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Ambala News: स्कूल के जर्जर भवन में बैठ रहे नौनिहाल
Thu, 12 Oct 2023 01:21 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
Updated Thu, 12 Oct 2023 01:21 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला सिटी। अंबाला खंड वन के रवालों गांव के ग्रामीण उपायुक्त से राजकीय प्राथमिक स्कूल की जर्जर भवन के हालत को लेकर मिले। उपायुक्त ने ग्रामीणों जल्द स्कूल का नया भवन बनवाने का भरोसा दिया।
उपायुक्त कार्यालय पहुंचे ग्रामीण सरपंच गुरमीत सिंह, पंच गुरचरण सिंह, पूर्व सरपंच बलजिंद्र सिंह नंबरदार, पूर्व सरपंच राम सिंह व महिलाओं ने बताया कि बीते फरवरी माह में स्कूल के भवन को कंडम घोषित किया गया था, लेकिन अभी तक न तो इस भवन को गिराया गया और न ही विद्यार्थियों के लिए नया भवन बना। स्कूल पहली से पांचवीं तक के छोटे बच्चे जान जोखिम में डालकर पढ़ाई कर रहे हैं। जिसका बच्चों के कॅरिअर पर भी विरीता असर पड़ा है।
यही नहीं अगर जर्जर भवन गिर जाता है तो विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार कौन है। दरअसल, स्कूल में बैठने लायक दूसरे कमरे न होने के चलते छोटे बच्चों को मजबूरन असुरक्षित कमरों में ही बैठकर पढ़ाई करनी पड़ रही है। नए कमरों के निर्माण के लिए ग्राम पंचायत अभिभावकों के साथ शिक्षा विभाग और पीडब्ल्यूडी के चक्कर काटकर थक चुकी है।
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कोई सुनवाई न होने पर बुधवार को मजबूरन गांव रवालों की पंचायत अभिभावकों के साथ उपायुक्त डॉ. शालीन के समक्ष अपनी मांग लेकर पहुंची। पंच गुरचरण सिंह ने बताया कि उपायुक्त ने उनकी बात को सुना और ग्रामीणों को जल्द स्कूल भवन बनने का आश्वासन दिया। साथ ही पत्र को जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में भेज दिया ताकि इस पर कार्यवाही हो सके।
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अंबाला सिटी। अंबाला खंड वन के रवालों गांव के ग्रामीण उपायुक्त से राजकीय प्राथमिक स्कूल की जर्जर भवन के हालत को लेकर मिले। उपायुक्त ने ग्रामीणों जल्द स्कूल का नया भवन बनवाने का भरोसा दिया।
उपायुक्त कार्यालय पहुंचे ग्रामीण सरपंच गुरमीत सिंह, पंच गुरचरण सिंह, पूर्व सरपंच बलजिंद्र सिंह नंबरदार, पूर्व सरपंच राम सिंह व महिलाओं ने बताया कि बीते फरवरी माह में स्कूल के भवन को कंडम घोषित किया गया था, लेकिन अभी तक न तो इस भवन को गिराया गया और न ही विद्यार्थियों के लिए नया भवन बना। स्कूल पहली से पांचवीं तक के छोटे बच्चे जान जोखिम में डालकर पढ़ाई कर रहे हैं। जिसका बच्चों के कॅरिअर पर भी विरीता असर पड़ा है।
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यही नहीं अगर जर्जर भवन गिर जाता है तो विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार कौन है। दरअसल, स्कूल में बैठने लायक दूसरे कमरे न होने के चलते छोटे बच्चों को मजबूरन असुरक्षित कमरों में ही बैठकर पढ़ाई करनी पड़ रही है। नए कमरों के निर्माण के लिए ग्राम पंचायत अभिभावकों के साथ शिक्षा विभाग और पीडब्ल्यूडी के चक्कर काटकर थक चुकी है।
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कोई सुनवाई न होने पर बुधवार को मजबूरन गांव रवालों की पंचायत अभिभावकों के साथ उपायुक्त डॉ. शालीन के समक्ष अपनी मांग लेकर पहुंची। पंच गुरचरण सिंह ने बताया कि उपायुक्त ने उनकी बात को सुना और ग्रामीणों को जल्द स्कूल भवन बनने का आश्वासन दिया। साथ ही पत्र को जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में भेज दिया ताकि इस पर कार्यवाही हो सके।