने, खाली पदों पर भर्तियां करने, रेशनलाइजेशन को सही तरीके से करने आदि मांगों के लिए यह सत्याग्रह आंदोलन हो रहा है। संगठन के दबाव में सरकार ने प्राथमिक स्तर पर 1:25 अनुपात में पद सृजित किए हैं। यह इस आंदोलन की पहली जीत है। आशा है कि संगठन के दबाव में अन्य मांग-मुद्दों पर सरकार राजी हो जाएगी। जिलेभर से पहुंचे सैकड़ों अध्यापकों ने धरने का समर्थन किया।
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भिवानी। हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ ने चार दिवसीय सत्याग्रह आंदोलन के दूसरे दिन धरना देकर रोष जताया। दूसरे दिन खंड तोशाम एवं सिवानी के अध्यापक बंसीलाल, भागसिंह, अनिल सैनी, जगमाल, बस्तीराम, साधुराम संडवा, संतलाल, अजय कुमार अगले 24 घंटे के लिए भूख हड़ताल पर बैठे।
इससे पहले खंड भिवानी और बवानी खेड़ा के अजीत राठी, महेंद्र श्योराण, विजेंद्र शर्मा, रालबीर वर्मा, हनुमान रोहिला, अनूप सिवाच को जूस पिलाकर उनका 24 घंटे का धरना समाप्त करवाया गया। धरने की अध्यक्षता करते हुए जिला प्रधान सुखदर्शन सरोहा ने बताया कि सरकार की हठधर्मिता और निजीकरण के विरोध में यह सत्याग्रह आंदोलन चलाया जा रहा है। अध्यापक संघ मुख्य रूप से अपने मांग-मुद्दों के साथ सरकारी विद्यालयों में एनजीओ को बर्दाश्त नहीं करेगा। नवनियुक्त जेबीटी को तुरंत स्टेशन अलॉट करने, सभी प्रकार की पदोन्नतियां जारी करने, सातवें वेतन आयोग के भत्ते संगठन की मांग के अनुसार जनवरी 2016 से जारी करने, पुरानी पेंशन नीति बहाल करने, न्यायालय से प्रभावित अध्यापक भर्तियों का निपटारा अध्यापकों के हित में करने, खाली पदों पर भर्तियां करने, रेशनलाइजेशन को सही तरीके से करने आदि मांगों के लिए यह सत्याग्रह आंदोलन हो रहा है। संगठन के दबाव में सरकार ने प्राथमिक स्तर पर 1:25 अनुपात में पद सृजित किए हैं। यह इस आंदोलन की पहली जीत है। आशा है कि संगठन के दबाव में अन्य मांग-मुद्दों पर सरकार राजी हो जाएगी। जिलेभर से पहुंचे सैकड़ों अध्यापकों ने धरने का समर्थन किया।
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