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सामान्य अस्पताल को मिले 17 नए डाक्टर
अमर उजाला ब्यूरो/भिवानी
Updated Tue, 20 Oct 2015 12:09 AM IST
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चिकित्सकों की कमी के कारण परेशानियों का सामना कर रहे मरीजों के लिए अच्छी खबर है। सामान्य अस्पताल को 17 नए डाक्टर मिले है। चिकित्सकों ने ज्वाइन कर काम शुरू कर दिया है।
ओपीडी में मरीजों को बेहतर सुविधा देने के लिए जनरल वार्ड शुरू किया गया है। इसके अलावा मैटरनिटी वार्ड में महिलाओं को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं देने के लिए हर शिफ्ट में महिला चिकित्सक की ड्यूटी लगाई गई है। इमरजेंसी में भी अब फिल्ड के डाक्टर नहीं बल्कि सामान्य अस्पताल के चिकित्सकों को लगाया गया है।
सितंबर माह में हुई मेडिकल ऑफिसर की भर्ती में से सामान्य अस्पताल में 17 डाक्टरों ने ज्वाइन कर लिया है। इनमें एक बाल रोग विशेषज्ञ डा. संदीप लाठर है तो एक डिप्लोमा इन टीबी चेस्टर डा. रमन आर्यभट्ट है। एक बाल रोग विशेषज्ञ और बाकी सभी जनरल मेडिकल ऑफिसर है।
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नए डाक्टर मिलने के बाद अब सामान्य अस्पताल में बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने की तैयारी हो गई है। इसी कड़ी में ओपीडी के कमरा नंबर 19 को जनरल ओपीडी कक्ष बनाया गया है। जहां चिकित्सक बैठ सामान्य रोगों के मरीजों का इलाज करेंगे। मैटरनिटी वार्ड को भी अस्पताल प्रशासन ने गंभीरता से लिया है और यहां 24 घंटे डाक्टर की मौजूदगी तय की गई है। यहां नई नियुक्ति महिला चिकित्सकों की ड्यूटी लगाई गई है।
अब नहीं रहेगी चिकित्सक नहीं आने की शिकायत
चिकित्सकों की कमी के चलते विभिन्न सीएचसी, पीएचसी के चिकित्सकों की ड्यूटी इमरजेंसी में लगाई हुई थी। अक्सर ये डाक्टर लेट पहुंचते थे। कई दफा तो ऐसा भी हुआ कि डाक्टर आए ही नहीं। इस कारण मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। अब फिल्ड के सभी चिकित्सकों की इमरजेंसी से ड्यूटी हटा दी गई है और उनकी जगह नए नियुक्त चिकित्सकों की ड्यूटी लगाई गई है। इन्हीं चिकित्सकों की पोस्टमार्टम ड्यूटी लगाई गई है।
हटी घरेलू जिले में पोस्टिंग नहीं होने की शर्त
अक्सर चिकित्सकों के समक्ष घरेलू जिले में पोस्टिंग नहीं दिए जाने की शर्त रखी जाती थी। इस कारण चिकित्सकों को लंबे समय तक किसी अन्य जिलों में नौकरी करनी पड़ती थी। चिकित्सकों की कमी के चलते सरकार ने यह शर्त भी हटा ली है। अब नए नियुक्त चिकित्सकों को घरेलू जिलों में भी पोस्टिंग दी जा रही है। इसके जहां कुछ फायदे है तो कुछ नुकसान भी है। भिवानी में करीब 34 डाक्टरों की भर्ती हुई थी। इनमें से महज 17 ने ज्वाइन किया। चार ट्रांसफर करवा गए और दो के ट्रांसफर तो हो चुके है मगर वे रिलिव नहीं हुए है। बाकी ने अभी ज्वाइन नहीं किया है।
पहले जिला अस्पताल, फिर सब और बाद में सीएचसी-पीएचसी
इस बार की चिकित्सकों की भर्ती में सबसे पहले जिला अस्पताल में बेहतर चिकित्सा सुविधाएं देने पर फोकस किया गया है। नवनियुक्त सभी चिकित्सकों को सामान्य अस्पताल में भर्ती दी गई है। दूसरे चरण में होने वाली भर्ती में सब अस्पतालों में भर्ती होगी और बाद में सीएचसी और पीएचसी पर।
वर्जन::
