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Ambala News: ट्यूवबेल ऑपरेटर सन्नी बनेंगे रावण, मूंछों को दे रहे ताव
Thu, 12 Oct 2023 01:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
Updated Thu, 12 Oct 2023 01:01 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला सिटी। अंबाला सिटी के प्रेमनगर में सरस्वती ड्रामाटिक क्लब की ओर से बीते 60 वर्षो से रामलीला का मंचन किया जा रहा है। रामलीला के निदेशक राजेश सहगल ने बताया कि सभी कलाकार रिहर्सल कर रहे हैं। वहीं विशेष तौर पर रावण की भूमिका निभाने वाले कलाकार सन्नी सूदन ने प्रतिवर्ष की भांति अपनी मूंछों को बढ़ाया हुआ है ताकि वह रावण की तरह लगें।
इसके साथ ही स्वयं की रावण जैसी मूछें होने से किरदार में दम भी पड़ता है। इसके लिए सन्नी दो महीने पहले से ही मूछों को रखना शुरू कर देते हैं। इसके बाद इन्हें एक गोलाकार में सेट भी करते हैं। ऐसा वह हर साल रामलीला शुरू होने से दो माह पहले ही कर देते हैं। सन्नी सूदन ने बताया कि वर्ष 2008 से वह मास्टर आरके कालिया को गुरु मानकर उनके मार्गदर्शन में रावण की भूमिका निभा रहे हैं।
रावण की भूमिका में बेहतर निखार हुआ है। आज अंबाला शहर से ही नहीं बल्कि कुरूक्षेत्र, पंचकूला, अंबाला छावनी, करनाल व अन्य जिलों में रहने वाले लोग विशेष तौर पर रावण का अभिनय देखने के लिए पहुंचते हैं। मास्टर रामकृष्ण कालिया ने बताया कि मां के पहले नवरात्रे पर 15 अक्तूबर को रामलीला का शुभारंभ किया जाएगा, जिसमे बतौर मुख्य अतिथि बिजली विभाग के एक्सईएन बीएस कांबोज रामलीला का उद्घाटन करेंगे। उनके साथ अन्य समाजसेवी सदस्य भी मौजूद रहेंगे।
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पुराने लोगों से नई पीढ़ी तक पहुंची रामलीला
अनुभवी कलाकार रह चुके मास्टर रामकृष्ण कालिया ने बताया कि रामलीला का मंचन 1972 के दौर में शुरू किया गया था उस समय संसाधनों की कमी के चलते कलाकार अपनी प्रतिभा का बेहतर प्रदर्शन करते थे। जिनको देखने के लिए लोग दूर-दराज के क्षेत्रों से भी पहुंचते थे। उस समय में रामलीला का शुरूआती दौर अनुभवी निदेशक रॉयट साहिब व उनकी टीम में शामिल रहे केके बतरा, कुलदीप शर्मा व सतीश अरोड़ा की अहम भूमिका रहती थी।
पहले बने राम और दशरथ, अब निदेशक
प्रेमनगर के सरस्वती ड्रामाटिक कलब के निदेशक राजेश सहगल ने बताया कि वर्ष 1999 से 2004 तक रामलीला में बतौर भगवान श्रीराम का अभिनय किया, वर्ष 2005 से अगले दो वर्षो तक राजा दशरथ की भूमिका निभाई, वर्ष 2008 से आजतक करीब 16 वर्षो से वह रामलीला में बतौर निदेशक के तौर पर कार्य कर रहे हैं।
लक्ष्मण, रावण का निभाया किरदार
प्रेमनगर के सरस्वती ड्रामाटिक क्लब से जुड़े अनुभवी कलाकार मास्टर रामकृष्ण कालिया ने बताया कि रामलीला मंच से 1972 से जुड़े हुए हैं, उस समय के शुरूआत में करीब तीन वर्षो तक लक्ष्मण की भूमिका निभाई, लेकिन रामलीला के निदेशकों के मार्गदर्शन में उन्हे रावण का रोल दिया गया था, जिसको वर्ष 1975 से 2007 तक रावण की भूमिका का बेहतरीन प्रर्दशन किया।
