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दूषित पेयजल और जाम सीवरेज की समस्या पर ढोल बजाकर पार्षदों ने किया हंगामा
Updated Tue, 27 Feb 2018 01:17 AM IST
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दूषित पेयजल और जाम सीवरेज की समस्या पर ढोल बजाकर पार्षदों ने किया हंगामा
भिवानी। शहर की जाम पड़ी सीवरेज व्यवस्था, दूषित पेयजल और कई कालोनियों में पेयजल संकट को लेकर नगर पार्षद भी सड़क पर आने के लिए मजबूर हो गए हैं। सोमवार को 12 पार्षद विरोध स्वरूप ढोल बजाते हुए जनस्वास्थ्य विभाग के कार्यालय पहुंचे और धरना दिया। बात करने आए विभाग के अधीक्षक अभियंता और कार्यकारी अभियंता को जमकर खरीखोटी सुनाई। पार्षदों ने कहा कि विभाग के अधिकारी जनता की तो सुनते नहीं इसलिए अब ढोल बजाकर अधिकारियों के कान खोले जाएंगे। करीब एक घंटे तक पार्षदों ने यहां जमकर हंगामा किया। विधायक घनश्याम सर्राफ ने पार्षदों को अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई करने की बात कहकर शांत करने का प्रयास किया लेकिन नहीं माने। इसके बाद डीसी के कहने पर वहां पहुंचे चेयरमैन रणसिंह यादव ने पार्षदों से इस समस्या के समाधान के लिए 15 दिन का समय मांगते हुए शांत कराया।
नगर में सप्लाई हो रहे दूषित पेयजल संकट और जाम सीवरेज व्यवस्था पर भड़के पार्षदों ने वाइस चेयरमैन मामनचंद के नेतृत्व में अनूठे अंदाज में विरोध जताते हुए अधिकारियों के कान खोलने के लिए जनस्वास्थ्य विभाग में पहुंचे।। पार्षदों ने वहां ढोल बजाकर दूषित पेयजल व जाम सीवरेज व्यवस्था को लेकर अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की। पार्षदों के वहां पहुंचने साथ ही विधायक एवं पूर्व मंत्री घनश्याम दास सर्राफ भी पहुंचे। उन्होंने भी अधिकारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए चेताया। वाइस चेयरमैन मामनचंद, बिल्लू बादशाह, सुभाष तंवर, प्रवीण चावला, बलवान सिंह, मांगेराम, ललित सैनी, सुनीता सहित दो दर्जन पार्षदों ने विभाग के अधीक्षक अभियंता एसएस लोहान व कार्यकारी अधीक्षक अभियंता सुभाष यादव को खरीखोटी सुनाई। करीब एक घंटे तक अधिकारी और पार्षदों के बीच हंगामा हुआ। मामले को भड़कता देखकर सिविल लाइन थाना प्रभारी अजीत सिंह भी टीम के साथ मौके पर पहुंचे।।
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बच्चों के साथ धरना देने की दी चेतावनी
वाइस चेयरमैन मामनचंद और बिल्लू बादशाह ने अधिकारियों से कहा कि जनता ने उन्हें चुनकर भेजा है। जब उनकी ही नहीं सुनी जा रही तो विभाग आम जनता की क्या सुनेगा। उन्होंने दूषित पेयजल समस्या को लेकर अपने बच्चों व वार्ड के लोगों के साथ धरना देने की चेतावनी दी।
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विभाग कार्यालय बना राजनीति अखाड़ा
पार्षद के बिफरने की खबर लगते ही पहले स्थानीय विधायक घनश्याम दास सर्राफ वहां पहुंचे तो उनके पीछे ही कांग्रेस की पूर्व सांसद श्रुति चौधरी भी मौके पर पहुंची। चौधरी ने पार्षदों के आंदोलन में साथ रहने की बात कही। बाद में इनेलो नेता बलदेव घनघस भी वहां पहुंचे और पार्षदों के साथ नारेबाजी की।
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डीसी के कहने पर पहुंचे चेयरमैन ने 15 दिन का समय दे मामला किया शांत
