{"_id":"5cbb68bcbdec2214183556bc","slug":"111555785916-bhiwani-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"परमीशन पांचवीं तक, कक्षाएं लगवा रहे थे दसवीं तक की","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
परमीशन पांचवीं तक, कक्षाएं लगवा रहे थे दसवीं तक की
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भिवानी। कलिंगा में पांचवीं तक की परमीशन वाले स्कूल में कक्षा 10 तक की कक्षाएं लगाई जा रही थीं। डीईओ ने टीम के साथ छापा मारकर इस मामले का भंडाफोड़ किया। कार्रवाई के दौरान यहां पढ़ रहे बच्चों की छुट्टी कराकर उन्हें घर भेज दिया गया। डीईओ ने बताया कि पांचवीं से आगे की कक्षा में पढ़ने वाले इस स्कूल के बच्चों को दूसरे स्कूल में शिफ्ट कराया जाएगा।
शिक्षा विभाग के रिकार्ड में जिले में 81 स्कूल बिना मान्यता के चल रहे है। कोर्ट के आदेश पर निदेशक ने इन स्कूलों पर एक्शन के लिए स्थानीय अधिकारियों को निर्देश दिए है। इन्हीं निर्देशों के तहत शुक्रवार से जांच अभियान शुरू किया गया। अभियान के तहत जिला शिक्षा अधिकारी अजीत सिंह स्वयं कलिंगा गांव के एक स्कूल में पहुंचे। जहां करीब साढ़े तीन सौ बच्चे पढ़ रहे थे। जब मान्यता संबंधित जांच की तो स्कूल के पास दो साल की पांचवीं तक की परमिशन मिली। जबकि कक्षाएं 10वीं तक लगी हुई थीं। जिसके बाद स्कूल की छुट्टी करा दी गई। स्कूल संचालकों को हिदायत दी गई कि तीसरी कक्षा तक ही कक्षाएं लगाएं। ऐसे में यहां पढ़ रहे छठी से आठवीं तक के बच्चों के 80 बच्चों के भविष्य पर सवाल खड़े हो गए है। नौंवी और 10 वीं कक्षा में पढ़ने वाले बच्चों का रजिस्ट्रेशन रोहतक जिले के बसाना गांव के किसी सीनियर सेकेंडरी स्कूल में है।
20 स्कूलों की शिकायत पर शिक्षा विभाग ने शुरू की कार्रवाई
स्वास्थ्य, शिक्षा सहयोग संगठन ने चार अप्रैल को सीएम विंडो पर 20 स्कूलों की शिकायत की है कि इनमें निजी प्रकाशकों की पुस्तकें चलाई जा रही हैं। स्कूलों के अंदर ही स्टेशनरी व ड्रेस बेची जा रही है। अपने कमीशन के लिए बुक सेल निर्धारित की हुई है। बच्चों के बैग का वजन निर्धारित वजन से कई गुणा अधिक है। स्थानीय शिक्षा विभाग के अधिकारी आदेशों के प्रति गंभीर नहीं है। सीएम विंडो पर आई इस शिकायत के बाद शिक्षा विभाग के अधिकारी भी एक्टिव हुए और चार-चार प्रिंसिपल की दो टीमें इन 20 स्कूलों के निरीक्षण के लिए बनाई। शुक्रवार से इन स्कूलों के निरीक्षण का कार्य भी शुरू हो गया। टीम ने निरीक्षण के दौरान शिकायतों में से कुछ को सहीं भी पाया। जिसकी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को सौंपी जाएगी। निरीक्षण के दौरान टीम सदस्यों की एक निजी स्कूल संचालक से निरीक्षण को लेकर नोंक-झोंक भी हुई।
विज्ञापन
विज्ञापन
शिक्षा विभाग के रिकार्ड में जिले में 81 स्कूल बिना मान्यता के चल रहे है। कोर्ट के आदेश पर निदेशक ने इन स्कूलों पर एक्शन के लिए स्थानीय अधिकारियों को निर्देश दिए है। इन्हीं निर्देशों के तहत शुक्रवार से जांच अभियान शुरू किया गया। अभियान के तहत जिला शिक्षा अधिकारी अजीत सिंह स्वयं कलिंगा गांव के एक स्कूल में पहुंचे। जहां करीब साढ़े तीन सौ बच्चे पढ़ रहे थे। जब मान्यता संबंधित जांच की तो स्कूल के पास दो साल की पांचवीं तक की परमिशन मिली। जबकि कक्षाएं 10वीं तक लगी हुई थीं। जिसके बाद स्कूल की छुट्टी करा दी गई। स्कूल संचालकों को हिदायत दी गई कि तीसरी कक्षा तक ही कक्षाएं लगाएं। ऐसे में यहां पढ़ रहे छठी से आठवीं तक के बच्चों के 80 बच्चों के भविष्य पर सवाल खड़े हो गए है। नौंवी और 10 वीं कक्षा में पढ़ने वाले बच्चों का रजिस्ट्रेशन रोहतक जिले के बसाना गांव के किसी सीनियर सेकेंडरी स्कूल में है।
विज्ञापन
20 स्कूलों की शिकायत पर शिक्षा विभाग ने शुरू की कार्रवाई
स्वास्थ्य, शिक्षा सहयोग संगठन ने चार अप्रैल को सीएम विंडो पर 20 स्कूलों की शिकायत की है कि इनमें निजी प्रकाशकों की पुस्तकें चलाई जा रही हैं। स्कूलों के अंदर ही स्टेशनरी व ड्रेस बेची जा रही है। अपने कमीशन के लिए बुक सेल निर्धारित की हुई है। बच्चों के बैग का वजन निर्धारित वजन से कई गुणा अधिक है। स्थानीय शिक्षा विभाग के अधिकारी आदेशों के प्रति गंभीर नहीं है। सीएम विंडो पर आई इस शिकायत के बाद शिक्षा विभाग के अधिकारी भी एक्टिव हुए और चार-चार प्रिंसिपल की दो टीमें इन 20 स्कूलों के निरीक्षण के लिए बनाई। शुक्रवार से इन स्कूलों के निरीक्षण का कार्य भी शुरू हो गया। टीम ने निरीक्षण के दौरान शिकायतों में से कुछ को सहीं भी पाया। जिसकी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को सौंपी जाएगी। निरीक्षण के दौरान टीम सदस्यों की एक निजी स्कूल संचालक से निरीक्षण को लेकर नोंक-झोंक भी हुई।
विज्ञापन