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Ambala News: बाजारों में मेहंदी रचाने के लिए महिलाओं की लगी कतार
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करवाचौथ से पूर्व संध्या पर छावनी के बजाजा बाजार में उमड़ी लोगों की भीड़। संवाद
करवाचौथ पर उमड़ी भीड़, मट्ठी, फेनी और श्रृंगार के सामान की जमकर खरीदारी
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। करवाचौथ से एक दिन पहले बाजारों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। इस मौके पर हलवाई की दुकानों से लेकर श्रृंगार और बर्तन बाजारों तक महिलाओं की भारी भीड़ उमड़ी रही। सुहागिनों ने व्रत के पारंपरिक बर्तनों, चूड़ियों, करवों और विशेष व्यंजनों की जमकर खरीदारी की। छावनी के हलवाई बाजार, बजाजा बाजार, चौड़ा बाजार, पुरानी सब्जी मंडी, पूल चमेली, बर्तन बाजार, सदर बाजार और गुड़ बाजार समेत अन्य सभी प्रमुख बाजारों में सुबह से खरीदारों का तांता लगा रहा।
बाजार में करवाचौथ के मुख्य पूजन सामग्री यानी करवे की विभिन्न वैरायटी उपलब्ध रहीं। फैंसी मिट्टी का करवा 40 से 50 रुपये और सादा सिंपल करवा 30 रुपये में बिका। वहीं, स्टील के बर्तनों की भी भारी डिमांड रही, जिसमें लोटा, छलनी और प्लेट से युक्त स्टील का करवा सेट 120 रुपये में खूब बिका। इसके अलावा चूड़ियों की दुकानों पर महिलाओं का तांता लगा रहा। कांच की सादी चूड़ियां 50 से 200 रुपये प्रति दर्जन बिकीं। जरकन और वेलवेट की चूड़ियों के साथ-साथ कांच, ब्रास और मेटल में चार कड़ों का सेट 200 से 300 रुपये की रेंज में महिलाओं की पहली पसंद बना रहा।
पैकेजिंग ने ग्राहकों को लुभाया
करवाचौथ के खास मौके पर पारंपरिक व्यंजनों की खरीदारी जोरों पर रही। साहनी मट्ठी वाले की दुकान पर ग्राहकों की भारी भीड़ नजर आई। दुकानदार हरमन साहनी ने बताया कि मेनू कार्ड के अनुसार स्पेशल नमकीन और लाहौरी फीकी मट्ठी 240 रुपये प्रति किलो, मीठी मट्ठी 280 रुपये तथा गुड़ एवं गुड़-चीनी मट्ठी 320 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बिकी। इसके अलावा ब्राउन फेनी 350 रुपये प्रति किलो और शुद्ध देसी घी की फेनी 800 रुपये प्रति किलो के दाम पर उपलब्ध रही। त्योहारी लेन-देन और परंपरा को ध्यान में रखते हुए विशेष मट्ठी टोकरा पैकेजिंग ने ग्राहकों को खूब लुभाया। इसमें 31 पीस मट्ठी टोकरा 1,042 रुपये, 51 पीस मट्ठी टोकरा 1,640 रुपये और 101 पीस मट्ठी टोकरा 3,170 रुपये तक के आकर्षक पैकेटों में बेचा गया।
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राजस्थानी डिजाइन की रही सबसे ज्यादा मांग
बजाजा बाजार में मेहंदी लगवाने के लिए महिलाओं की कतारें लगी रहीं। कारीगर अजीत ने बताया कि महिलाएं अरेबियन, राजस्थानी, मारवाड़ी, सिल्वर और गोल्डन मेहंदी डिजाइन लगवा रही हैं, जिसमें इस बार राजस्थानी डिजाइन की सबसे ज्यादा डिमांड रही। महिलाओं ने अपनी पसंद के अनुसार 500 से लेकर 2100 रुपये तक देकर अपने हाथों पर खूबसूरत कलाकृतियां उकेरवाईं। राजस्थानी मेहंदी इसमें बारीक कारीगरी, चौपड़ के पैटर्न, लहरिया डिजाइन और घूंघट वाली महिला जैसे पारंपरिक मोटिफ्स बनाए गए, जो बेहद शाही और पारंपरिक लुक देते हैं। अरेबियन मेहंदी में मोटी आउटलाइन, बेल और जालीदार पैटर्न वाली यह मेहंदी हाथों पर साफ और आकर्षक दिखती है। मारवाड़ी मेहंदी में करवा, चांद-सूरज, ढोल-शहनाई और कलश जैसे बेहद बारीक और घने डिजाइन कोहनी तक रचे गए। सिल्वर और गोल्डन मेहंदी में पारंपरिक हरी मेहंदी के साथ गोल्डन और सिल्वर