मामला काफी बढ़ने पर उपायुक्त अंशज सिंह के पास सूचना पहुंची तो उन्होंने नप चेयरमैन रणसिंह यादव को वहां जाने के लिए कहा। डीसी के कहने पर पार्षदों के बीच पहुंचे चेयरमैन रणसिंह यादव ने उपायुक्त व जन स्वास्थ्य विभाग अधिकारियों से हुई बात का हवाला देते हुए 15 दिन के अंदर दूषित पेयजल व जाम सीवरेज समस्या का समाधान करवाने का आश्वासन दिया। इसके बाद पार्षद शांत हुए।
जिला परिषद की बैठक : पार्षदों ने चेयरमैन पर लगाया खुद के वार्ड में विकास करने का आरोप
भिवानी। जिला परिषद की मासिक बैठक में पार्षदों ने चेयरमैन रमेश ओला के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए जमकर हंगामा किया। पार्षदों ने परिषद चेयरमैन पर केवल अपने ही वार्ड में पड़ने वाले गांवों में विकास कार्य करवाने का आरोप लगाया। इस बात को लेकर मीटिंग में पार्षदों ने चेयरमैन को जमकर सुनाई। बाद में चेयरमैन ने बिना भेदभाव के काम करवाने की बात कहने पर पार्षद शांत हुए।
पंचायत भवन स्थित जिला परिषद कार्यालय में सोमवार को परिषद चेयरमैन रमेश ओला द्वारा मासिक बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें सरकार द्वारा भेजे गए 6 करोड़ रुपये की राशि के विकास कार्यों का प्रस्ताव होना था। मीटिंग शुरू होते ही इनेलो धड़ के पार्षद नरेंद्र गागड़वास, सुलोचना पोटलिया, मनोज यादव, अजय झोझू, रेनू बाला, बलवान संडवा, मीना देवी, महेंद्र, भूपेंद्र, सुनीता व सुमन ने कहा कि चेयरमैन केवल अपने वार्ड नंबर नौ का विकास करवाने में लगे हैं। अन्य वार्ड के पार्षद बार-बार विकास कार्य करवाने की मांग कर है, लेकिन उनकी अनदेखी कर रहे हैं।
मेज थपथपा कर दी चेतावनी : पार्षद नरेंद्र गागड़वास, सुलोचना पोटलिया व मनोज यादव ने वहां मेज थपथपा कर हंगामा किया। साथ ही कहा कि जब तक बिना भेदभाव के विकास कार्य करवाने की शर्त स्वीकार नहीं की जाएगी तब तक बैठक नहीं चलने दी जाएगी। इसके बाद चेयरमैन रमेश ओला ने पार्षदों से अपने-अपने वार्ड में करवाए जाने वाले कार्याें की लिस्ट लेकर उन्हें पूरा करवा कर उन्हें शांत किया।
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भिवानी। शहर की जाम पड़ी सीवरेज व्यवस्था, दूषित पेयजल और कई कालोनियों में पेयजल संकट को लेकर नगर पार्षद भी सड़क पर आने के लिए मजबूर हो गए हैं। सोमवार को 12 पार्षद विरोध स्वरूप ढोल बजाते हुए जनस्वास्थ्य विभाग के कार्यालय पहुंचे और धरना दिया। बात करने आए विभाग के अधीक्षक अभियंता और कार्यकारी अभियंता को जमकर खरीखोटी सुनाई। पार्षदों ने कहा कि विभाग के अधिकारी जनता की तो सुनते नहीं इसलिए अब ढोल बजाकर अधिकारियों के कान खोले जाएंगे। करीब एक घंटे तक पार्षदों ने यहां जमकर हंगामा किया। विधायक घनश्याम सर्राफ ने पार्षदों को अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई करने की बात कहकर शांत करने का प्रयास किया लेकिन नहीं माने। इसके बाद डीसी के कहने पर वहां पहुंचे चेयरमैन रणसिंह यादव ने पार्षदों से इस समस्या के समाधान के लिए 15 दिन का समय मांगते हुए शांत कराया।
नगर में सप्लाई हो रहे दूषित पेयजल संकट और जाम सीवरेज व्यवस्था पर भड़के पार्षदों ने वाइस चेयरमैन मामनचंद के नेतृत्व में अनूठे अंदाज में विरोध जताते हुए अधिकारियों के कान खोलने के लिए जनस्वास्थ्य विभाग में पहुंचे।। पार्षदों ने वहां ढोल बजाकर दूषित पेयजल व जाम सीवरेज व्यवस्था को लेकर अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की। पार्षदों के वहां पहुंचने साथ ही विधायक एवं पूर्व मंत्री घनश्याम दास सर्राफ भी पहुंचे। उन्होंने भी अधिकारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए चेताया। वाइस चेयरमैन मामनचंद, बिल्लू बादशाह, सुभाष तंवर, प्रवीण चावला, बलवान सिंह, मांगेराम, ललित सैनी, सुनीता सहित दो दर्जन पार्षदों ने विभाग के अधीक्षक अभियंता एसएस लोहान व कार्यकारी अधीक्षक अभियंता सुभाष यादव को खरीखोटी सुनाई। करीब एक घंटे तक अधिकारी और पार्षदों के बीच हंगामा हुआ। मामले को भड़कता देखकर सिविल लाइन थाना प्रभारी अजीत सिंह भी टीम के साथ मौके पर पहुंचे।।
