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दर्दनाक हादसे में तीन दोस्तों की मौत, हाइवे जाम
ब्यूरो/अमर उजाला अंबाला
Updated Sat, 06 Feb 2016 12:54 AM IST
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अंबाला-अमृतसर हाइवे पर किंगफिशर से थोड़ा आगे सेंट्रल झील के सामने ओवरब्रिज पर एक दर्दनाक हादसे में शुक्रवार को आईटीआई के छात्र समेत तीन युवकों की जान चली गई। बाइक पर सवार ये युवक एक तेजरफ्तार कार का शिकार बने।
कार लुधियाना की ओर से दिल्ली जा रही थी। हादसा इतना दर्दनाक था कि एक युवक की जान तो अस्पताल ले जाते हुए हो गई, जबकि दो युवकों ने रेफर करने के बाद चंडीगढ़ में दम तोड़ दिया। हादसे में मरने वाले तीनों मृतकों में से दो युवक अंबाला के धूलकोट इलाके और एक डेयरी फार्म इलाके के रहने वाले हैं। पुलिस ने फिलहाल कार चालक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। उधर, इस हादसे के बाद हाइवे पर करीबन एक घंटा जाम रहा। मौके पर एसीपी हितेश यादव समेत अन्य पुलिस कर्मी मौजूद रहे।
इस तरह हुआ हादसा
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार लुधियाना से एक तेज रफ्तार कार ओवरब्रिज से गुजर रही थी। तभी वहां बाइक पर सवार आईटीआई छात्र दीपक, उसका दोस्त अरूण व बलवंत तीनों वहां से गुजर रहे थे। तभी अचानक तेजरफ्तार कार ने बाइक को टक्कर मारी। जिसके बाद तीनों दोस्त उछलकर बाइक के बोनट और फ्रंट मिरर पर आ गिरे। कार बाइक और तीनों दोस्तों को घसीटती हुई थोड़ी दूरी तक ले गई। जिसके चलते तीनों दोस्त गंभीर रूप से घायल हो गए। राहगीरों ने तुरंत रूककर तीनों को अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था करवाई। जबकि कार चालक को भी क्षतिग्रस्त कार से बाहर निकाला गया। हादसे में घायल अरूण की तो अस्पताल ले जाते हुए ही मौत हो गई, जबकि दो की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया, लेकिन देरशाम वहां उन्होंने भी दम तोड़ दिया।
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पोस्टमार्टम करवाने पर हुआ विवाद
इस घटना से धूलकोट में मातम का माहौल है, क्योंकि इस इलाके के दो युवक हादसे का शिकार हुए। इन्ही में से एक मृतक के परिजनों ने पोस्टमार्टम को लेकर विवाद कर दिया। दरअसल, पीड़ित परिवार मृतक का पोस्टमार्टम नहीं होने देना चाहता था, इसलिए वे शव को एंबुलैंस से उतारकर धूलकोट अपने घर ले गए।
लेकिन इधर, बिना पोस्टमार्टम पुलिस और डाक्टर की प्रक्रिया अधूरी थी। जिसकी वजह से एसीपी हितेश यादव, एसडीएम कैप्टन शक्ति सिंह, एसीपी कैंट जगदीश दून समेत अन्य पुलिस वाले मृतक के घर पहुंचे, वहां उन्होंने मृतक दोस्तों की मौत पर पीड़ित परिवार को ढांढस बांधा और बड़ी मुश्किल से पीड़ित परिवार को समझाया कि पोस्टमार्टम प्रक्रिया क्यों जरूरी है? अफसरों की बात मानकर परिजन शव को दोबारा सिविल अस्पताल ले जाने को तैयार हो गए। जिसके बाद शव को सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां से मृतक अरूण के शव को पोस्टमार्टम करवाकर शव वारिसों को सौंपा गया।
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इस मामले में आरोपी कार चालक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। शवों का पोस्टमार्टम करवाकर शव वारिसों को सौंप दिया गया है। हादसा बहुत दर्दनाक था। हाइवे से भी जाम हटवा दिया गया था।
-सब इंस्पेक्टर ओमप्रकाश, बलदेव नगर थाना-
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कार लुधियाना की ओर से दिल्ली जा रही थी। हादसा इतना दर्दनाक था कि एक युवक की जान तो अस्पताल ले जाते हुए हो गई, जबकि दो युवकों ने रेफर करने के बाद चंडीगढ़ में दम तोड़ दिया। हादसे में मरने वाले तीनों मृतकों में से दो युवक अंबाला के धूलकोट इलाके और एक डेयरी फार्म इलाके के रहने वाले हैं। पुलिस ने फिलहाल कार चालक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। उधर, इस हादसे के बाद हाइवे पर करीबन एक घंटा जाम रहा। मौके पर एसीपी हितेश यादव समेत अन्य पुलिस कर्मी मौजूद रहे।
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इस तरह हुआ हादसा
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार लुधियाना से एक तेज रफ्तार कार ओवरब्रिज से गुजर रही थी। तभी वहां बाइक पर सवार आईटीआई छात्र दीपक, उसका दोस्त अरूण व बलवंत तीनों वहां से गुजर रहे थे। तभी अचानक तेजरफ्तार कार ने बाइक को टक्कर मारी। जिसके बाद तीनों दोस्त उछलकर बाइक के बोनट और फ्रंट मिरर पर आ गिरे। कार बाइक और तीनों दोस्तों को घसीटती हुई थोड़ी दूरी तक ले गई। जिसके चलते तीनों दोस्त गंभीर रूप से घायल हो गए। राहगीरों ने तुरंत रूककर तीनों को अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था करवाई। जबकि कार चालक को भी क्षतिग्रस्त कार से बाहर निकाला गया। हादसे में घायल अरूण की तो अस्पताल ले जाते हुए ही मौत हो गई, जबकि दो की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया, लेकिन देरशाम वहां उन्होंने भी दम तोड़ दिया।
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पोस्टमार्टम करवाने पर हुआ विवाद
इस घटना से धूलकोट में मातम का माहौल है, क्योंकि इस इलाके के दो युवक हादसे का शिकार हुए। इन्ही में से एक मृतक के परिजनों ने पोस्टमार्टम को लेकर विवाद कर दिया। दरअसल, पीड़ित परिवार मृतक का पोस्टमार्टम नहीं होने देना चाहता था, इसलिए वे शव को एंबुलैंस से उतारकर धूलकोट अपने घर ले गए।
लेकिन इधर, बिना पोस्टमार्टम पुलिस और डाक्टर की प्रक्रिया अधूरी थी। जिसकी वजह से एसीपी हितेश यादव, एसडीएम कैप्टन शक्ति सिंह, एसीपी कैंट जगदीश दून समेत अन्य पुलिस वाले मृतक के घर पहुंचे, वहां उन्होंने मृतक दोस्तों की मौत पर पीड़ित परिवार को ढांढस बांधा और बड़ी मुश्किल से पीड़ित परिवार को समझाया कि पोस्टमार्टम प्रक्रिया क्यों जरूरी है? अफसरों की बात मानकर परिजन शव को दोबारा सिविल अस्पताल ले जाने को तैयार हो गए। जिसके बाद शव को सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां से मृतक अरूण के शव को पोस्टमार्टम करवाकर शव वारिसों को सौंपा गया।
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इस मामले में आरोपी कार चालक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। शवों का पोस्टमार्टम करवाकर शव वारिसों को सौंप दिया गया है। हादसा बहुत दर्दनाक था। हाइवे से भी जाम हटवा दिया गया था।
-सब इंस्पेक्टर ओमप्रकाश, बलदेव नगर थाना-