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Ambala News: चोरी के दोषी की सजा बरकरार
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- जेल में बिताई अवधि को ही माना पूर्ण कारावास
अंबाला सिटी। साईं मंदिर में चोरी के मामले में दोषी करार दिए गए युवक की अपील पर जिला सत्र न्यायालय ने अपना फैसला सुना दिया है। सत्र न्यायाधीश वीरेंद्र मलिक की अदालत ने दोषी विशाल की दोषसिद्धि को बरकरार रखी। फैसले के अनुसार, दोषी को उतनी ही सजा सुनाई है, जितनी वह पहले ही जेल में काट चुका है। अदालत ने दोषी की गरीबी और उसके द्वारा दी गई दलीलों को ध्यान में रखते हुए नरम रुख अपनाया।
दरअसल घटना 3 दिसंबर 2019 की है। न्यू शालीमार कॉलोनी स्थित साईं मंदिर के सेवादार ने विशाल नाम के युवक को चोरी करते हुए रंगे हाथों पकड़ा था। आरोप था कि उसने साईं बाबा की मूर्ति के आगे चढ़ाए गए पैसे चोरी किए और दानपात्र (गल्ला) खोलने की कोशिश की। तलाशी के दौरान उसके पास से 290 रुपये और एक लोहे की रॉड बरामद हुई थी। पुलिस ने इस मामले में आईपीसी की धारा 380 और 457 के तहत मामला दर्ज किया था। इससे पहले, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी अभिनव गर्ग की अदालत ने 28 नवंबर 2025 को विशाल को दोषी ठहराते हुए दो साल के कठोर कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई थी। इस फैसले के खिलाफ दोषी ने सत्र न्यायालय में अपील दायर की थी। ब्यूरो
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अंबाला सिटी। साईं मंदिर में चोरी के मामले में दोषी करार दिए गए युवक की अपील पर जिला सत्र न्यायालय ने अपना फैसला सुना दिया है। सत्र न्यायाधीश वीरेंद्र मलिक की अदालत ने दोषी विशाल की दोषसिद्धि को बरकरार रखी। फैसले के अनुसार, दोषी को उतनी ही सजा सुनाई है, जितनी वह पहले ही जेल में काट चुका है। अदालत ने दोषी की गरीबी और उसके द्वारा दी गई दलीलों को ध्यान में रखते हुए नरम रुख अपनाया।
दरअसल घटना 3 दिसंबर 2019 की है। न्यू शालीमार कॉलोनी स्थित साईं मंदिर के सेवादार ने विशाल नाम के युवक को चोरी करते हुए रंगे हाथों पकड़ा था। आरोप था कि उसने साईं बाबा की मूर्ति के आगे चढ़ाए गए पैसे चोरी किए और दानपात्र (गल्ला) खोलने की कोशिश की। तलाशी के दौरान उसके पास से 290 रुपये और एक लोहे की रॉड बरामद हुई थी। पुलिस ने इस मामले में आईपीसी की धारा 380 और 457 के तहत मामला दर्ज किया था। इससे पहले, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी अभिनव गर्ग की अदालत ने 28 नवंबर 2025 को विशाल को दोषी ठहराते हुए दो साल के कठोर कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई थी। इस फैसले के खिलाफ दोषी ने सत्र न्यायालय में अपील दायर की थी। ब्यूरो
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