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Ambala News: खोपड़ी की संरचना को समझा किया यातायात नियमों के प्रति जागरूक
Sun, 21 Dec 2025 12:51 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
Updated Sun, 21 Dec 2025 12:51 AM IST
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कुरुक्षेत्र। श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय परिसर में बिना हेलमेट वाहन चलाने वाले विद्यार्थियों और स्टाफ सदस्यों को एक अनोखे और प्रभावशाली तरीके से जागरूक किया जा रहा है। इस पहल की जिम्मेदारी विश्वविद्यालय के प्रॉक्टर व रचना शरीर विभागाध्यक्ष प्रो. सतीश वत्स ने संभाली है। प्रो. सतीश न केवल हेलमेट पहनने के लिए प्रेरित कर रहे हैं, बल्कि मानव खोपड़ी की वास्तविक संरचना को प्रत्यक्ष रूप से समझाकर लापरवाही के खतरों से भी अवगत करा रहे हैं। इसके तहत खोपड़ी को डार्क रूम में टॉर्च की रोशनी के माध्यम से दिखाया जा रहा है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि रोशनी किस प्रकार खोपड़ी के आर-पार चली जाती है।
उन्होंने बताया कि फ्रंटल ट्यूबर और पेराइटल ट्यूबर अत्यंत नाजुक होते हैं। सड़क दुर्घटनाओं में अधिकांश मौतें इन्हीं हिस्सों में गंभीर चोट लगने के कारण होती हैं। उन्होंने कहा कि हेलमेट न पहनने से सिर पर चोट का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। विश्वविद्यालय प्रशासन का उद्देश्य केवल नियम लागू करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को शरीर रचना की वैज्ञानिक वास्तविकता समझाकर उन्हें स्वयं अपनी सुरक्षा के प्रति सजग बनाना है, ताकि वे लापरवाही से बचें।
प्रो.सतीश वत्स ने बताया कि भारत में 2024 में अनुमानत 1.7 लाख से अधिक लोग सड़क हादसों का शिकार हुए, जोकि पिछले वर्षों की तुलना में काफी अधिक है। हरियाणा में लगभग 9,806 दुर्घटनाएं हुईं और 4,689 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी। उन्होंने कहा कि हेलमेट पहनना, यातायात नियमों का पालन और सुरक्षित ड्राइविंग करके हम खुद भी सुरक्षित रह सकते हैं और दूसरों की जिंदगी बचा सकते हैं।
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उन्होंने बताया कि फ्रंटल ट्यूबर और पेराइटल ट्यूबर अत्यंत नाजुक होते हैं। सड़क दुर्घटनाओं में अधिकांश मौतें इन्हीं हिस्सों में गंभीर चोट लगने के कारण होती हैं। उन्होंने कहा कि हेलमेट न पहनने से सिर पर चोट का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। विश्वविद्यालय प्रशासन का उद्देश्य केवल नियम लागू करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को शरीर रचना की वैज्ञानिक वास्तविकता समझाकर उन्हें स्वयं अपनी सुरक्षा के प्रति सजग बनाना है, ताकि वे लापरवाही से बचें।
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प्रो.सतीश वत्स ने बताया कि भारत में 2024 में अनुमानत 1.7 लाख से अधिक लोग सड़क हादसों का शिकार हुए, जोकि पिछले वर्षों की तुलना में काफी अधिक है। हरियाणा में लगभग 9,806 दुर्घटनाएं हुईं और 4,689 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी। उन्होंने कहा कि हेलमेट पहनना, यातायात नियमों का पालन और सुरक्षित ड्राइविंग करके हम खुद भी सुरक्षित रह सकते हैं और दूसरों की जिंदगी बचा सकते हैं।
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