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Ambala News: पोस्टल एंड आरएमएस की बैठक से पहले हंगामे के आसार

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 31 Aug 2024 06:53 AM IST
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There is a possibility of uproar before the meeting of Postal and RMS
अंबाला। पोस्टल एंड आरएमएस कोऑपरेटिव बैंक की एक सितंबर को होने वाले बैठक में हंगामे के आसार नजर आ रहे हैं। यह हंगामा बैंक के पूर्व चेयरमैन नरेश गुप्ता, संदीप होल्डर और उनके साथियों की ओर से किया जाएगा, क्योंकि उन्होंने नियमों की अनदेखी के तहत किए 21 कार्याें की सूची तैयार की है, जिनका जवाब वार्षिक बैठक के दौरान मांगा जाएगा।
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मौजूदा चेयरमैन सचिन खर्ब ने भी अपने 10 माह के कार्यकाल का ब्यौरा तैयार कर लिया है ताकि मामले से जुड़ी सच्चाई और पूर्व चेयरमैन की ओर से किए घोटाले सबके सामने आ सके।
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पूर्व चेयरमैन के ये हैं आरोप
पूर्व चेयरमैन नरेश गुप्ता ने पत्रकारवार्ता में बताया कि नियमों को दरकिनार करके मौजूद चेयरमैन कार्य कर रहे हैं और चहेतों की भर्ती की जा रही है। कर्मचारियों की वर्षों से बनाई खून-पसीने की कमाई पर भी संकट के बादल नजर आने लगे हैं। उन्होंने बताया कि चेयरमैन की ओर से जारी किया एजेंडा मल्टी स्टेट कारपोरेशन संशोधन 2023 के अनुसार नहीं है जबकि एजेंडा सीईओ की ओर से जारी होना चाहिए था न कि चेयरमैन की ओर से। इसी प्रकार एजेंडा नोटिस में साफ नहीं है कि वार्षिक बैठक वर्ष 2022 या 2023 के एक्ट के अनुसार होगी। एजेंडा नंबर आठ में रखी गई आरबीआई की निरीक्षण रिपोर्ट, किस नियम व कानून तक तहत रखी गई है। इसी प्रकार बोर्ड ने जून माह में छह कर्मचारियों की भर्ती की है। भर्ती में इतनी हड़बड़ी क्यों की गई जबकि केंद्रीय रजिस्ट्रार नई दिल्ली ने आठ अक्टूबर 2023 के चुनाव को नहीं माना और 1 जून 2024 को अपने पत्र के माध्यम से बैंक के सीईओ को दोबारा चुनाव करने के आदेश दिए। जब बैंक के निदेश मंडल पर ही प्रश्नचिह्न लगा हुआ है तो फिर इस प्रकार भर्ती करके बच्चों के भविष्य से क्यों खिलवाड़ किया जा रहा है।
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मौजूदा चेयरमैन ने दिया जवाब
पोस्टल एंड आरएमएस कोऑपरेटिव बैंक के मौजूदा चेयरमैन सचिन खर्ब ने बताया कि अक्टूबर 2023 में वर्तमान बोर्ड बैंक में ऐतिहासिक मतों से जीतकर आए और बोर्ड ने सर्वसम्मति से नियमों के तहत उन्हें चेयरमैन चुना। उन्होंने अपने 10 महीने के कार्यकाल का ब्योरा देते हुए बताया कि पिछले बोर्ड के कार्यकाल में सदस्यों को अपने लोन खातों की स्टेटमेंट प्राप्त करने के लिए 50 रुपये का शुल्क अदा करना पड़ता था जोकि वर्तमान में निशुल्क दिया जा रहा है। इसके साथ ही प्रत्येक सदस्य का शेयर बैलेंस भी अलग से दर्शाया गया है। वहीं पिछले बोर्ड के कार्यकाल में सदस्यों को अपने खातों अथवा बैंक से संबंधित जानकारी लेने के लिए व्यक्ति विशेष पर निर्भर रहना पड़ता था, वहीं वर्तमान में बैंक की निशुल्क हेल्पलाइन शुरू कर दी गई है। अब सभी सदस्य अपने खातों अथवा बैंक से संबंधित कोई भी जानकारी 8400-8700-80 पर कॉल या व्हाट्सएप के माध्यम से सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक कार्यदिवस पर प्राप्त कर सकते हैं। इसी प्रकार सदस्यों के हित में अन्य कई कार्य किए गए हैं जोकि नियमानुसार किए गए हैं। वहीं उन्होंने कहा कि पूर्व चेयरमैन नरेश गुप्ता पैनल एंड कंपनी ने अपने समय में नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए 5 भर्तियां की। इसमें पहले कर्मचारी को ठेके पर रखा जाता था और फिर चुपचाप रजिस्टर में तीन-चार चार लाइन लिखकर उसे पक्का कर दिया जाता था। इस बात की जानकारी कभी किसी भी सहकारी बंधु को नहीं होती थी कि कब कौनसा कर्मचारी भर्ती किया गया। वर्तमान बोर्ड ने इस प्रकार की कार्रवाई को तुरंत बंद किया तथा वर्ष 2025 तक बैंक में लगभग 10 कर्मचारी रिटायर होने वाले हैं, इसी दूरदर्शिता के साथ मौजूदा बोर्ड ने अभी हाल में पांच कर्मचारियों को भर्ती किया है ताकि नए कर्मचारी आने वाले कुछ महीनों में सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों से कार्य का अनुभव ले सकें। यह भर्ती नियमों के तहत की गई है न कि गुपचुप तरीके से, बल्कि मैनेजर के पद के लिए उचित उम्मीदवार न मिलने पर इसको अभी लंबित ही रखा गया है। उन्होंने बताया कि पूर्व बोर्ड के निदेशकों द्वारा बहुत बार जाली टीए-डीए क्लेम किया गया और यह बिना बैंक के किसी कार्य के लिया जाता था। इसके अलावा पूर्व चेयरमेन नरेश गुप्ता ने बिना बोर्ड के मंजूरी के चार लाख रुपये से अधिक का चंदा रोटरी अस्पताल अंबाला को दिया। पिछले बोर्ड द्वारा किराए पर जनरेटर सेट इस्तेमाल किया जा रहा था और इसका सालाना किराया दो लाख 88 हजार रुपये था, लेकिन वर्तमान में बोर्ड द्वारा उसी जनरेटर सेट को एक जनवरी 2024 को एक लाख 50 हजार रुपये में खरीद कर बैंक की संपति में जोड़ दिया गया है। पूर्व बोर्ड ने बैंक में 20 लाख से ऊपर की टाइलों के बिल दिखाए जबकि वर्तमान में भी इस कार्य को लगभग 3.50 लाख रुपये में करवाया जा सकता है। पूर्व बोर्ड ने बैंक में लाखों रुपये की रद्दी बेची, जिसका एक भी रुपया बैंक में न जमा करवा कर अपनी जेब में रखा। पिछले पांच सालों में पांच निदेशक सेवानिवृत हुए और सबको सदस्यों के पैसों से सोने की अंगूठियां व पार्टी दी गई। उन्होंने बताया कि उपरोक्त सभी घोटाले हाल में हुई ऑडिट में सामने आए हैं, जिनको अन्य सबूतों के साथ एक महीने के अंदर डीएसपी अंबाला को उनके पत्र दिनांक 10 अक्टूबर 2023 के जवाब में भेज दिया जाएगा।
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