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Ambala News: श्रीराम लला के दरबार लौटे संत हुए भावुक

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 25 Jan 2024 04:10 AM IST
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The saint returned to the court of Sri Ram Lala and was emotional
अंबाला सिटी। श्रीराम जन्म भूमि अयोध्या में हुए भगवान श्रीराम लला के मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में भाग लेने पहुंचे अंबाला के संतों ने इस महापर्व की व्याख्या सुनाई। संत महात्माओं की मानें तो भगवान श्रीराम लला का यह भव्य दिव्य कार्यक्रम पूरे विश्व में पहली बार आयोजित हुआ है।
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इसमें भारतवर्ष से करीब सात हजार संतों ने भाग लिया। तीन से चार हजार सदस्य खेल जगत, फिल्म जगत, सामाजिक और धार्मिक संगठन, राजनीतिक दलों सहित विभिन्न पद्मभूषण महानुभावों ने इस कार्यक्रम में भाग लेकर भगवान श्रीराम लला जी के मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के साक्षी बने। इस कार्यक्रम के साक्षी बने संत जब अंबाला लौटे तो भावुक होकर अपने विचार प्रस्तुत करते दिखाई दिए।
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छावनी के पंजोखरा-कलरेहड़ी रोड स्थित श्री पीठ श्री राजराजेश्वरी और श्री पितांबरा देवस्थान से दैवज्ञ महर्षि आचार्या निशांत महाराज अयोध्या नगरी से वापस आए। महाराज ने कहा कि वहां संतों के हाथ गुलाब जल से धुलाए गए। यहां तक कि चरणपादुका उतारने के लिए भी सेवादारों की ओर से सेवाएं उपलब्ध कराई। आचार्य संत ने बताया कि सभी संतों को भगवान श्रीराम लला के दरबार से विशेष प्रसाद, कंदमूल फल का अंश और सरयू नदी का जल श्रद्धापूर्वक लेकर आए हैं। आगामी 26 जनवरी को दोपहर 12 से तीन बजे तक आश्रम में भगवान श्रीराम लला जी का प्रसाद भक्तों में वितरित होगा।
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सिटी क्षेत्र के गांव मिर्जापुर स्थित ज्ञानयोग आश्रम से अयोध्या पहुंची साध्वी कोशिकी गिरी महाराज ने बताया कि सनातनियों के लिए बड़े गर्व की बात है कि उनका संकल्प 500 वर्षों के बाद पूरा हुआ। इस कार्यक्रम के लिए समूचे भारतवर्ष में एक त्योहार मनाया है। इससे सभी सनातनी आनंदित हैं। अयोध्या नगरी का यह सफर अपने जीवनकाल में कभी भी भूल नहीं पाएंगे, क्योंकि यह वह पल थे जोकि स्वर्ग से भी बढ़कर रहे हैं। आज बड़े ही गर्व से कह सकते हैं कि भारत देश के राजा ने दोबारा से राजदंड के ऊपर धर्मदंड की स्थापना की है, जोकि हमारे पूरे भारतवर्ष के लिए बड़े गर्व की बात है।
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