फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Ambala News ›   Work will be done on the ground to improve cleanliness ranking

Ambala News: स्वच्छता रैंकिंग में सुधार के लिए धरातल पर होगा काम

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 31 Mar 2025 01:30 AM IST
विज्ञापन
Work will be done on the ground to improve cleanliness ranking
अंबाला। अंबाला छावनी को स्वच्छता के मामले में अव्वल लाने और रैंकिंग में सुधार को लेकर टीम की तैनाती की जाएगी जोकि धरातल पर उतरकर व्यवस्थाओं का जायजा लेगी। टीम ये भी आंकलन करेगी कि वास्तव में साफ-सफाई का काम हो भी रहा है या नहीं। कहीं सफाई कर्मचारी आराम तो नहीं कर रहे। वहीं वार्ड स्तर पर तैनात किए जाने वाले कर्मचारियों की संख्या कितनी है और क्या वो सुबह सभी अपनी ड्यूटी पर उपस्थित होते हैं या नहीं। इसकी भी जांच टीम करेगी।
विज्ञापन

नगर परिषद अधिकारियों के पास इस संबंध में लगातार शिकायतें पहुंच रही थीं। वहीं नवनियुक्त नगर परिषद की अध्यक्ष स्वर्ण कौर के भी संज्ञान में इस समस्या को पार्षदों की तरफ से लाया गया है। ऐसे में अब वार्ड के पार्षद ही सफाई कर्मचारियों की कार्यशैली पर भी नजर रखेंगे कि वो निष्पक्ष रूप से अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं या नहीं। फिर इसकी विस्तृत रिपोर्ट नप अध्यक्ष के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी और इसके आधार पर ही आगामी योजना तैयार की जाएगी कि अंबाला छावनी को किस प्रकार गंदगी मुक्त किया जा सके।
विज्ञापन

डोर-टू-डोर सुविधा का भी जुटाया जाएगा डाटा
दूसरी बड़ी कार्रवाई नगर परिषद अध्यक्ष की तरफ से डोर-टू-डोर सुविधा को लेकर की जाएगी। इस सुविधा का भी आंकलन किया जाएगा। वार्ड स्तर पर पहुंचने वाले वाहनों और कर्मचारियों का भी डाटा एकत्रित किया जाएगा क्योंकि आज भी अंबाला छावनी के 32 वार्डों में कुछ क्षेत्र ऐसे हैं, जहां डोर-टू-डोर सुविधा के कर्मचारी नहीं पहुंच रहे हैं और स्थानीय लोगों को खुद पैसे देकर निजी कर्मचारियों से गंदगी उठवाने का काम करवाना पड़ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

आबादी/क्षेत्रफल बढ़ा, नहीं बढ़े कमचारी
नगर परिषद से प्राप्त जानकारी अनुसार पिछले लगभग तीन-चार वर्षों से सफाई कर्मचारियों की भर्ती नहीं की गई है। आबादी और क्षेत्रफल बढ़ने के बावजूद जितने कर्मचारियों की आवश्यकता वार्ड स्तर पर हो, वो काफी कम है। नगर परिषद के अधीन 32 वार्डों की आबादी लगभग दो लाख 41 हजार है। अंबाला छावनी से रोजाना 110 टन कचरा निकलता है। वहीं सफाई कर्मचारियों की संख्या 403 के करीब है। इसमें 353 पक्के और 50 कच्चे कर्मचारी शामिल हैं। यानि की 600 लोगों की आबादी पर एक सफाई कर्मचारी तैनात है।
सख्ती की आवश्यकता
छावनी में सड़कों पर फैली गंदगी की सबसे बड़ी समस्या डस्टबिन की कमी के कारण है। नगर परिषद के पास एक भी नया डस्टबिन नहीं है। इस कारण जिसका जहां मन करता है, वहां कचरा फैंक कर चला जाता है। यही कारण है कि चौक-चौराहों पर हमेशा गंदगी के ढेर लगे रहते हैं और फिर इसमें बेसहारा गोवंश मुंह मारते रहते हैं।
कैंटोनमेंट से सीख लेने की जरूरत
नगर परिषद को कैंटोनमेंट बोर्ड से सीख लेने की जरूरत है, लेकिन ऐसा करना शायद नगर परिषद के अधिकारियों को पसंद नहीं है। उनका हमेशा तर्क होता है कि क्षेत्रफल और जनसंख्या के हिसाब से बोर्ड की तर्ज पर सुविधाएं उपलब्ध करवाना नामुमकिन है। जबकि कैंटोनमेंट बोर्ड समुचित ढंग से कार्रवाई करते हुए स्थानीय स्तर पर सभी समस्याओं का समाधान करवा रहा है। इसमें चाहे आवारा कुत्तों की नसंबदी का कार्य हो या फिर बेसहारा गोवंश को गौशाला तक पहुंचाने का कार्य जबकि साफ-सफाई को लेकर भी संबंधित विभाग लगातार कार्रवाई में जुटा रहता है।

वार्ड स्तर पर तैनात होने वाले कर्मचारियों को लेकर जानकारी मांगी गई है कि किस वार्ड में कितने कर्मचारी तैनात किए जाते हैं। इसके आंकलन के लिए पार्षदों को निर्देश जाएंगे ताकि धरातल पर इसकी जानकारी मिल सके कि कर्मचारी काम भी कर रहे हैं या नहीं। इसके अलावा कर्मचारियों की संख्या में बढ़ोतरी को लेकर भी जल्द ही प्रस्ताव तैयार किया जाएगा।
स्वर्ण कौर, अध्यक्ष, नप सदर।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed