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मिल्क प्लांट : जगह चिह्नित करने वाली शिफ्टिंग कमेटी रद करने की मांग
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अंबाला शहर में वीटा मिल्क प्लांट।
अंबाला सिटी। शहर के वीटा मिल्क प्लांट की शिफ्टिंग के लिए सहकारी नियमों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए द अंबाला जिला कोऑपरेटिव मिल्क प्रोड्यूसर यूनियन लिमिटेड के चेयरमैन और निदेशकों ने सवाल खड़े किए।
चेयरमैन और निदेशकों ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। इस पत्र में प्लांट की शिफ्टिंग के लिए जगह चिह्नित करने के लिए बनी कमेटी को रद्द करने की मांग की है। इस कमेटी में बोर्ड चेयरमैन और निदेशकों को शामिल करने के लिए कहा है। यही नहीं बोर्ड चेयरमैन और निदेशकों ने कहा कि अगर उनकी अनदेखी की तो वे वीटा मिल्क प्लांट को बचाने के लिए हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में भी लड़ेंगे। बता दें कि इस बारे में पहले भी चेयरमैन और बोर्ड निदेशक विरोध जता चुके हैं। बोर्ड में चेयरमैन समेत नौ निदेशक है।
अनुबंध के कर्मचारी शामिल किए
पत्र में कहा कि 28 जुलाई 2023 को हरियाणा डेयरी पंचकूला प्रबंधक निदेशक की ओर से प्लांट की शिफ्टिंग के लिए जगह चिह्नित करने के लिए जो कमेटी बनाई है, वह भी गैरकानूनी और असंवैधानिक है, क्योंकि उसके जो चार सदस्य बनाए हैं, उनमें से एक कर्मचारी अनुबंध का है और दूसरा दो वर्ष पहले सेवानिवृत्त हो चुका है और अब अनुबंध पर है।
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सहमति को भी ठहराया गलत
अनुबंध कमेटी ने रिपोर्ट बनाकर बिना किसी चेयरमैन और निदेशक से बिना परामर्श किए नौ अगस्त को अपने पत्र से गांव बलाना और सुल्लर में दो करोड से अढ़ाई करोड़ प्रति एकड़ के हिसाब से प्लांट लगाने के लिए सहमति देकर रिपोर्ट प्रबंधक निदेशक एचडीडीसीएफ पंचकूला को भेज दी, जोकि गलत है। कई जगह प्लांट लगाने के लिए 70 लाख से लेकर एक करोड़ प्रति एकड़ के हिसाब से जमीन मिल सकती है, जबकि ऐसी जमीन को अनदेखा किया है, क्योंकि मिल्क यूनियन अंबाला सहकारी स्वायत निकाय संस्था है। इसलिए जगह चिह्नित के लिए चेयरमैन और निदेशकों को शामिल किया जाना जरूरी था। इसमें सहकारी नियमों को अनदेखा किया।
चेयरमैन और निदेशकों की असहमति
दुग्ध संघ अंबाला के निदेशक मंडल की 24 अगस्त 2022 को बैठक हुई। जिसमें बोर्ड के सभी 9 सदस्य शामिल हुए और प्लांट को शिफ्टिंग के लिए उपरोक्त एजेंडे पर चर्चा हुई और चर्चा में संघ के चेयरमैन जयपाल, सदस्य परमजीत सिंह, छज्जूराम, कर्म सिंह और महिंद्र सिंह ने प्लांट को यहां से शिफ्टिंग के लिए अपनी असहमति जताई और कहा कि यह जगह सही है, क्योंकि यह शहर के बाहर जीटी रोड पर स्थित है, लेकिन यह सब कार्यवाही में न लिखकर प्लांट शिफ्टिंग को बहुमत से पास होना दर्शाया गया, जोकि न्यायोचित नहीं है और अब तक कुछ निदेशकों के पास कार्यवाही पुष्टि की कॉपी भी नहीं मिली है। इसलिए ऐजेंडे को निरस्त किया जाए और इस ऐजेंडे को आगामी बैठक के लिए रखा जाए।
प्लांट की शिफ्टिंग के लिए जगह चिह्नित करने के लिए बनाई कमेटी असंवैधानिक है। इसे रद्द किया जाए। कमेटी से अनुबंध के कर्मचारियों को बाहर कर बोर्ड चेयरमैन और निदेशकों को शामिल किया जाए। यह काम बोर्ड देखेगा कि प्लांट कहां शिफ्ट होगा। अगर जरूरत पड़ी तो हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में भी जाएंगे। बोर्ड में चेयरमैन समेत नौ निदेशक हैं। सरकार को पत्र लिखा है।
