{"_id":"6755e4da2fb40169f50e359e","slug":"union-elections-will-be-held-on-december-12-ambala-news-c-36-1-amb1001-134079-2024-12-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambala News: 12 दिसंबर को खुलेगा यूनियन के चुनावों का पिटारा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambala News: 12 दिसंबर को खुलेगा यूनियन के चुनावों का पिटारा
विज्ञापन
अंबाला छावनी की रेलवे कॉलोनी में चुनावों के दौरान बूथ के बाहर बैठे एनआरएमयू के पदाधिकारी। फाइल
अंबाला। 12 दिसंबर को यूनियनों के चुनावों का पिटारा खुलेगा। वोटों की गिनती डीआरएम कार्यालय में कड़ी सुरक्षा के बीच होगी। वहीं अंबाला मंडल के 22 बूथों से प्राप्त 50 पेटियों को अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन पर स्ट्रांग रुम में रखवा दिया है और इसकी निगरानी आरपीएफ कर रही है। वहीं मतगणना को लेकर रेलवे ने भी तैयारी शुरु कर दी है।
अंबाला मंडल के अतिरिक्त मंडल रेल प्रबंधक देवी सिंह मीणा की निगरानी में मतगणना होगी जोकि आगामी कार्रवाई के लिए उत्तर रेलवे के मुख्यालय भेजी जाएगी। यहां 17 जोन से प्राप्त सभी वोटों की संयुक्त तौर पर गिनती होगी और जिस भी यूनियन को 35 प्रतिशत वोट मिलेंगे, उसे रेलवे की तरफ से मान्यता प्राप्त हो जाएगी।
वहीं अंबाला मंडल के अधीन एनआरएमयू, यूआरएमयू और यूआरकेयू अपनी जीत को लेकर दावे कर रही हैं, लेकिन पेटियों में बंद जनादेश का खुलासा वोटों की गिनती के बाद ही हो पाएगा। हालांकि यूनियन पदाधिकारियों ने अपने सदस्यों के आधार पर जीता को लेकर गणित शुरु कर दिया है ताकि 12 दिसंबर के बाद जो वायदे उन्होंने रेल कर्मचारियों से जुड़ी समस्याओं को लेकर किए थे, वो पूरे किए जा सकें।
विज्ञापन
गौरतलब है कि रेलवे में यूनियनों की मान्यता के चुनाव छह साल बाद हुए हैं जोकि चार से छह दिसंबर तक चले। इसमें अंबाला मंडल के 13 हजार 755 रेल कर्मचारियों को मतदान के लिए अधिकृत किया गया था। इसमें से 12 हजार 60 कर्मचारियों ने ही मतदान किया था।
विज्ञापन
अंबाला मंडल के अतिरिक्त मंडल रेल प्रबंधक देवी सिंह मीणा की निगरानी में मतगणना होगी जोकि आगामी कार्रवाई के लिए उत्तर रेलवे के मुख्यालय भेजी जाएगी। यहां 17 जोन से प्राप्त सभी वोटों की संयुक्त तौर पर गिनती होगी और जिस भी यूनियन को 35 प्रतिशत वोट मिलेंगे, उसे रेलवे की तरफ से मान्यता प्राप्त हो जाएगी।
विज्ञापन
वहीं अंबाला मंडल के अधीन एनआरएमयू, यूआरएमयू और यूआरकेयू अपनी जीत को लेकर दावे कर रही हैं, लेकिन पेटियों में बंद जनादेश का खुलासा वोटों की गिनती के बाद ही हो पाएगा। हालांकि यूनियन पदाधिकारियों ने अपने सदस्यों के आधार पर जीता को लेकर गणित शुरु कर दिया है ताकि 12 दिसंबर के बाद जो वायदे उन्होंने रेल कर्मचारियों से जुड़ी समस्याओं को लेकर किए थे, वो पूरे किए जा सकें।
विज्ञापन
गौरतलब है कि रेलवे में यूनियनों की मान्यता के चुनाव छह साल बाद हुए हैं जोकि चार से छह दिसंबर तक चले। इसमें अंबाला मंडल के 13 हजार 755 रेल कर्मचारियों को मतदान के लिए अधिकृत किया गया था। इसमें से 12 हजार 60 कर्मचारियों ने ही मतदान किया था।