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Ambala News: वैक्यूम क्लीनर की तार से गला घोंटकर की थी हत्या
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सिटी के शालीमार कॉलोनी निवासी 32 वर्षीय दिग्विजय सिंह उर्फ रोबिन की हत्या मामले की एसआईटी ने गुत्थी सुलझा ली है। हत्या के मामले में पुलिस ने दो आरोपी पंजाब के फतेहगढ़ निवासी गुरविंद्र सिंह व सिटी के पटेल रोड निवासी मनीष उर्फ अंकित को काबू कर लिया। पूछताछ में आरोपी गुरविंद्र सिंह में बताया कि दिग्विजय सिंह की वैक्यूम क्लीनर की तार से गला घोंटकर हत्या की थी। बाद में शव को एसवाईएल नहर सराला के पास झाड़ियों में फेंक दिया था।
सीआईए-1 प्रभारी इंस्पेक्टर हरजिंद्र सिंह ने बताया कि आरोपियों से रिमांड के दौरान मृतक की कार व कागजात बरामद किए गए हैं। रिमांड में खुलासा हुआ है कि मृतक की गाड़ी बेचकर पैसे कमाने के चक्कर में आरोपियों ने दिग्विजय सिंह को मौत के घाट उतारा। जिसे सीआईए-1 की टीम ने 27 अप्रैल को सराला नहर से बरामद किया था। शव कंकाल में तब्दील हो चुका था और पोस्टमार्टम करवाने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया था। चार दिन के रिमांड में गुरविंद्र ने कबूला था कि उसके साथ हत्या करने की योजना में आरोपी मनीष उर्फ अंकित भी शामिल था। दोनों आरोपियों को पुलिस ने कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया।
यह था पूरा मामला
दरअसल, मृतक दिग्विजय सिंह के पिता ने 20 अप्रैल 2024 को थाना अंबाला शहर में शिकायत दर्ज करवाई थी कि 18 अप्रैल को उसका पुत्र दिग्विजय सिंह बिना किसी को बतलाए घर से कहीं चला गया है और अब तक वापस नहीं आया। परिजनों ने बेटे की हत्या का शक जताया था और दोस्त पर ही आरोप लगाए थे। 26 अप्रैल को इस मामले में एसआईटी का गठन किया गया था। गठित टीम ने कार्रवाई करते हुए 27 अप्रैल को मृतक दिग्विजय की कार के अलावा वारदात में प्रयुक्त वैक्यूम क्लीनर की तार व मृतक के दस्तावेज भी बरामद किए। अभी भी मामले की जांच जारी है।
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सीआईए-1 प्रभारी इंस्पेक्टर हरजिंद्र सिंह ने बताया कि आरोपियों से रिमांड के दौरान मृतक की कार व कागजात बरामद किए गए हैं। रिमांड में खुलासा हुआ है कि मृतक की गाड़ी बेचकर पैसे कमाने के चक्कर में आरोपियों ने दिग्विजय सिंह को मौत के घाट उतारा। जिसे सीआईए-1 की टीम ने 27 अप्रैल को सराला नहर से बरामद किया था। शव कंकाल में तब्दील हो चुका था और पोस्टमार्टम करवाने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया था। चार दिन के रिमांड में गुरविंद्र ने कबूला था कि उसके साथ हत्या करने की योजना में आरोपी मनीष उर्फ अंकित भी शामिल था। दोनों आरोपियों को पुलिस ने कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया।
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यह था पूरा मामला
दरअसल, मृतक दिग्विजय सिंह के पिता ने 20 अप्रैल 2024 को थाना अंबाला शहर में शिकायत दर्ज करवाई थी कि 18 अप्रैल को उसका पुत्र दिग्विजय सिंह बिना किसी को बतलाए घर से कहीं चला गया है और अब तक वापस नहीं आया। परिजनों ने बेटे की हत्या का शक जताया था और दोस्त पर ही आरोप लगाए थे। 26 अप्रैल को इस मामले में एसआईटी का गठन किया गया था। गठित टीम ने कार्रवाई करते हुए 27 अप्रैल को मृतक दिग्विजय की कार के अलावा वारदात में प्रयुक्त वैक्यूम क्लीनर की तार व मृतक के दस्तावेज भी बरामद किए। अभी भी मामले की जांच जारी है।
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