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Ambala News: 1935 में हुई थी सबसे ज्यादा 82 एमएम बारिश
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सतनाम सिंह
अंबाला सिटी। अप्रैल माह में गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। जहां मार्च ओलावृष्टि और बारिश के कारण ठंडा रहा, वहीं अप्रैल के शुरुआती दिनों में गर्मी बढ़ी है। दिन का अधिकतम तापमान 36 डिग्री तक भी पहुंच चुका है, लेकिन अप्रैल माह से बारिश का पुराना नाता रहा है। जैसे ही तापमान बढ़ने शुरू होते हैं तो बारिश होने की संभावना बनी रहती है। इस बार भी अप्रैल माह के दूसरे सप्ताह में बारिश की संभावना है।
पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से 13 अप्रैल रात्रि से 15 अप्रैल के दौरान हवाओं और गरज चमक के साथ राज्य के ज्यादातर स्थानों पर बीच-बीच में हल्की बारिश होने की संभावना है। इस दौरान कुछ एक स्थानों पर मध्यम से तेज बारिश की भी संभावना बन रही है। बीते 89 वर्ष पहले छह अप्रैल 1935 को अप्रैल माह में सबसे ज्यादा 82.0 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई थी। इसके बाद 1983 और 1998 में भी अप्रैल माह में अच्छी बारिश हुई थी।
तेज हवा से फसल को नुकसान
मौसम विभाग चंडीगढ़ केंद्र के वैज्ञानिक अजय कुमार सिंह ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव होने से 13 और 14 अप्रैल को बारिश होने की संभावना है। साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तेज हवा चल सकती है। जिससे गेहूं की खड़ी फसल को नुकसान हो सकता है।
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15 अप्रैल को बारिश का असर कम रह सकता है। यह प्री-मॉनसून पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में एक्टिव होने के आसार हैं। उन्होंने किसानों से भी आग्रह किया कि वह अपनी कटी हुई फसल को सुरक्षित जगहों पर रखें। अब खेतों में फसल को पानी देने की भी जरूरत नहीं हैं। पश्चिमी विक्षोभ कभी भी एक्टिव हो सकता है, इसलिए इसे वेस्टर्न डिस्टर्बेंस भी बोलते हैं।
अप्रैल में बारिश के टॉप-10 आंकड़े
वर्ष बारिश एमएम में
6 अप्रैल 1935 82.0
17 अप्रैल 1983 79.3
26 अप्रैल 1998 53.0
16 अप्रैल 2015 35.7
16 अप्रैल 1983 33.3
15 अप्रैल 1983 32.8
18 अप्रैल 2019 26.6
20 अप्रैल 2001 25.4
28 अप्रैल 2020 25.3
3 अप्रैल 1997 23.7
कुछ एक स्थानों पर मध्यम से तेज बारिश की भी संभावना
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के कृषि मौसम विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ ने बताया कि हरियाणा राज्य में लगातार दो पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक प्रभाव से मौसम आमतौर पर 15 अप्रैल तक परिवर्तनशील रहने की संभावना है। इस दौरान 12 अप्रैल तक बीच-बीच में आंशिक बादल और हवाएं चलने की संभावना है, लेकिन एक और पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से 13 अप्रैल रात्रि से 15 अप्रैल के दौरान हवाओं और गरज चमक के साथ राज्य के ज्यादातर स्थानों पर बीच-बीच में हल्की बारिश होने की संभावना है। इस दौरान कुछ स्थानों पर मध्यम से तेज बारिश की भी संभावना बन रही है। जिससे दिन के तापमान में हल्की गिरावट रह सकती है, लेकिन रात्रि तापमान में हल्की बढ़ोतरी होने की संभावना है। इस दौरान बीच-बीच में तेज हवा चलने की भी संभावना है।
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अंबाला सिटी। अप्रैल माह में गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। जहां मार्च ओलावृष्टि और बारिश के कारण ठंडा रहा, वहीं अप्रैल के शुरुआती दिनों में गर्मी बढ़ी है। दिन का अधिकतम तापमान 36 डिग्री तक भी पहुंच चुका है, लेकिन अप्रैल माह से बारिश का पुराना नाता रहा है। जैसे ही तापमान बढ़ने शुरू होते हैं तो बारिश होने की संभावना बनी रहती है। इस बार भी अप्रैल माह के दूसरे सप्ताह में बारिश की संभावना है।
पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से 13 अप्रैल रात्रि से 15 अप्रैल के दौरान हवाओं और गरज चमक के साथ राज्य के ज्यादातर स्थानों पर बीच-बीच में हल्की बारिश होने की संभावना है। इस दौरान कुछ एक स्थानों पर मध्यम से तेज बारिश की भी संभावना बन रही है। बीते 89 वर्ष पहले छह अप्रैल 1935 को अप्रैल माह में सबसे ज्यादा 82.0 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई थी। इसके बाद 1983 और 1998 में भी अप्रैल माह में अच्छी बारिश हुई थी।
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तेज हवा से फसल को नुकसान
मौसम विभाग चंडीगढ़ केंद्र के वैज्ञानिक अजय कुमार सिंह ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव होने से 13 और 14 अप्रैल को बारिश होने की संभावना है। साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तेज हवा चल सकती है। जिससे गेहूं की खड़ी फसल को नुकसान हो सकता है।
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15 अप्रैल को बारिश का असर कम रह सकता है। यह प्री-मॉनसून पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में एक्टिव होने के आसार हैं। उन्होंने किसानों से भी आग्रह किया कि वह अपनी कटी हुई फसल को सुरक्षित जगहों पर रखें। अब खेतों में फसल को पानी देने की भी जरूरत नहीं हैं। पश्चिमी विक्षोभ कभी भी एक्टिव हो सकता है, इसलिए इसे वेस्टर्न डिस्टर्बेंस भी बोलते हैं।
अप्रैल में बारिश के टॉप-10 आंकड़े
वर्ष बारिश एमएम में
6 अप्रैल 1935 82.0
17 अप्रैल 1983 79.3
26 अप्रैल 1998 53.0
16 अप्रैल 2015 35.7
16 अप्रैल 1983 33.3
15 अप्रैल 1983 32.8
18 अप्रैल 2019 26.6
20 अप्रैल 2001 25.4
28 अप्रैल 2020 25.3
3 अप्रैल 1997 23.7
कुछ एक स्थानों पर मध्यम से तेज बारिश की भी संभावना
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के कृषि मौसम विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ ने बताया कि हरियाणा राज्य में लगातार दो पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक प्रभाव से मौसम आमतौर पर 15 अप्रैल तक परिवर्तनशील रहने की संभावना है। इस दौरान 12 अप्रैल तक बीच-बीच में आंशिक बादल और हवाएं चलने की संभावना है, लेकिन एक और पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से 13 अप्रैल रात्रि से 15 अप्रैल के दौरान हवाओं और गरज चमक के साथ राज्य के ज्यादातर स्थानों पर बीच-बीच में हल्की बारिश होने की संभावना है। इस दौरान कुछ स्थानों पर मध्यम से तेज बारिश की भी संभावना बन रही है। जिससे दिन के तापमान में हल्की गिरावट रह सकती है, लेकिन रात्रि तापमान में हल्की बढ़ोतरी होने की संभावना है। इस दौरान बीच-बीच में तेज हवा चलने की भी संभावना है।