ग्लिटर या बॉडी पेंट से आउटलाइन कर इसे ड्रेस से मैच किया गया, जो रात की रोशनी में बेहद चमकता है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। करवाचौथ से एक दिन पहले बाजारों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। इस मौके पर हलवाई की दुकानों से लेकर श्रृंगार और बर्तन बाजारों तक महिलाओं की भारी भीड़ उमड़ी रही। सुहागिनों ने व्रत के पारंपरिक बर्तनों, चूड़ियों, करवों और विशेष व्यंजनों की जमकर खरीदारी की। छावनी के हलवाई बाजार, बजाजा बाजार, चौड़ा बाजार, पुरानी सब्जी मंडी, पूल चमेली, बर्तन बाजार, सदर बाजार और गुड़ बाजार समेत अन्य सभी प्रमुख बाजारों में सुबह से खरीदारों का तांता लगा रहा।
बाजार में करवाचौथ के मुख्य पूजन सामग्री यानी करवे की विभिन्न वैरायटी उपलब्ध रहीं। फैंसी मिट्टी का करवा 40 से 50 रुपये और सादा सिंपल करवा 30 रुपये में बिका। वहीं, स्टील के बर्तनों की भी भारी डिमांड रही, जिसमें लोटा, छलनी और प्लेट से युक्त स्टील का करवा सेट 120 रुपये में खूब बिका। इसके अलावा चूड़ियों की दुकानों पर महिलाओं का तांता लगा रहा। कांच की सादी चूड़ियां 50 से 200 रुपये प्रति दर्जन बिकीं। जरकन और वेलवेट की चूड़ियों के साथ-साथ कांच, ब्रास और मेटल में चार कड़ों का सेट 200 से 300 रुपये की रेंज में महिलाओं की पहली पसंद बना रहा।
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पैकेजिंग ने ग्राहकों को लुभाया
करवाचौथ के खास मौके पर पारंपरिक व्यंजनों की खरीदारी जोरों पर रही। साहनी मट्ठी वाले की दुकान पर ग्राहकों की भारी भीड़ नजर आई। दुकानदार हरमन साहनी ने बताया कि मेनू कार्ड के अनुसार स्पेशल नमकीन और लाहौरी फीकी मट्ठी 240 रुपये प्रति किलो, मीठी मट्ठी 280 रुपये तथा गुड़ एवं गुड़-चीनी मट्ठी 320 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बिकी। इसके अलावा ब्राउन फेनी 350 रुपये प्रति किलो और शुद्ध देसी घी की फेनी 800 रुपये प्रति किलो के दाम पर उपलब्ध रही। त्योहारी लेन-देन और परंपरा को ध्यान में रखते हुए विशेष मट्ठी टोकरा पैकेजिंग ने ग्राहकों को खूब लुभाया। इसमें 31 पीस मट्ठी टोकरा 1,042 रुपये, 51 पीस मट्ठी टोकरा 1,640 रुपये और 101 पीस मट्ठी टोकरा 3,170 रुपये तक के आकर्षक पैकेटों में बेचा गया।
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राजस्थानी डिजाइन की रही सबसे ज्यादा मांग
बजाजा बाजार में मेहंदी लगवाने के लिए महिलाओं की कतारें लगी रहीं। कारीगर अजीत ने बताया कि महिलाएं अरेबियन, राजस्थानी, मारवाड़ी, सिल्वर और गोल्डन मेहंदी डिजाइन लगवा रही हैं, जिसमें इस बार राजस्थानी डिजाइन की सबसे ज्यादा डिमांड रही। महिलाओं ने अपनी पसंद के अनुसार 500 से लेकर 2100 रुपये तक देकर अपने हाथों पर खूबसूरत कलाकृतियां उकेरवाईं। राजस्थानी मेहंदी इसमें बारीक कारीगरी, चौपड़ के पैटर्न, लहरिया डिजाइन और घूंघट वाली महिला जैसे पारंपरिक मोटिफ्स बनाए गए, जो बेहद शाही और पारंपरिक लुक देते हैं। अरेबियन मेहंदी में मोटी आउटलाइन, बेल और जालीदार पैटर्न वाली यह मेहंदी हाथों पर साफ और आकर्षक दिखती है। मारवाड़ी मेहंदी में करवा, चांद-सूरज, ढोल-शहनाई और कलश जैसे बेहद बारीक और घने डिजाइन कोहनी तक रचे गए। सिल्वर और गोल्डन मेहंदी में पारंपरिक हरी मेहंदी के साथ गोल्डन और सिल्वर ग्लिटर या बॉडी पेंट से आउटलाइन कर इसे ड्रेस से मैच किया गया, जो रात की रोशनी में बेहद चमकता है।

करवाचौथ से पूर्व संध्या पर छावनी के बजाजा बाजार में उमड़ी लोगों की भीड़। संवाद