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Ambala News: प्रदेशभर में सैंपल जांचने की केवल दो लैब

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 28 Oct 2024 02:21 AM IST
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There are only two labs to test samples across the state
अंबाला सिटी। त्योहारों के चलते बाजाराें में नियमों को ताक पर रखकर मिठाइयां और अन्य खाद्य पदार्थ बेचे जा रहे हैं। इधर, जिला खाद्य सुरक्षा विभाग सैंपलिंग तो कर रहा है लेकिन अभी तक एक सप्ताह में लिए गए सैंपल की जांच रिपोर्ट भी नहीं आ सकी है।
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इसका मुख्य कारण लैब की कमी है। पूरे प्रदेश में 22 जिलों की जांच के लिए सिर्फ दो ही लैब उपलब्ध है। इसमें एक करनाल और दूसरी चंडीगढ़ में स्थित है। इसलिए सैंपल की रिपोर्ट आने में समय अधिक लगता है। ऐसे में लोगों की सेहत सुरक्षा पर बड़ा सवाल है। अब जिला खाद्य सुरक्षा विभाग ने छावनी और अंबाला सिटी से 22 सैंपल लिए हैं। सोमवार को भी विभाग के अधिकारी मिठाई के सैंपल का कार्य करेंगे।
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बेस्ट बिफोर टैग नियम भी समाप्त
2020 में मिठाई विक्रेताओं पर नकेल कसने के लिए बैस्ट बिफोर टैग नियम जारी किया गया था। इसके तहत मिठाई विक्रेता मिठाइयों पर उनको खाने की अंतिम तारीख लिखेगा लेकिन यह नियम अब समाप्त कर दिया है। जिला अंबाला में कुछ विक्रेताओं को छोड़कर मिठाई विक्रेता कोई नियम नहीं मान रहे हैं और बिना डर के मिठाइयां बेच रहे हैं।
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इस प्रकार होती है कार्रवाई
अगर मिठाई की रिपोर्ट नकारात्मक आती है तो उसमें एडीसी और जिला न्यायालय में केस चलाया जाता है। बिना मानकों के बेचा जाता है तो वह मामला एडीसी कार्यालय में जाता है। यहां पर जुर्माना लगाया जाता है। अगर मिठाई खाने लायक न हो और उसमें खतरनाक पदार्थों की मिलावट हो तो वह मामले कोर्ट में जाते हैं। जिला अंबाला में 25 मामले कोर्ट और 15 मामले एडीसी कार्यालय में चल रहे है।

अधिकारियों पर अधिक बोझ इसलिए सैंपलिंग में कमी
जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने डॉ. योगेश कादयान ने बताया कि उनके पास तीन जिलों का कार्यभार है। इसमें जींद, रोहतक और अंबाला के अन्य कार्य भी शामिल हैं। इसके साथ ही उन्हें वीआईपी डयूटी और निदेशालय के अन्य कार्याें के लिए भी कई चक्कर लगाने पड़ते हैं। किसी लाइसेंस के लिए भी आने वाले आवेदन की जांच करनी पड़ती है। इसलिए कार्य प्रभावित होता है।
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