परमजीत सिंह बड़ौला, बोर्ड निदेशक, द अंबाला जिला कोऑपरेटिव मिल्क प्रोड्यूसर यूनियन लिमिटेड।
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चेयरमैन और निदेशकों ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। इस पत्र में प्लांट की शिफ्टिंग के लिए जगह चिह्नित करने के लिए बनी कमेटी को रद्द करने की मांग की है। इस कमेटी में बोर्ड चेयरमैन और निदेशकों को शामिल करने के लिए कहा है। यही नहीं बोर्ड चेयरमैन और निदेशकों ने कहा कि अगर उनकी अनदेखी की तो वे वीटा मिल्क प्लांट को बचाने के लिए हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में भी लड़ेंगे। बता दें कि इस बारे में पहले भी चेयरमैन और बोर्ड निदेशक विरोध जता चुके हैं। बोर्ड में चेयरमैन समेत नौ निदेशक है।
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अनुबंध के कर्मचारी शामिल किए
पत्र में कहा कि 28 जुलाई 2023 को हरियाणा डेयरी पंचकूला प्रबंधक निदेशक की ओर से प्लांट की शिफ्टिंग के लिए जगह चिह्नित करने के लिए जो कमेटी बनाई है, वह भी गैरकानूनी और असंवैधानिक है, क्योंकि उसके जो चार सदस्य बनाए हैं, उनमें से एक कर्मचारी अनुबंध का है और दूसरा दो वर्ष पहले सेवानिवृत्त हो चुका है और अब अनुबंध पर है।
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सहमति को भी ठहराया गलत
अनुबंध कमेटी ने रिपोर्ट बनाकर बिना किसी चेयरमैन और निदेशक से बिना परामर्श किए नौ अगस्त को अपने पत्र से गांव बलाना और सुल्लर में दो करोड से अढ़ाई करोड़ प्रति एकड़ के हिसाब से प्लांट लगाने के लिए सहमति देकर रिपोर्ट प्रबंधक निदेशक एचडीडीसीएफ पंचकूला को भेज दी, जोकि गलत है। कई जगह प्लांट लगाने के लिए 70 लाख से लेकर एक करोड़ प्रति एकड़ के हिसाब से जमीन मिल सकती है, जबकि ऐसी जमीन को अनदेखा किया है, क्योंकि मिल्क यूनियन अंबाला सहकारी स्वायत निकाय संस्था है। इसलिए जगह चिह्नित के लिए चेयरमैन और निदेशकों को शामिल किया जाना जरूरी था। इसमें सहकारी नियमों को अनदेखा किया।
चेयरमैन और निदेशकों की असहमति
दुग्ध संघ अंबाला के निदेशक मंडल की 24 अगस्त 2022 को बैठक हुई। जिसमें बोर्ड के सभी 9 सदस्य शामिल हुए और प्लांट को शिफ्टिंग के लिए उपरोक्त एजेंडे पर चर्चा हुई और चर्चा में संघ के चेयरमैन जयपाल, सदस्य परमजीत सिंह, छज्जूराम, कर्म सिंह और महिंद्र सिंह ने प्लांट को यहां से शिफ्टिंग के लिए अपनी असहमति जताई और कहा कि यह जगह सही है, क्योंकि यह शहर के बाहर जीटी रोड पर स्थित है, लेकिन यह सब कार्यवाही में न लिखकर प्लांट शिफ्टिंग को बहुमत से पास होना दर्शाया गया, जोकि न्यायोचित नहीं है और अब तक कुछ निदेशकों के पास कार्यवाही पुष्टि की कॉपी भी नहीं मिली है। इसलिए ऐजेंडे को निरस्त किया जाए और इस ऐजेंडे को आगामी बैठक के लिए रखा जाए।
प्लांट की शिफ्टिंग के लिए जगह चिह्नित करने के लिए बनाई कमेटी असंवैधानिक है। इसे रद्द किया जाए। कमेटी से अनुबंध के कर्मचारियों को बाहर कर बोर्ड चेयरमैन और निदेशकों को शामिल किया जाए। यह काम बोर्ड देखेगा कि प्लांट कहां शिफ्ट होगा। अगर जरूरत पड़ी तो हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में भी जाएंगे। बोर्ड में चेयरमैन समेत नौ निदेशक हैं। सरकार को पत्र लिखा है।
परमजीत सिंह बड़ौला, बोर्ड निदेशक, द अंबाला जिला कोऑपरेटिव मिल्क प्रोड्यूसर यूनियन लिमिटेड।