{"_id":"6702fa539d5d265c1e024a19","slug":"today-mata-rani-will-be-crowned-with-a-golden-crown-ambala-news-c-36-1-ame1006-130765-2024-10-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambala News: आज सोने के मुकुट से होगी माता रानी की ताजपोशी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambala News: आज सोने के मुकुट से होगी माता रानी की ताजपोशी
विज्ञापन
माता रानी की शोभा यात्रा में शामिल हुए श्रद्धालु।
अंबाला सिटी। शहर के ऐतिहासिक मां दुखभंजनी महाकाली मंदिर में 1990 से मंदिर में चली जा रही परंपरा अनुसार रविवार को माता महाकाली को दूध से स्नान कराया। सोमवार को शाम चार बजे से मां दुर्गा जी की ताजपोशी का विशेष कार्यक्रम आरंभ होगा।
इसमें मंदिर की परिक्रमा करते हुए नवीनतम शृंगार के साथ मां को छप्पन भोग अर्पण करते हुए मां की महिमा का बखान किया जाएगा। सुबह से श्रद्धालु लाइन लगाकर मंदिरों में पहुंच रहे थे। पंडित आचार्य पंकज शर्मा ने बताया कि मंदिर में वर्ष में दो बार नवरात्र मेले में मां भगवती जी को पंचामृत स्नान के पश्चात दूध स्नान की परंपरा चली आ रही है।
इसी परंपरा का पालन करते हुए रविवार को हजारों श्रद्धालुओं ने माता रानी का दूध से अभिषेक किया। दूध स्नान के पश्चात मां की सवारी बड़े ही शान शौकत के साथ नगर भ्रमण पर निकली। शोभायात्रा में शामिल अखंड ज्योत और मां भगवती का स्वर्ण मुकुट विशेष आकर्षण के बिंदु रहे। इस शोभा यात्रा का नगर में अनेकों स्थानों पर श्रद्धालुओं द्वारा भव्य स्वागत किया गया। ग्रह नक्षत्र की बढ़ती गणना अनुसार रविवार को एक नवरात्र बढ़ने से देश भर में रविवार को तृतीय नवरात्र मनाया जा रहा है।
विज्ञापन
जनसाधारण में फैली भ्रांतियों को दूर करते हुए श्री महाकाली मां दुखभंजनी मंदिर के आचार्य पंकज शर्मा वशिष्ठ ने बताया कि इस बार नवरात्रों पर एक तिथि बढ़ रही है इसलिए नवरात्र मैं जहां रविवार की गणना तृतीय नवरात्र की बैठी है। वहीं 12 अक्तूबर को श्रद्धालु नवमी एवं दशमी तिथि संयुक्त रूप से मनाएंगे। प्रात:काल में नवमी का पूजन करते हुए तत्पश्चात विजयादशमी का पूजन किया जाएगा।
विज्ञापन
इसमें मंदिर की परिक्रमा करते हुए नवीनतम शृंगार के साथ मां को छप्पन भोग अर्पण करते हुए मां की महिमा का बखान किया जाएगा। सुबह से श्रद्धालु लाइन लगाकर मंदिरों में पहुंच रहे थे। पंडित आचार्य पंकज शर्मा ने बताया कि मंदिर में वर्ष में दो बार नवरात्र मेले में मां भगवती जी को पंचामृत स्नान के पश्चात दूध स्नान की परंपरा चली आ रही है।
विज्ञापन
इसी परंपरा का पालन करते हुए रविवार को हजारों श्रद्धालुओं ने माता रानी का दूध से अभिषेक किया। दूध स्नान के पश्चात मां की सवारी बड़े ही शान शौकत के साथ नगर भ्रमण पर निकली। शोभायात्रा में शामिल अखंड ज्योत और मां भगवती का स्वर्ण मुकुट विशेष आकर्षण के बिंदु रहे। इस शोभा यात्रा का नगर में अनेकों स्थानों पर श्रद्धालुओं द्वारा भव्य स्वागत किया गया। ग्रह नक्षत्र की बढ़ती गणना अनुसार रविवार को एक नवरात्र बढ़ने से देश भर में रविवार को तृतीय नवरात्र मनाया जा रहा है।
विज्ञापन
जनसाधारण में फैली भ्रांतियों को दूर करते हुए श्री महाकाली मां दुखभंजनी मंदिर के आचार्य पंकज शर्मा वशिष्ठ ने बताया कि इस बार नवरात्रों पर एक तिथि बढ़ रही है इसलिए नवरात्र मैं जहां रविवार की गणना तृतीय नवरात्र की बैठी है। वहीं 12 अक्तूबर को श्रद्धालु नवमी एवं दशमी तिथि संयुक्त रूप से मनाएंगे। प्रात:काल में नवमी का पूजन करते हुए तत्पश्चात विजयादशमी का पूजन किया जाएगा।