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जल्दबाजी में सात साल के बच्चे को परिजन छोड़ गए रेलवे स्टेशन
Updated Thu, 08 Feb 2018 12:52 AM IST
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जल्दबाजी में सात साल के बच्चे को रेलवे स्टेशन छोड़ गए परिजन
भिवानी। पंजाब से आया एक परिवार अपने सात साल के बेटे को जल्दबाजी में बुधवार सुबह रेलवे स्टेशन पर भूलकर चलते बने। बच्चा रेलवे स्टेशन पर रोता रहा। बच्चे को रोता देखकर जीआरपी पुलिस अपने कब्जे में ले लिया। करीब दो घंटे बाद बच्चे के परिजन उसे ढूंढते हुए वापस रेलवे स्टेशन पहुंचे। इसके बाद जीआरपी पुलिस ने बच्चे को परिजनों के हवाले किया।
पंजाब के समाना निवासी सतीश अपने परिवार के साथ बुधवार को किसान एक्सप्रेस में सवार होकर भिवानी पहुंचे। उन्हें भिवानी से गांव बड़ाला जाना था। किसान एक्सप्रेस स्टेशन पर रुकी तो जल्दबाजी में भीड़ से निकल कर सतीश व परिवार के अन्य लोग ऑटो में सवार होकर गांव बड़ाला के लिए रवाना हो गए और अपने सात साल के बेटे मनदीप को स्टेशन पर ही भूल गए। मां-बाप ना मिलने पर बच्चा प्लेट फार्म एक पर रोता रहा। बाद में जीआरपी पुलिस ने उसे रोता देखकर अपने कब्जे में लिया। बच्चे से नाम -पता पूछा। करीब दो घंटे बाद बच्चे के परिजन उसे ढूंढते हुए जीआरपी चौकी पहुंचे। जीआरपी चौकी के एएसआई धर्मवीर सिंह व महिला हेडकांस्टेबल सुनील ने बच्चे को उसके पिता सतीश के हवाले किया। पिता को अपने सामने देखते ही बच्चे की खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
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भिवानी। पंजाब से आया एक परिवार अपने सात साल के बेटे को जल्दबाजी में बुधवार सुबह रेलवे स्टेशन पर भूलकर चलते बने। बच्चा रेलवे स्टेशन पर रोता रहा। बच्चे को रोता देखकर जीआरपी पुलिस अपने कब्जे में ले लिया। करीब दो घंटे बाद बच्चे के परिजन उसे ढूंढते हुए वापस रेलवे स्टेशन पहुंचे। इसके बाद जीआरपी पुलिस ने बच्चे को परिजनों के हवाले किया।
पंजाब के समाना निवासी सतीश अपने परिवार के साथ बुधवार को किसान एक्सप्रेस में सवार होकर भिवानी पहुंचे। उन्हें भिवानी से गांव बड़ाला जाना था। किसान एक्सप्रेस स्टेशन पर रुकी तो जल्दबाजी में भीड़ से निकल कर सतीश व परिवार के अन्य लोग ऑटो में सवार होकर गांव बड़ाला के लिए रवाना हो गए और अपने सात साल के बेटे मनदीप को स्टेशन पर ही भूल गए। मां-बाप ना मिलने पर बच्चा प्लेट फार्म एक पर रोता रहा। बाद में जीआरपी पुलिस ने उसे रोता देखकर अपने कब्जे में लिया। बच्चे से नाम -पता पूछा। करीब दो घंटे बाद बच्चे के परिजन उसे ढूंढते हुए जीआरपी चौकी पहुंचे। जीआरपी चौकी के एएसआई धर्मवीर सिंह व महिला हेडकांस्टेबल सुनील ने बच्चे को उसके पिता सतीश के हवाले किया। पिता को अपने सामने देखते ही बच्चे की खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
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