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Ambala News: तू क्यूं नी लाया रै सोने की तगड़ी.. पर थिरके लोग

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 02 Jul 2024 06:22 AM IST
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Why didn't you bring the golden bracelet? People started dancing on it
गुदगुदी जंक्शन द्वारा आयोजित कार्यशाला में लोकनृत्य करतीं प्रतिभागी।
अंबाला सिटी। सोशल ऑर्गेनाइजेशन गुदगुदी जंक्शन समूह कुरुक्षेत्र की अंबाला कार्यकारणी द्वारा सेक्टर 9 के पास लक्ष्मी नगर स्तिथ गीता कुटीर में नि:शुल्क हरियाणवी लोक नृत्य कार्यशाला संपन्न हुई। कार्यक्रम में तू क्यूं नी लाया रै सोने की तगड़ी गीत पर वहां मौजूद सभी के पैर थिरकने पर मजबूर हो गए। इस दौरान कार्यक्रम अधिकारी डॉ.संजय गौतम ने बताया कि सर्वप्रथम अंबाला जिला प्रभारी करमजीत सिंह ने कार्यकारिणी सहित कुरुक्षेत्र से संस्थापक अध्यक्ष चन्द्रमौलि गौड़, संरक्षक जितेंद्र बंसल, वरिष्ठ पदाधिकारी गुलशन ग्रोवर, अमरजीत पांचाल और राज अरोड़ा का स्वागत किया। उसके बाद साध्वी भारती गिरी के सानिध्य में सभी वरिष्ठ पदाधिकारियों ने दीप प्रज्वलित किया।
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इसके बाद सरस्वती वंदना से कार्यक्रम विधिवत शुरू हुआ। अंबाला कार्यकारणी की ओर से पहली बार 10 दिवसीय नि:शुल्क हरियाणवी लोक नृत्य कार्यशाला लगाई गई। इसके समापन अवसर पर प्रशिक्षक बुद्धराम मट्टू के निर्देशन में लोकनृत्य सीख रही सात से 19 वर्ष आयु वर्ग की 24 छात्राओं को प्रमाण पत्र सहित उपहार दिए गए।
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अध्यक्ष ने कहा कि हरियाणा के लोक नृत्य इस राज्य की समृद्ध लोक कथाओं और परंपरा को प्रदर्शित करते हुए लोगों की सांस्कृतिक पृष्ठभूमि को दर्शाते हैं। ये लोक नृत्य लोगों के बीच एकता का भाव पैदा करते हैं। चाहे वह त्योहार, मेले, विवाह, जन्म अथवा फसल के मौसम जैसे समारोह हों। ये लोक नृत्य आनंदित होने के साथ-साथ हरियाणा की सांस्कृतिक विरासत को संभालते हैं।
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इसी श्रृंखला में यह कार्यशाला लगाई गई जिससे छात्राओं को हरियाणवी संस्कृति सीखने का अवसर मिल सके। प्रशिक्षणार्थियों की हरियाणवी लोक नृत्य कला का परीक्षण किया गया। इसमें सीनियर और जूनियर टीमों की सभी छात्राओं का प्रदर्शन बेहतरीन रहा। छात्राओं के प्रस्तुत किए गए मयूर नृत्य, ना कर मिट्ठी मिट्ठी बात आदि ने समां बांधा। सभी पदाधिकारियों और सहयोगियों को स्मृति चिन्ह और दोशाला प्रदान किया गया। इस अवसर पर डॉ. एस पी त्रिपाठी, शशिकला, रविंद्र कौर, राजेंद्र शर्मा भी मौजूद रहे।
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