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कोहरे में ट्रेनों का होगा सुरक्षित परिचालन, फॉग सेफ्टी डिवाइस बनेगी मददगार

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 16 Dec 2021 12:42 AM IST
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Trains will have safe operation in fog, fog safety device will be helpful
फोग सेफ्टि डिवाइस। - फोटो : Ambala
कोहरे में ट्रेनों के सुरक्षित परिचालन के लिए मंडल रेल प्रबंधन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसी कड़ी में ट्रेनों के इंजन में फॉग सेफ्टी डिवाइस लगाया जा रहा है, ताकि लोको पायलट को मार्ग पर आने वाले सिग्नल की जानकारी आसानी से हासिल हो सके। रेल पटरियों की निगरानी में तैनात कर्मचारियों की संख्या भी बढ़ा दी गई है। कोहरे के हालात से निपटने के लिए परिचालन से जुड़े कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।
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वहीं चालक व परिचालक को निर्देश दिए गए हैं कि कोहरे को देखते हुए ट्रेनों की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटा रखी जाए। अगर जरूरत हो तो गति को 20 या 30 किलोमीटर प्रति घंटा भी किया जा सकता है। मंडल रेल प्रबंधक गुरिंदर मोहन सिंह ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को सुरक्षित रेल परिचालन के लिए जरूरी कदम उठाने का निर्देश दिया है।
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उन्होंने बताया कि कोहरे के दौरान फॉग सेफ्टी डिवाइस सुरक्षित रेल परिचालन का सबसे बड़ा उपकरण है। रेल इंजन में रखे जाने वाले इस उपकरण से लोको पायलट सिग्नल को लेकर सचेत रहता है। सिग्नल आने के एक किलोमीटर पहले इस उपकरण में लगा हुआ अलार्म बजने लगता है और डिवाइस पर लगी स्क्रीन पर भी इसकी जानकारी मिलती है।
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100 ट्रेनों में लगे सेफ्टी डिवाइस
उत्तर भारत यानी लखनऊ, दिल्ली और अन्य क्षेत्रों की तरफ से आने वाली प्रमुख ट्रेनों में फॉग सेफ्टी डिवाइस लगाए जा रहे हैं। एक फॉग सेफ्टी डिवाइस की कीमत लगभग 47 हजार रुपये है। छावनी जंक्शन से निकलने वाली लगभग 100 ट्रेनों में फॉग सेफ्टी डिवाइस लगा दिए गए हैं। चालक व परिचालक डिवाइस की मदद से हालात पर नजर रखे हुए हैं। हालांकि अभी कोहरे का प्रकोप पूरी तरह से शुरू नहीं हुआ है, फिर भी रेलवे पूरी सतर्कता बरत रहा है।
पटाखों का भी हो रहा इस्तेमाल
कोहरा ज्यादा होने की स्थिति में कुछ स्थानों पर डेटोनेटर यानी हल्के पटाखों का भी प्रयोग किया जाता है। सिग्नल से कुछ दूर पहले ही विशेष तरह के पटाखे ट्रैक पर रख दिए जाते हैं। इस पर इंजन गुजरने से आवाज होती है और लोको पायलट सतर्क हो जाता है। पहले इसका प्रयोग ज्यादा होता था, लेकिन अब इसकी जगह फॉग सेफ्टी डिवाइस का इस्तेमाल किया जा रहा है।

नियमित रूप से हो रही जांच
ठंड व कोहरे को देखते हुए रेलवे ट्रैक की निगरानी बढ़ा दी गई है। नियमित रूप से ट्रैक की जांच की जा रही है। इस काम में किसी तरह की कोताही न हो इसके लिए अधिकारियों को नियमित निरीक्षण करने को कहा गया है। कम दृश्यता में नियमों का सख्ती से पालन कराने के लिए संबंधित कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्हें इस मौसम में ट्रेन परिचालन से संबंधित नियमों की पुस्तिका भी दी जा रही है।
-गुरिंदर मोहन सिंह, रेल प्रबंधक, अंबाला मंडल।
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