सीईओ से भिड़ा पार्षद, बोला, आप अफसर हैं खुदा नहीं
कैंटोनमेंट बोर्ड अंबाला (सीबीए) की बुधवार शाम को हुई विशेष सदन की बैठक में जमकर हंगामा हो गया। पार्षदों ने सीबीए अफसरों पर विकास कार्यो में लेटलतीफी करने और उनकी क्रियान्वयन में लापरवाही बरतने का खुलकर आरोप लगाया। पार्षदों का कहना था कि सीबीए अफसर सदन की बैठकों में एजेंडा पेश कर उसमें कई विकास कार्यो को पास तो करवा लेते है। मगर महीनों बीत जाने के बावजूद भी उन विकास कार्यो की शुरूआत नहीं करवाते। जिस वजह से सीबीए का विकास फंड न तो समय पर खर्च हो पाता है और न ही इसका कोई लाभ सेन्य क्षेत्र के लोगों को मिल पाता है।
इसी बात को लेकर सीबीए के चीफ एग्जीक्यूटिव आफिसर (सीईओ) की पार्षदों से तीखी बहस हो गई। मामला इतना बढ़ गया कि सदन में ही सीईओ और पार्षदों में जमकर तू तू मै मै भी हुई। सीबीए के वार्ड नंबर तीन के पार्षद अजय बवेजा ने सीईओ अरविंद द्विवेदी से कहा कि जून में हुई सदन की बैठक में ये प्रस्ताव पास किया गया था कि पीएम मोदी के आह्वान पर योग शिक्षा को बढ़ावा देते हुए कैंटोनमेंट बोर्ड क्षेत्र में भी सीबीए एक योग केंद्र खोलेगा और एक प्रशिक्षक नियुक्त कर लोगों को योग शिक्षा प्रदान करेगा। लेकिन आज तक प्रस्ताव पारित होने के बावजूद भी इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
पार्षद बवेजा ने कहा कि इसी दौरान ओर भी कई प्रस्ताव ऐसे है, जिन्हे एजेंडे में पास कर दिया गया। लेकिन इस पर कार्रवाई आज तक कुछ नहीं हुई। उधर, पार्षद की बात का जवाब देते हुए सीओ अरविंद द्विवेदी ने उनके कहा कि मैं सीईओ हूं, मुझे अपनी ड्यूटी का आभास है और मैं पूरी निष्ठा से अपना काम भी कर रहा है। सीईओ ने कहा कि इस तरह का माहौल पैदा कर सदन की कार्यवाही को डिस्टर्ब न किया जाए। सीओ के इस जवाब पर पार्षद बवेजा फिर भड़क गए और उन्होंने सीओ से कहा कि 'आप अफसर है, कोई खुदा नहीं हैं...यदि मेरी बात से सदन की कार्रवाई डिस्टर्ब होती है तो जाकर रक्षा मंत्री से मेरी शिकायत करें और उनसे कहें कि मुझ पर बैठक में शामिल होने सबंधी रोक लगा दें, वरना मै जनता के लिए विकास की बात इसी तरह सदन में कहता रहूंगा।
बात जब ज्यादा बिगड़ गई तो वहां मौजूद डिप्टी आर्मी कमांडर ने बीचबचाव कर मामले को शांत किया और सदन की कार्रवाही आगे बढ़वाई। इसी दौरान पार्षद विरेंद्र गांधी ने भी डिप्टी कमांडर से आग्रह किया कि वह जल्द से जल्द रूके हुए अथवा पास किए हुए विकास कार्यो को शुरू करवाएं, ताकि सीबीए का फंड वित्त वर्ष के अंत में लैप्स न हो।
जल्द बनेंगी कई महत्वपूर्ण सड़कें इस दौरान सदन में कुछ महत्वपूर्ण सड़कों को जल्द बनाने का प्रस्ताव भी पारित किया गया। इन सड़कों को सेना की एमईएस विंग द्वारा बनाया जाना था, लेकिन बजट की कमी की वजह से ये सड़के कई सालों से अटकी पड़ी थी। लेकिन डिप्टी आर्मी कमांडर ने पार्षदों का आश्वस्त किया कि जल्द ही एमईएस इन सड़कों का निर्माण शुरू करेंगी। इन सड़कों में मुख्य रूप से एसडी कालेज के सामने रेसकोर्स रोड, पार्क रोड, एलेक्सजेंडर रोड व बस स्टैंड रोड शामिल है।
कर्मचारियों को दी जाए नियमानुसार ग्रेच्युटी बैठक में कैंटोनमेंट बोर्ड कर्मचारियों को नियमानुसार ग्रेच्युटी दिए जाने की भी शिफारिश पार्षदों द्वारा की गई। पार्षदों का कहना था कि कर्मचारियो को ग्रेच्युटी का पूरा लाभ कोर्ट के आदेश पर भी मिल जाता है तो सीबीए कर्मचारियों को कोर्ट में जाने से पहले ही ये लाभ क्यूं नहीं देती। पार्षदों के अनुसार हर साल करीबन पंद्रह से बीस कर्मचारी ग्रेच्युटी के लिए कोर्ट में जाते है और इस दौरान अमुमन केस सीबीए हार जाता है। इस तरह वकालत के रूप में सीबीए की हजारों रूपए की फीस भी बर्बाद हो जाती है। इसलिए सीबीए पहले ही नियमानुसार कर्मचारियों को ग्रेच्युटी की पेमेंट करें। इस अवसर पर पार्षद सुरेंद्र तिवारी, आसिमा, लक्ष्मी देवी, गरीब दास इत्यादि मौजूद रहे।