नवनियुक्त चिकित्सकों में से 17 चिकित्सकों ने अस्पताल में ज्वाइन कर लिया है। उनकी अलग-अलग जगह ड्यूटी लगाई गई है। चिकित्सकों की भर्ती से लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी।
डा. रणदीप सिंह पुनिया, सिविल सर्जन
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ओपीडी में मरीजों को बेहतर सुविधा देने के लिए जनरल वार्ड शुरू किया गया है। इसके अलावा मैटरनिटी वार्ड में महिलाओं को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं देने के लिए हर शिफ्ट में महिला चिकित्सक की ड्यूटी लगाई गई है। इमरजेंसी में भी अब फिल्ड के डाक्टर नहीं बल्कि सामान्य अस्पताल के चिकित्सकों को लगाया गया है।
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सितंबर माह में हुई मेडिकल ऑफिसर की भर्ती में से सामान्य अस्पताल में 17 डाक्टरों ने ज्वाइन कर लिया है। इनमें एक बाल रोग विशेषज्ञ डा. संदीप लाठर है तो एक डिप्लोमा इन टीबी चेस्टर डा. रमन आर्यभट्ट है। एक बाल रोग विशेषज्ञ और बाकी सभी जनरल मेडिकल ऑफिसर है।
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नए डाक्टर मिलने के बाद अब सामान्य अस्पताल में बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने की तैयारी हो गई है। इसी कड़ी में ओपीडी के कमरा नंबर 19 को जनरल ओपीडी कक्ष बनाया गया है। जहां चिकित्सक बैठ सामान्य रोगों के मरीजों का इलाज करेंगे। मैटरनिटी वार्ड को भी अस्पताल प्रशासन ने गंभीरता से लिया है और यहां 24 घंटे डाक्टर की मौजूदगी तय की गई है। यहां नई नियुक्ति महिला चिकित्सकों की ड्यूटी लगाई गई है।
अब नहीं रहेगी चिकित्सक नहीं आने की शिकायत
चिकित्सकों की कमी के चलते विभिन्न सीएचसी, पीएचसी के चिकित्सकों की ड्यूटी इमरजेंसी में लगाई हुई थी। अक्सर ये डाक्टर लेट पहुंचते थे। कई दफा तो ऐसा भी हुआ कि डाक्टर आए ही नहीं। इस कारण मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। अब फिल्ड के सभी चिकित्सकों की इमरजेंसी से ड्यूटी हटा दी गई है और उनकी जगह नए नियुक्त चिकित्सकों की ड्यूटी लगाई गई है। इन्हीं चिकित्सकों की पोस्टमार्टम ड्यूटी लगाई गई है।
हटी घरेलू जिले में पोस्टिंग नहीं होने की शर्त
अक्सर चिकित्सकों के समक्ष घरेलू जिले में पोस्टिंग नहीं दिए जाने की शर्त रखी जाती थी। इस कारण चिकित्सकों को लंबे समय तक किसी अन्य जिलों में नौकरी करनी पड़ती थी। चिकित्सकों की कमी के चलते सरकार ने यह शर्त भी हटा ली है। अब नए नियुक्त चिकित्सकों को घरेलू जिलों में भी पोस्टिंग दी जा रही है। इसके जहां कुछ फायदे है तो कुछ नुकसान भी है। भिवानी में करीब 34 डाक्टरों की भर्ती हुई थी। इनमें से महज 17 ने ज्वाइन किया। चार ट्रांसफर करवा गए और दो के ट्रांसफर तो हो चुके है मगर वे रिलिव नहीं हुए है। बाकी ने अभी ज्वाइन नहीं किया है।
पहले जिला अस्पताल, फिर सब और बाद में सीएचसी-पीएचसी
इस बार की चिकित्सकों की भर्ती में सबसे पहले जिला अस्पताल में बेहतर चिकित्सा सुविधाएं देने पर फोकस किया गया है। नवनियुक्त सभी चिकित्सकों को सामान्य अस्पताल में भर्ती दी गई है। दूसरे चरण में होने वाली भर्ती में सब अस्पतालों में भर्ती होगी और बाद में सीएचसी और पीएचसी पर।
वर्जन::
नवनियुक्त चिकित्सकों में से 17 चिकित्सकों ने अस्पताल में ज्वाइन कर लिया है। उनकी अलग-अलग जगह ड्यूटी लगाई गई है। चिकित्सकों की भर्ती से लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी।
डा. रणदीप सिंह पुनिया, सिविल सर्जन