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Ambala News: तीन साल से पहले नहीं बदलेंगे वाहनों के नंबर
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अंबाला छावनी के उपमंडल कार्यालय स्थित अंत्योदय सरल केंद्र में काम करवाते लोग। संवाद
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अंबाला। वीआईपी नंबर लेने को अब दलालों की ओर से लगाई जाने वाली ऊंची बोली से लोगों को राहत मिलेगी। परिवहन विभाग इसकी तैयारियां कर रहा है। परिवहन विभाग जल्द ही तीन साल तक वीआईपी नंबरों के स्थानांतरण पर रोक लगा सकता है।
इसके तहत एक बार वीआईपी नंबर लिया तो तीन साल से पहले वह किसी और को जारी नहीं होगा। अक्सर देखा गया है कि दलाल नंबर लेकर आगे ऊंचे दामों पर लोगों को बेचते हैं। इसी पर विभाग सख्ती करने की तैयारी में है। विभागीय कर्मचारी अब उच्चाधिकारियों का आदेश आने का इंतजार कर रहे हैं।
एक सीरिज में 250 वीआईपी नंबर
वाहनों के नंबर की सीरीज 0001 में 9999 तक नंबर होते हैं। इसमें करीब 250 वीआईपी नंबर होते हैं। यह वीआईपी नंबर 70 हजार रुपये लेकर 16 लाख रुपये तक में मिलते हैं। कुछ समय पहले 0001 वीआईपी नंबर 16 लाख रुपये, 0007 और 0009 नंबर पांच लाख रुपये में ऑनलाइन बिका था। वीआईपी नंबर की जब विभाग ऑनलाइन बोली करता है तो दलाल पहले ही वीआईपी नंबर को चयनित कर शुरुआती बोली लाखों में ले जाते हैं। जिससे आम लोग अधिक रुपये देखकर बोली से पीछे हट जाते हैं और आसानी से वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर दलाल का हो जाता है। इसके बाद लोग जब दलाल से वीआईपी नंबर लेने की मांग करते हैं तो वह ऊंचे दामों पर अपने तरीके से नंबर बेच देता है। जबकि किसी भी वीआईपी नंबर की हर सप्ताह 51 हजार रुपये से बोली होती है।
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वीआईपी नंबर लेने की यह है प्रक्रिया
परिवहन मंत्रालय की वेबसाइट हरियाणा फैंसी नंबर नाम के पोर्टल पर जाकर आवेदक को रजिस्टर्ड करना होगा। यह पोर्टल हर शुक्रवार सुबह 12 बजे से लेकर सोमवार सुबह नौ बजे तक लाइव रहता है। इस दौरान आवेदक को पोर्टल पर जाकर वीआईपी नंबर चुनना होता है। नंबर चुनने के बाद सोमवार नौ बजे से लेकर बुधवार शाम पांच बजे तक बोली प्रक्रिया में भाग लेना होता है। बोली प्रक्रिया में जीतने के बाद आवेदक को वीआईपी नंबर अलॉट हो जाता है। जिसे आवेदक भुगतान करने नंबर प्राप्त करता है। जबकि भुगतान करने की समय सीमा पांच दिन तक होती है। ऐसे में अगर आवेदक ने पांच दिन में भुगतान नही किया तो वह वीआईपी नंबर एक सप्ताह के बाद दोबारा से पोर्टल पर आ जाता है।
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इसके तहत एक बार वीआईपी नंबर लिया तो तीन साल से पहले वह किसी और को जारी नहीं होगा। अक्सर देखा गया है कि दलाल नंबर लेकर आगे ऊंचे दामों पर लोगों को बेचते हैं। इसी पर विभाग सख्ती करने की तैयारी में है। विभागीय कर्मचारी अब उच्चाधिकारियों का आदेश आने का इंतजार कर रहे हैं।
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एक सीरिज में 250 वीआईपी नंबर
वाहनों के नंबर की सीरीज 0001 में 9999 तक नंबर होते हैं। इसमें करीब 250 वीआईपी नंबर होते हैं। यह वीआईपी नंबर 70 हजार रुपये लेकर 16 लाख रुपये तक में मिलते हैं। कुछ समय पहले 0001 वीआईपी नंबर 16 लाख रुपये, 0007 और 0009 नंबर पांच लाख रुपये में ऑनलाइन बिका था। वीआईपी नंबर की जब विभाग ऑनलाइन बोली करता है तो दलाल पहले ही वीआईपी नंबर को चयनित कर शुरुआती बोली लाखों में ले जाते हैं। जिससे आम लोग अधिक रुपये देखकर बोली से पीछे हट जाते हैं और आसानी से वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर दलाल का हो जाता है। इसके बाद लोग जब दलाल से वीआईपी नंबर लेने की मांग करते हैं तो वह ऊंचे दामों पर अपने तरीके से नंबर बेच देता है। जबकि किसी भी वीआईपी नंबर की हर सप्ताह 51 हजार रुपये से बोली होती है।
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वीआईपी नंबर लेने की यह है प्रक्रिया
परिवहन मंत्रालय की वेबसाइट हरियाणा फैंसी नंबर नाम के पोर्टल पर जाकर आवेदक को रजिस्टर्ड करना होगा। यह पोर्टल हर शुक्रवार सुबह 12 बजे से लेकर सोमवार सुबह नौ बजे तक लाइव रहता है। इस दौरान आवेदक को पोर्टल पर जाकर वीआईपी नंबर चुनना होता है। नंबर चुनने के बाद सोमवार नौ बजे से लेकर बुधवार शाम पांच बजे तक बोली प्रक्रिया में भाग लेना होता है। बोली प्रक्रिया में जीतने के बाद आवेदक को वीआईपी नंबर अलॉट हो जाता है। जिसे आवेदक भुगतान करने नंबर प्राप्त करता है। जबकि भुगतान करने की समय सीमा पांच दिन तक होती है। ऐसे में अगर आवेदक ने पांच दिन में भुगतान नही किया तो वह वीआईपी नंबर एक सप्ताह के बाद दोबारा से पोर्टल पर आ जाता है।