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गिरफ्तारी करने नहीं, नोटिस देने गए थे : गुलशन
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बराड़ा। सोशल मीडिया पर बराड़ा थाना प्रभारी गुलशन कुमार के वीडियो में उन्होंने कहा कि उन्होंने ना किसी को धमकाया है और ना ही किसी से वीडियो वायरल पर बोले थाना प्रभारी- किसी को धमकाया ना दुर्व्यवहार किया। वह तो केवल नोटिस देने गए थे ना कि गिरफ्तार करने।
उल्लेखनीय है कि सोशल मीडिया पर एक वीडियो चल रहा है। इसमें दिखाया कि बराड़ा थाना प्रभारी सरांवा की टपरियां में संजीव के घर जाकर उन्हें धमका रहे हैं। इस वीडियो में कुछ शब्द में बीप की आवाज आ रही है, जिसे बताया जा रहा है कि उन्होंने संजीव को धमकाया, लेकिन थाना प्रभारी ने यह वीडियो ओरिजनल दिखाते हुए कहा कि उन्होंने उन्हें केवल समझाया ना कि धमकाया।
थाना प्रभारी गुलशन कुमार ने कहा कि मिल्क शेखां निवासी संजीव कुमार ने सरांवा की टपरियां निवासी राजेश गोरा, उसकी पत्नी, माता-पिता और भाई संजीव के खिलाफ धोखाधड़ी की शिकायत एसपी को दी थी। इसके बाद एसपी ने मामले की जांच बराड़ा थाना को सौंप दी थी। बराड़ा थाना पुलिस ने 17 अप्रैल को मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। आरोप था कि संजीव मिल्कशेखां से 15 लाख रुपए लिए और एक प्लॉट देने और हर महीने डेढ़ लाख रुपए देने की बात कही। आरोपियों ने ना तो प्लाट दिया और ना ही पैसे वापिस किए। इस पर संजीव मिल्कशेखां ने उसकी शिकायत की।
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इस मामले में मुख्य आरोपी राजेश गौरा इस समय अंबाला जेल में है। इसके बाद शिकायतकर्ता ने उनपर लगातार दबाव बनाया कि राजेश गौरा की पत्नी समेत अन्य आरोपियों को भी शीघ्र गिरफ्तार किया जाए। गत 12 जून को थाना प्रभारी गुलशन कुमार अपनी एक महिला एवं एक पुरुष पुलिसकर्मी के साथ सरावां की टपरियां गए। जब हम गांव में पहुंचे तो राजेश का भाई संजीव हमें देखकर भागने लगा तो पुलिसकर्मी ने उसे पकड़कर नाम पूछा तो उसने अपना नाम गलत बताया। इसी दौरान उसकी मां व अन्य सदस्यों ने घर में शोर मचाना शुरू कर दिया।
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उल्लेखनीय है कि सोशल मीडिया पर एक वीडियो चल रहा है। इसमें दिखाया कि बराड़ा थाना प्रभारी सरांवा की टपरियां में संजीव के घर जाकर उन्हें धमका रहे हैं। इस वीडियो में कुछ शब्द में बीप की आवाज आ रही है, जिसे बताया जा रहा है कि उन्होंने संजीव को धमकाया, लेकिन थाना प्रभारी ने यह वीडियो ओरिजनल दिखाते हुए कहा कि उन्होंने उन्हें केवल समझाया ना कि धमकाया।
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थाना प्रभारी गुलशन कुमार ने कहा कि मिल्क शेखां निवासी संजीव कुमार ने सरांवा की टपरियां निवासी राजेश गोरा, उसकी पत्नी, माता-पिता और भाई संजीव के खिलाफ धोखाधड़ी की शिकायत एसपी को दी थी। इसके बाद एसपी ने मामले की जांच बराड़ा थाना को सौंप दी थी। बराड़ा थाना पुलिस ने 17 अप्रैल को मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। आरोप था कि संजीव मिल्कशेखां से 15 लाख रुपए लिए और एक प्लॉट देने और हर महीने डेढ़ लाख रुपए देने की बात कही। आरोपियों ने ना तो प्लाट दिया और ना ही पैसे वापिस किए। इस पर संजीव मिल्कशेखां ने उसकी शिकायत की।
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इस मामले में मुख्य आरोपी राजेश गौरा इस समय अंबाला जेल में है। इसके बाद शिकायतकर्ता ने उनपर लगातार दबाव बनाया कि राजेश गौरा की पत्नी समेत अन्य आरोपियों को भी शीघ्र गिरफ्तार किया जाए। गत 12 जून को थाना प्रभारी गुलशन कुमार अपनी एक महिला एवं एक पुरुष पुलिसकर्मी के साथ सरावां की टपरियां गए। जब हम गांव में पहुंचे तो राजेश का भाई संजीव हमें देखकर भागने लगा तो पुलिसकर्मी ने उसे पकड़कर नाम पूछा तो उसने अपना नाम गलत बताया। इसी दौरान उसकी मां व अन्य सदस्यों ने घर में शोर मचाना शुरू कर दिया।