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अंबाला सिटी। अंबाला सिटी के प्रेमनगर में सरस्वती ड्रामाटिक क्लब की ओर से बीते 60 वर्षो से रामलीला का मंचन किया जा रहा है। रामलीला के निदेशक राजेश सहगल ने बताया कि सभी कलाकार रिहर्सल कर रहे हैं। वहीं विशेष तौर पर रावण की भूमिका निभाने वाले कलाकार सन्नी सूदन ने प्रतिवर्ष की भांति अपनी मूंछों को बढ़ाया हुआ है ताकि वह रावण की तरह लगें।
इसके साथ ही स्वयं की रावण जैसी मूछें होने से किरदार में दम भी पड़ता है। इसके लिए सन्नी दो महीने पहले से ही मूछों को रखना शुरू कर देते हैं। इसके बाद इन्हें एक गोलाकार में सेट भी करते हैं। ऐसा वह हर साल रामलीला शुरू होने से दो माह पहले ही कर देते हैं। सन्नी सूदन ने बताया कि वर्ष 2008 से वह मास्टर आरके कालिया को गुरु मानकर उनके मार्गदर्शन में रावण की भूमिका निभा रहे हैं।
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रावण की भूमिका में बेहतर निखार हुआ है। आज अंबाला शहर से ही नहीं बल्कि कुरूक्षेत्र, पंचकूला, अंबाला छावनी, करनाल व अन्य जिलों में रहने वाले लोग विशेष तौर पर रावण का अभिनय देखने के लिए पहुंचते हैं। मास्टर रामकृष्ण कालिया ने बताया कि मां के पहले नवरात्रे पर 15 अक्तूबर को रामलीला का शुभारंभ किया जाएगा, जिसमे बतौर मुख्य अतिथि बिजली विभाग के एक्सईएन बीएस कांबोज रामलीला का उद्घाटन करेंगे। उनके साथ अन्य समाजसेवी सदस्य भी मौजूद रहेंगे।
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पुराने लोगों से नई पीढ़ी तक पहुंची रामलीला
अनुभवी कलाकार रह चुके मास्टर रामकृष्ण कालिया ने बताया कि रामलीला का मंचन 1972 के दौर में शुरू किया गया था उस समय संसाधनों की कमी के चलते कलाकार अपनी प्रतिभा का बेहतर प्रदर्शन करते थे। जिनको देखने के लिए लोग दूर-दराज के क्षेत्रों से भी पहुंचते थे। उस समय में रामलीला का शुरूआती दौर अनुभवी निदेशक रॉयट साहिब व उनकी टीम में शामिल रहे केके बतरा, कुलदीप शर्मा व सतीश अरोड़ा की अहम भूमिका रहती थी।
पहले बने राम और दशरथ, अब निदेशक
प्रेमनगर के सरस्वती ड्रामाटिक कलब के निदेशक राजेश सहगल ने बताया कि वर्ष 1999 से 2004 तक रामलीला में बतौर भगवान श्रीराम का अभिनय किया, वर्ष 2005 से अगले दो वर्षो तक राजा दशरथ की भूमिका निभाई, वर्ष 2008 से आजतक करीब 16 वर्षो से वह रामलीला में बतौर निदेशक के तौर पर कार्य कर रहे हैं।
लक्ष्मण, रावण का निभाया किरदार
प्रेमनगर के सरस्वती ड्रामाटिक क्लब से जुड़े अनुभवी कलाकार मास्टर रामकृष्ण कालिया ने बताया कि रामलीला मंच से 1972 से जुड़े हुए हैं, उस समय के शुरूआत में करीब तीन वर्षो तक लक्ष्मण की भूमिका निभाई, लेकिन रामलीला के निदेशकों के मार्गदर्शन में उन्हे रावण का रोल दिया गया था, जिसको वर्ष 1975 से 2007 तक रावण की भूमिका का बेहतरीन प्रर्दशन किया।