{"_id":"61f03cc0ee6ff472ef68c9b2","slug":"we-are-building-the-future-of-poor-children-by-giving-scholarship-ambala-news-knl9709390","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्कॉलरशिप देकर गढ़ रहेे हैं गरीब बच्चों का भविष्य","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्कॉलरशिप देकर गढ़ रहेे हैं गरीब बच्चों का भविष्य
विज्ञापन
तरुण अग्रवाल
अंबाला। प्रो. वीर सेन विनय मल्होत्रा ट्रस्ट के प्रमुख डॉ. विनय कुमार मल्होत्रा स्कॉलरशिप देकर गरीब बच्चों का भविष्य गढ़ रहे हैं। वह जरूरतमंद बच्चों को मदद के लिए हर साल 50 हजार रुपये तक की स्कॉलरशिप प्रदान कर रहे हैं। अब तक वह अपनी ओर से सैकड़ों बच्चों को आर्थिक सहायता प्रदान कर चुके हैं। इनमें खासतौर पर वे बच्चे हैं जिनके लिए स्कूल की फीस जमा करना चुनौती रहता है।
गरीब तबके के बच्चों की पढ़ाई में मदद करने में ही नहीं बल्कि खेलों को बढ़ावा देने की दिशा में भी वह सक्रिय भूमिका निभाते हैं। पिछले दिनों साहा में हुई रस्सी कूद प्रतियोगिता को करवाने में उनकी ओर से आर्थिक मदद की गई। डॉ. मल्होत्रा रोटरी क्लब की ओर से संचालित स्नेह स्पर्श योजना के मुख्य सदस्य हैं। इसके तहत कैंसर पीड़ितों तक आर्थिक व अन्य माध्यमों से सहायता पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है। इसके अलावा अन्य माध्यमों से भी वह समाज सेवा से जुड़े कार्यों में लगे हुए हैं। संवाद
2015 में मनाया था प्रो. वीन सेन विनय मल्होत्रा ट्रस्ट
डॉ. विनय मल्होत्रा ने बताया कि वह शुरू से समाज की भलाई के लिए कार्य करते आ रहे हैं। 2014 में सेवानिवृत्त होने के बाद उन्हें महसूस हुआ है कि समाजसेवा से जुड़े कार्यों को बढ़ाने के लिए ट्रस्ट का होना भी जरूरी है। उसी को देखते हुए उन्होंने 2015 में प्रो. वीर सेन विनय मल्होत्रा ट्रस्ट की स्थापना की। इसके बाद से ही उन्होंने समाज की भलाई से जुड़े कार्यों को तेज कर दिया। बताया कि उनकी ओर से प्रतिवर्ष कम से कम 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता जरूरतमंद बच्चों की फीस के लिए दी जाती है। इसके अलावा दिव्यांग बच्चों की कला को निखारने के लिए समय समय पर विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन कराया जाता है और 26 जनवरी को ही ऐसी एक प्रतियोगिता का आयोजन उनकी ओर से करवाया जाएगा।
विज्ञापन
आईएएस प्रतियोगिताओं की तैयारी के लिए लिखते हैं किताबें
डॉ. विनय मल्होत्रा ने बताया उनकी आईएएस की तैयारी के संबंध में भी किताबें प्रकाशित हुई है। वह मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय संबंध पर किताबें लिखते हैं और आईएएस में होने वाली परीक्षा में इस विषय से जुड़ा 100 नंबर के प्रश्न आते हैं। इसके अलावा उनकी ओर से कविताओं व अन्य विषयों से जुड़ी किताबें भी प्रकाशित हुई है।
विज्ञापन
अंबाला। प्रो. वीर सेन विनय मल्होत्रा ट्रस्ट के प्रमुख डॉ. विनय कुमार मल्होत्रा स्कॉलरशिप देकर गरीब बच्चों का भविष्य गढ़ रहे हैं। वह जरूरतमंद बच्चों को मदद के लिए हर साल 50 हजार रुपये तक की स्कॉलरशिप प्रदान कर रहे हैं। अब तक वह अपनी ओर से सैकड़ों बच्चों को आर्थिक सहायता प्रदान कर चुके हैं। इनमें खासतौर पर वे बच्चे हैं जिनके लिए स्कूल की फीस जमा करना चुनौती रहता है।
गरीब तबके के बच्चों की पढ़ाई में मदद करने में ही नहीं बल्कि खेलों को बढ़ावा देने की दिशा में भी वह सक्रिय भूमिका निभाते हैं। पिछले दिनों साहा में हुई रस्सी कूद प्रतियोगिता को करवाने में उनकी ओर से आर्थिक मदद की गई। डॉ. मल्होत्रा रोटरी क्लब की ओर से संचालित स्नेह स्पर्श योजना के मुख्य सदस्य हैं। इसके तहत कैंसर पीड़ितों तक आर्थिक व अन्य माध्यमों से सहायता पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है। इसके अलावा अन्य माध्यमों से भी वह समाज सेवा से जुड़े कार्यों में लगे हुए हैं। संवाद
विज्ञापन
2015 में मनाया था प्रो. वीन सेन विनय मल्होत्रा ट्रस्ट
डॉ. विनय मल्होत्रा ने बताया कि वह शुरू से समाज की भलाई के लिए कार्य करते आ रहे हैं। 2014 में सेवानिवृत्त होने के बाद उन्हें महसूस हुआ है कि समाजसेवा से जुड़े कार्यों को बढ़ाने के लिए ट्रस्ट का होना भी जरूरी है। उसी को देखते हुए उन्होंने 2015 में प्रो. वीर सेन विनय मल्होत्रा ट्रस्ट की स्थापना की। इसके बाद से ही उन्होंने समाज की भलाई से जुड़े कार्यों को तेज कर दिया। बताया कि उनकी ओर से प्रतिवर्ष कम से कम 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता जरूरतमंद बच्चों की फीस के लिए दी जाती है। इसके अलावा दिव्यांग बच्चों की कला को निखारने के लिए समय समय पर विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन कराया जाता है और 26 जनवरी को ही ऐसी एक प्रतियोगिता का आयोजन उनकी ओर से करवाया जाएगा।
विज्ञापन
आईएएस प्रतियोगिताओं की तैयारी के लिए लिखते हैं किताबें
डॉ. विनय मल्होत्रा ने बताया उनकी आईएएस की तैयारी के संबंध में भी किताबें प्रकाशित हुई है। वह मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय संबंध पर किताबें लिखते हैं और आईएएस में होने वाली परीक्षा में इस विषय से जुड़ा 100 नंबर के प्रश्न आते हैं। इसके अलावा उनकी ओर से कविताओं व अन्य विषयों से जुड़ी किताबें भी प्रकाशित हुई है।