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Ambala News: हरियाणा के युवराज की धुआंधार बल्लेबाजी
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आलराउंडर अंबाला छावनी निवासी युवा कप्तान युवराज
- फोटो : संवाद
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अंबाला। पंचकूला के ताऊ देवी लाल स्टेडियम में आयोजित पाइथन गेम्स में हरियाणा और चंडीगढ़ टीम के बीच 50 बॉल्स अंडर-19 क्रिकेट का फाइनल मैच खेला गया। चंडीगढ़ टीम ने यह फाइनल जीत लिया।
इस मैच में हरियाणा की टीम के ऑल राउंडर छावनी निवासी युवा कप्तान युवराज ने इस फाइनल मैच में धुआंधार बल्लेबाजी करते हुए सभी पर धाक जमा ली। यह पाइथन गेम्स 12 से 15 दिसंबर तक आयोजित की थी। इस टूर्नामेंट में भारत के आठ राज्यों की टीमों ने हिस्सा लिया।
सभी मैचों का सीधा प्रसारण यू ट्यूब पर प्रसारित किया गया। इसमें हरियाणा की टीम ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए अपने तीनों मैच जीत कर फाइनल में प्रवेश किया। इस तरह से फाइनल मैच में हरियाणा की टीम उपविजेता रही। इस फाइनल मैच का सीधा प्रसारण डीडी स्पोर्ट्स पर दिखाया। युवराज ने बताया कि बचपन से ही अपने पिताजी क्रिकेट खेलते हुए और घर में टीवी पर मैच देखते हुए देखा। इससे उसकी भी क्रिकेट में दिलचस्पी बढ़ी और खेलना शुरू कर दिया।
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सात साल की उम्र से ही उन्होंने क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया था। शुरुआत अपने पिता विजय कुमार के साथ की। कक्षा 10 तक अंबाला छावनी के कोच मनिंदर , सूर्य प्रकाश , हिमांशु और कक्षा 11-12 से अब तक सतलुज क्रिकेट अकादमी, पंचकूला के कोच मेवा सिंह, सरप्रीत सिंह गिल और साबर अली की मेहनत से आगे बढ़ पाए। उन्होंने बताया कि बड़े भाई आर्यन का भी बहुत बड़ा रोल है, क्योंकि वह दोनों भाई बचपन से साथ साथ क्रिकेट खेल रहे हैं।
उन्होंने बताया कि वह लेफ्ट आर्म ऑर्थोडॉक्स स्पिन गेंदबाजी करते हैं और ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करना पसंद है। आजकल फटाफट क्रिकेट का जमाना है। हर बॉल पर इसमें आपको चौके-छक्के देखने को मिलते हैं। इसमें दर्शकों का खूब मनोरंजन होता है इसलिए 50 बॉल्स क्रिकेट का भविष्य उज्ज्वल है।
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इस मैच में हरियाणा की टीम के ऑल राउंडर छावनी निवासी युवा कप्तान युवराज ने इस फाइनल मैच में धुआंधार बल्लेबाजी करते हुए सभी पर धाक जमा ली। यह पाइथन गेम्स 12 से 15 दिसंबर तक आयोजित की थी। इस टूर्नामेंट में भारत के आठ राज्यों की टीमों ने हिस्सा लिया।
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सभी मैचों का सीधा प्रसारण यू ट्यूब पर प्रसारित किया गया। इसमें हरियाणा की टीम ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए अपने तीनों मैच जीत कर फाइनल में प्रवेश किया। इस तरह से फाइनल मैच में हरियाणा की टीम उपविजेता रही। इस फाइनल मैच का सीधा प्रसारण डीडी स्पोर्ट्स पर दिखाया। युवराज ने बताया कि बचपन से ही अपने पिताजी क्रिकेट खेलते हुए और घर में टीवी पर मैच देखते हुए देखा। इससे उसकी भी क्रिकेट में दिलचस्पी बढ़ी और खेलना शुरू कर दिया।
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सात साल की उम्र से ही उन्होंने क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया था। शुरुआत अपने पिता विजय कुमार के साथ की। कक्षा 10 तक अंबाला छावनी के कोच मनिंदर , सूर्य प्रकाश , हिमांशु और कक्षा 11-12 से अब तक सतलुज क्रिकेट अकादमी, पंचकूला के कोच मेवा सिंह, सरप्रीत सिंह गिल और साबर अली की मेहनत से आगे बढ़ पाए। उन्होंने बताया कि बड़े भाई आर्यन का भी बहुत बड़ा रोल है, क्योंकि वह दोनों भाई बचपन से साथ साथ क्रिकेट खेल रहे हैं।
उन्होंने बताया कि वह लेफ्ट आर्म ऑर्थोडॉक्स स्पिन गेंदबाजी करते हैं और ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करना पसंद है। आजकल फटाफट क्रिकेट का जमाना है। हर बॉल पर इसमें आपको चौके-छक्के देखने को मिलते हैं। इसमें दर्शकों का खूब मनोरंजन होता है इसलिए 50 बॉल्स क्रिकेट का भविष्य उज्ज्वल है।

आलराउंडर अंबाला छावनी निवासी युवा कप्तान युवराज- फोटो : संवाद