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घटते डॉक्टर, बढ़ते मरीज : भिवानी नागरिक अस्पताल में नहीं है पांच रोगों के डॉक्टर, मरीज हो रहे परेशान

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 17 Sep 2021 12:59 AM IST
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5 specialist doctor not in Bhiwani civil hosptal, patient in trouble
नागरिक अस्पताल की इमरजेंसी में शिशु रोग विशेषज्ञ न होने का चस्पाया गया नोटिस। संवाद - फोटो : Bhiwani
नवनीत शर्मा
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भिवानी। जिला नागरिक अस्पताल में डॉक्टर घटते जा रहे हैं, जबकि मरीजों की संख्या आए दिन बढ़ रही है। नागरिक अस्पताल में पहले ही तीन चिकित्सक त्यागपत्र दे चुके हैं। अब अस्पताल में कार्यरत महज एक ईएनटी के ट्रांसफर होने के बाद जिले में कोई ईएनटी चिकित्सक नहीं है। वहीं, बाल रोग विशेषज्ञ के छुट्टी पर जाने के कारण बच्चों का इलाज भी नहीं हो पा रहा है। इस संबंध में अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले में नए चिकित्सकों की भर्ती नहीं की जा रही है। इसलिए डॉक्टरों की कमी है।
नागरिक अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी है। इसकी वजह से मरीजों को परेशानी हो रही है। अस्पताल में लंबे समय से त्वचा रोग विशेषज्ञ, मनोरोग विशेषज्ञ और न्यूरा सर्जन की की नियुक्त नहीं हुई है। पिछले दिनों ईएनटी रोग विशेषज्ञ डॉ. अनंत बासौतिया ने त्यागपत्र दे दिया था। इसके बाद ईएनटी रोग विशेषज्ञ डॉ. बृजेंद्र के कंधों पर ही रोजाना 100 से अधिक मरीजों की ओपीडी और पांच से छह मरीजों के ऑपरेशन का भार था। अब दो दिन पहले ही डॉ. बृजेंद्र का भी ट्रांसफर जींद हो गया है। अब अस्पताल में ईएनटी रोगियों के चेकअप के लिए कोई चिकित्सक नहीं है। इसके अलावा जिले की महज एक बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. रीटा सिसोदिया मेटरनिटी लीव पर चली गई हैैं। कोरोना की आशंकित तीसरी लहर में अगर बच्चे संक्रमित हो जाते हैं तो उनके उपचार के लिए स्वास्थ्य विभाग के पास कोई भी बाल रोग विशेषज्ञ नहीं है।
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आपातकालीन विभाग में चस्पा किया बाल रोग विशेषज्ञ न होने का सूचना पत्र
नागरिक अस्पताल की ओपीडी में बने आईसीयू वार्ड के शीशे पर स्वास्थ्यकर्मियों ने बाल रोग विशेषज्ञ न होने का सूचना पत्र चस्पा दिया है। इसके अलावा आपातकालीन विभाग में हृदय रोग विशेषज्ञ चिकित्सक भी नहीं है। ऐसे में अगर कोई हृदय रोगी आता है तो उसका प्राथमिक उपचार कर उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया जाता है।
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पांच रोगों ने नहीं है, रोग विशेषज्ञ चिकित्सक
अस्पताल लंबे समय से विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी झेल रहा है। अस्पताल में त्वचा रोग, मनोरोग, न्यूरो सर्जन, ईएनटी, बाल रोग के विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं है। अब अन्य रोगों के विशेषज्ञ चिकित्सकों की भी कमी होती जा रही हैं। रोजाना औसतन 1300 से 1500 की ओपीडी रहती है। मरीजों को मजबूरी में उपचार के लिए निजी अस्पताल या फिर पीजीआईएमएस रोहतक जाना पड़ रहा है। (संवाद)

निदेशालय को कई बार मांगपत्र भेज चुके
जिले में चिकित्सकों की कमी के बारे में स्वास्थ्य महानिदेशालय को कई बार मांगपत्र भेजा जा चुका है। जिले की महज एक बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. रीटा मेटरनिटी लीव पर गई हैं। हाल ही में ईएनटी रोग विशेषज्ञ का भी ट्रांसफर हो गया है। तीसरी लहर को देखते हुए स्वास्थ्य महानिदेशालय से रोग विशेषज्ञ मुहैया करवाने की मांग की है। अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर हों, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग लगातार कार्य कर रहा है।
- डॉ. मंजू कादियान, प्रधान चिकित्सा अधिकारी, नागरिक अस्पताल।
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