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नारायणगढ़ में तीन जगह लगाया जाम
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वाहन खड़े कर अवरूद्ध किया गया रास्ता। संवाद
- फोटो : Ambala
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संवाद न्यूज एजेंसी
नारायणगढ़। भारत बंद के दौरान किसानों ने कृषि कानूनों के विरोध में तीन जगह जाम लगाकर नारेबाजी की। इस दौरान सुबह से शाम तक यातायात प्रभावित रहा।
पहला जाम राष्ट्रीय राजमार्ग 72 पर महाराजा अग्रसेन चौक पर लगाया गया, जहां ट्रैक्टर, गाड़ियों व मोटरसाइकिल आदि खड़ी करके रास्ते को बंद कर दिया। इसमें राजीव शर्मा, अधिवक्ता धर्मवीर ढींढसा, रजत, जंती लखनोरा, रविन्द्र बरौली, सुखदेव सैनी सरपंच, योगी नगोली, एडवोकेट नरेश डडवाल आदि ने जमकर नारेबाजी की।
दूसरा जाम नारायणगढ शुगर मिल के सामने लगाया गया, जहां किसान सड़क के बीचोबीच दरियां बिछाकर बैठ गए। किसानों ने 28 सितंबर को मिल के समक्ष होने वाली किसान पंचायत व केन कमिश्नर के घेराव को लेकर भी रणनीति बनाई।
तीसरा जाम पंचकुला-यमुनानगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर गांव कडासन के निकट लगाया गया। क्षेत्र के सबसे व्यस्त इस रोड पर धरने से यातायात प्रभावित रहा, यह रास्ता पंचकुला- चंडीगढ़ के साथ हिमाचल व यूपी को भी जोड़ता है. जिससे लोगों को भारी परेशानी हुई। बंद में ग्रामीण पृष्ठभूमि के दुकानदारों की दुकानें बंद रहीं, जबकि अन्य खुली रहीं। सड़कों पर आवाजाही अन्य दिनों की अपेक्षा नगण्य थी।
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नारायणगढ़। भारत बंद के दौरान किसानों ने कृषि कानूनों के विरोध में तीन जगह जाम लगाकर नारेबाजी की। इस दौरान सुबह से शाम तक यातायात प्रभावित रहा।
पहला जाम राष्ट्रीय राजमार्ग 72 पर महाराजा अग्रसेन चौक पर लगाया गया, जहां ट्रैक्टर, गाड़ियों व मोटरसाइकिल आदि खड़ी करके रास्ते को बंद कर दिया। इसमें राजीव शर्मा, अधिवक्ता धर्मवीर ढींढसा, रजत, जंती लखनोरा, रविन्द्र बरौली, सुखदेव सैनी सरपंच, योगी नगोली, एडवोकेट नरेश डडवाल आदि ने जमकर नारेबाजी की।
दूसरा जाम नारायणगढ शुगर मिल के सामने लगाया गया, जहां किसान सड़क के बीचोबीच दरियां बिछाकर बैठ गए। किसानों ने 28 सितंबर को मिल के समक्ष होने वाली किसान पंचायत व केन कमिश्नर के घेराव को लेकर भी रणनीति बनाई।
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तीसरा जाम पंचकुला-यमुनानगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर गांव कडासन के निकट लगाया गया। क्षेत्र के सबसे व्यस्त इस रोड पर धरने से यातायात प्रभावित रहा, यह रास्ता पंचकुला- चंडीगढ़ के साथ हिमाचल व यूपी को भी जोड़ता है. जिससे लोगों को भारी परेशानी हुई। बंद में ग्रामीण पृष्ठभूमि के दुकानदारों की दुकानें बंद रहीं, जबकि अन्य खुली रहीं। सड़कों पर आवाजाही अन्य दिनों की अपेक्षा नगण्य थी।
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