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कांग्रेस की फूट की भेंट चढ़ी वाल्मीकि की जनसभाएं
ब्यूरो्\अमर उजाला, अंबाला सिटी
Updated Fri, 04 Apr 2014 01:09 AM IST
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वीरवार को अंबाला शहर में कांग्रेस प्रत्याशी राजकुमार वाल्मीकि की जनसभाएं कांग्रेसियों की फूट की भेंट चढ़ गईं। राजकुमार वाल्मीकि की जनसभाओं का कांग्रेस के जिला अध्यक्ष हरीश सासन व महिला कांग्रेस अध्यक्ष और उनके समर्थकों ने पूरी तरह बायकाट किया।
कांग्रेसियों में घमासान प्रत्याशी की जीत की राह में रोड़ा अटका सकती है। दरअसल, वीरवार को अंबाला शहर के विभिन्न इलाकों में कांग्रेस प्रत्याशी राजकुमार वाल्मीकि की जनसभाएं थी।
विभिन्न वार्डों के पार्षदों ने उनकी जनसभाएं रखी थी। ये पार्षद पहले शहर विधायक विनोद शर्मा के समर्थक थे। लेकिन ये पार्षद राजकुमार वाल्मीकि को समर्थन देकर मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के खेमे में शामिल होना चाहते हैं।
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इसी के चलते पार्षदों ने अपने वार्डों में राजकुमार वाल्मीकि की जनसभाएं तो रखीं, लेकिन जिलाध्यक्ष हरीश सासन व महिला कांग्रेस को न्योता ही नहीं दिया।
सासन का बलदेव नगर कैंप में अच्छा रसूख है। वह कई बार पार्षद का चुनाव जीत चुके हैं और नगर परिषद के चेयरमैन भी रह चुके हैं।
लेकिन सासन और महिला अध्यक्ष दोनों सैलजा के खेमे के हैं। इसलिए पार्षदों ने उन्हें अपनी जनसभाओं से दूर ही रखा।
उधर, पार्षदों ने ये भी योजना बना रखी थी कि यदि जिलाध्यक्ष सासन व महिला अध्यक्ष व उनकी टीम किसी तरह जनसभाओं में पहुंच भी जाती हैं, तो उन्हें कांग्रेस प्रत्याशी राजकुमार वाल्मीकि के साथ मंच पर नहीं बिठाया जाएगा।
सूत्र बताते हैं कि अपनी होने वाली इस बेइज्जती का एहसास सासन को पहले ही हो गया था, इसलिए सासन समर्थकों के साथ शहर में राजकुमार वाल्मीकि की जनसभाओं से दूर ही रहे।
दूसरी ओर, कांग्रेस प्रत्याशी राजकुमार वाल्मीकि भी गुटबाजी को जनसभाओं में भांप तो गए, मगर चुनाव का नाजुक दौर होने की वजह से वह इसे इगनोर कर गए।
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कांग्रेसियों में घमासान प्रत्याशी की जीत की राह में रोड़ा अटका सकती है। दरअसल, वीरवार को अंबाला शहर के विभिन्न इलाकों में कांग्रेस प्रत्याशी राजकुमार वाल्मीकि की जनसभाएं थी।
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विभिन्न वार्डों के पार्षदों ने उनकी जनसभाएं रखी थी। ये पार्षद पहले शहर विधायक विनोद शर्मा के समर्थक थे। लेकिन ये पार्षद राजकुमार वाल्मीकि को समर्थन देकर मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के खेमे में शामिल होना चाहते हैं।
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इसी के चलते पार्षदों ने अपने वार्डों में राजकुमार वाल्मीकि की जनसभाएं तो रखीं, लेकिन जिलाध्यक्ष हरीश सासन व महिला कांग्रेस को न्योता ही नहीं दिया।
सासन का बलदेव नगर कैंप में अच्छा रसूख है। वह कई बार पार्षद का चुनाव जीत चुके हैं और नगर परिषद के चेयरमैन भी रह चुके हैं।
लेकिन सासन और महिला अध्यक्ष दोनों सैलजा के खेमे के हैं। इसलिए पार्षदों ने उन्हें अपनी जनसभाओं से दूर ही रखा।
उधर, पार्षदों ने ये भी योजना बना रखी थी कि यदि जिलाध्यक्ष सासन व महिला अध्यक्ष व उनकी टीम किसी तरह जनसभाओं में पहुंच भी जाती हैं, तो उन्हें कांग्रेस प्रत्याशी राजकुमार वाल्मीकि के साथ मंच पर नहीं बिठाया जाएगा।
सूत्र बताते हैं कि अपनी होने वाली इस बेइज्जती का एहसास सासन को पहले ही हो गया था, इसलिए सासन समर्थकों के साथ शहर में राजकुमार वाल्मीकि की जनसभाओं से दूर ही रहे।
दूसरी ओर, कांग्रेस प्रत्याशी राजकुमार वाल्मीकि भी गुटबाजी को जनसभाओं में भांप तो गए, मगर चुनाव का नाजुक दौर होने की वजह से वह इसे इगनोर कर गए।