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बच्चों के साथ धरना देने की दी चेतावनी
वाइस चेयरमैन मामनचंद और बिल्लू बादशाह ने अधिकारियों से कहा कि जनता ने उन्हें चुनकर भेजा है। जब उनकी ही नहीं सुनी जा रही तो विभाग आम जनता की क्या सुनेगा। उन्होंने दूषित पेयजल समस्या को लेकर अपने बच्चों व वार्ड के लोगों के साथ धरना देने की चेतावनी दी।
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विभाग कार्यालय बना राजनीति अखाड़ा
पार्षद के बिफरने की खबर लगते ही पहले स्थानीय विधायक घनश्याम दास सर्राफ वहां पहुंचे तो उनके पीछे ही कांग्रेस की पूर्व सांसद श्रुति चौधरी भी मौके पर पहुंची। चौधरी ने पार्षदों के आंदोलन में साथ रहने की बात कही। बाद में इनेलो नेता बलदेव घनघस भी वहां पहुंचे और पार्षदों के साथ नारेबाजी की।
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डीसी के कहने पर पहुंचे चेयरमैन ने 15 दिन का समय दे मामला किया शांत
मामला काफी बढ़ने पर उपायुक्त अंशज सिंह के पास सूचना पहुंची तो उन्होंने नप चेयरमैन रणसिंह यादव को वहां जाने के लिए कहा। डीसी के कहने पर पार्षदों के बीच पहुंचे चेयरमैन रणसिंह यादव ने उपायुक्त व जन स्वास्थ्य विभाग अधिकारियों से हुई बात का हवाला देते हुए 15 दिन के अंदर दूषित पेयजल व जाम सीवरेज समस्या का समाधान करवाने का आश्वासन दिया। इसके बाद पार्षद शांत हुए।
जिला परिषद की बैठक : पार्षदों ने चेयरमैन पर लगाया खुद के वार्ड में विकास करने का आरोप
भिवानी। जिला परिषद की मासिक बैठक में पार्षदों ने चेयरमैन रमेश ओला के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए जमकर हंगामा किया। पार्षदों ने परिषद चेयरमैन पर केवल अपने ही वार्ड में पड़ने वाले गांवों में विकास कार्य करवाने का आरोप लगाया। इस बात को लेकर मीटिंग में पार्षदों ने चेयरमैन को जमकर सुनाई। बाद में चेयरमैन ने बिना भेदभाव के काम करवाने की बात कहने पर पार्षद शांत हुए।
पंचायत भवन स्थित जिला परिषद कार्यालय में सोमवार को परिषद चेयरमैन रमेश ओला द्वारा मासिक बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें सरकार द्वारा भेजे गए 6 करोड़ रुपये की राशि के विकास कार्यों का प्रस्ताव होना था। मीटिंग शुरू होते ही इनेलो धड़ के पार्षद नरेंद्र गागड़वास, सुलोचना पोटलिया, मनोज यादव, अजय झोझू, रेनू बाला, बलवान संडवा, मीना देवी, महेंद्र, भूपेंद्र, सुनीता व सुमन ने कहा कि चेयरमैन केवल अपने वार्ड नंबर नौ का विकास करवाने में लगे हैं। अन्य वार्ड के पार्षद बार-बार विकास कार्य करवाने की मांग कर है, लेकिन उनकी अनदेखी कर रहे हैं।
मेज थपथपा कर दी चेतावनी : पार्षद नरेंद्र गागड़वास, सुलोचना पोटलिया व मनोज यादव ने वहां मेज थपथपा कर हंगामा किया। साथ ही कहा कि जब तक बिना भेदभाव के विकास कार्य करवाने की शर्त स्वीकार नहीं की जाएगी तब तक बैठक नहीं चलने दी जाएगी। इसके बाद चेयरमैन रमेश ओला ने पार्षदों से अपने-अपने वार्ड में करवाए जाने वाले कार्याें की लिस्ट लेकर उन्हें पूरा करवा कर उन्हें शांत किया।