फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Ambala News ›   The world saw the work, now the government should reward

दुनिया ने देखा काम, अब सरकार दे इनाम

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 26 May 2022 01:03 AM IST
विज्ञापन
The world saw the work, now the government should reward
अंबाला सिटी। कोरोना काल में किए गए आशा वर्कर्स के प्रयासों को देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन ने देश की 10 लाख आशा कार्यकर्ताओं को ग्लोबल हेल्थ लीडर अवार्ड से नवाजा है। संगठन ने दुनिया में कुल छह पुरस्कारों की घोषणा की। इनमें से ग्लोबल हेल्थ लीडर अवार्ड आशा कार्यकर्ताओं को दिया गया है। यह अवार्ड हासिल कर सभी आशा वर्कर्स खुश हैं।
विज्ञापन

उनका कहना है कि उनकी मेहनत की विश्व में सराहना हुई है, परंतु प्रदेश सरकार आशा वर्कर्स के कार्यों को प्रोत्साहित करने के बजाय उनकी सुविधाओं में लगातार कटौती कर रही है। इससे आशा वर्कर्स का काम करने का मनोबल पूरी तरह से टूट जाता है। उन्होंने बताया कि उन्हें यह सम्मान गरीबों को प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा से जोड़ने, भारत में पोलियो उन्मूलन में उनके अहम योगदान और कोविड-19 के दौरान उनकी कर्तव्यनिष्ठा को देखते हुए दिया गया है।
विज्ञापन

उनका कहना है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने माना है कि इन आशा कार्यकर्ताओं ने मातृत्व सेवा और बच्चों के टीकाकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय काम किया है। इसके विपरीत उन्हें अपना काम छोड़कर अपने हकों के लिए सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होना पड़ता है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार उनकी मांगों को पूरा कर दे तो उन्हें इस तरह प्रदर्शन करने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

मेहनत का लाभ नहीं मिला
सभी आशा वर्कर्स पूरी मेहनत और लगन के साथ कार्य कर रही हैं। हमारे कार्य को विश्व स्वास्थ्य संगठन ने सराहा है, परंतु सरकार हमारे कार्य और मेहनत का उचित लाभ नहीं दे रही है। सरकार को हमारे कार्य की तरफ ध्यान देते हुए मांगों को मान लेना चाहिए।
- कविता, आशा वर्कर।
समाज हित में कार्य
अब विश्व स्वास्थ्य संगठन ने अवार्ड देकर हमारे कार्य की सराहना की है जो दर्शाता है कि हम समाज हित में दिन-रात कार्य कर रही हैं। इसके बावजूद सरकार हमारी ओर ध्यान नहीं दे रही है। सरकार को हमारे कार्य को देखते हुए हमारी मांगों को मान लेना चाहिए।
- पूजा, आशा वर्कर।
पूरा दिन कर रहीं काम
आशा वर्कर्स भी अन्य कर्मचारियों की तरह पूरा दिन काम करती हैं। कोरोना काल में तो अतिरिक्त समय तक काम किया है। वहीं, हम अन्य कर्मचारियों से कम ही 24 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन की मांग कर रहे हैं ताकि आशा वर्कर्स आर्थिक रूप से मजबूत हो और अच्छे से कार्य सकें।
-बलजिंद्र, आशा वर्कर।
काम कोताही नहीं
कोई भी नहीं कह सकता कि कोरोना काल जैसे कठिन समय में भी अगर किसी आशा वर्कर्स ने अपने काम में कोताही बरती हो। कोरोना काल में ही बहुत सी आशा वर्कर्स ने अपनी जान भी गंवा दी, फिर भी किसी आशा वर्कर्स ने अपने पैर पीछे नहीं खींचे और पूरी मेहनत के साथ कार्य किया।
- सरबजीत, आशा वर्कर।
सरकार नहीं दे रही ध्यान
हम आशा वर्कर्स दिन-रात कार्य कर रही हैं, परंतु सरकार की ओर से हमारी ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। हम आशा वर्कर्स अन्य कर्मचारियों की तरह ही काम कर रही हैं। इसके बावजूद हम आशा वर्कर्स को कर्मचारी का दर्जा नहीं दिया जा रहा है जोकि पूरी तरह से गलत है।

- मोनिका, आशा वर्कर।
प्रदेशन को मजबूर
हम आशा वर्कर्स को अपनी मांगों को रखने के लिए बार-बार प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होना पड़ता है। सरकार को चाहिए कि वह हमारी मांगों को पूरा करे ताकि हम आशा वर्कर्स और आर्थिक दृष्टि से सुदृढ़ होते हुए अच्छे से बिना किसी चिंता के काम कर सकें।
- बॉबी, आशा वर्कर।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed