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Ambala News: चुनावी मुद्दा बना नौरंगराय तालाब का अधूरा प्रोजेक्ट
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सोनू राणा, जिला प्रवक्ता, कांग्रेस।
अंबाला सिटी। काफी समय से अधूरा नौरंगराय तालाब प्रोजेक्ट चुनावी मुद्दा बन गया है। लगातार इस मुद्दे को विपक्ष चुनावी सभा में भुना रहा है, हालांकि प्रोजेक्ट का कार्य शुरू भी हो गया है। पिछले कई दिनों से यहां फ्लोर टाइल लगाने का कार्य चल रहा है, लेकिन प्रोजेक्ट की धीमी गति भी नगर निगम के लिए चुनौती है। नगर निगम के इस प्रोजेक्ट को लेकर आयुक्त आरके सिंह निरीक्षण कर चुके हैं। उनका कहना था कि जल्द ही इस प्रोजेक्ट को पूरा कर लिया जाएगा।
निगम ने तालाब की सफाई शुरू की
सुबह 10 बजे नगर निगम के कर्मचारी नौरंगराय तालाब से लिफाफे व गंदगी निकाल रहे थे। तीन से चार कर्मचारी अलग-अलग जगहों पर सफाई कर रहे थे। वहीं, नौरंगराय तालाब के फ्लोर की टाइल भी लगाने के लिए कार्य चल रहा था। चार से पांच मजदूर यहां टाइल लगाते दिखे। इन कर्मचारियों का कहना था कि करीब 15 से 20 दिन से यहां टाइल लगाने का कार्य चल रहा है। वहीं, बाहर जाली लगाने के लिए अभी कार्य शुरू नहीं हुआ है। सड़क और गेट की तरफ लगी जाली भी टूटी है और तालाब के अंदर का कार्य भी अभी बंद है।
तालाब में फैली है गंदगी
यहां सिर्फ भगवान वामन द्वादशी मेले पर ही निगम सफाई कराता है। अभी यहां तालाब में गंदगी जमा है। हर तरफ लिफाफे हैं। यहां भी सड़क की तरफ सीमेंट की जालीदार दीवार बनाई, मगर लोगों ने इसे तोड़ दिया। श्रद्धा और आस्था के प्रतीक नौरंगराय तालाब की महत्ता को देखते हुए इसके जीर्णोद्धार के लिए मुख्यमंत्री ने 2015 में घोषणा की थी। उस समय बजट तीन करोड़ रुपये तय किया था। इसके बाद बजट में बदलाव करते हुए इसे 12 करोड़ कर दिया गया था। 2017 में तत्कालीन शिक्षा मंत्री राम विलास शर्मा ने नौरंगराय तालाब के जीर्णोद्धार के कार्य का आरंभ किया था। यह कार्य मार्च 2019 में पूरा होना था। जो पूरा नहीं हो पाया। अब निगम ने दोबारा से प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए करीब 93 लाख का टेंडर लगाया है।
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वर्जन
नौरंगराय तालाब में सफाई करने के निर्देश दिए गए हैं। एक सप्ताह में यहां पूरी सफाई की जाएगी। नौरंगराय तालाब के प्रोजेक्ट के अंदर कार्य आचार संहिता से पहले का चल रहा है। लगातार निरीक्षण कर कार्य की प्रगति भी जानी जाएगी।
आरके सिंह, आयुक्त, नगर निगम।
फोटो-- -16
कोट्स
भाजपा सरकार ने अपने दस वर्ष के कार्यकाल में सिर्फ झूठी घोषणाएं ही की है। दस वर्ष का कार्यकाल बीत गया, लेकिन कई प्रोजेक्ट को सरकार पूरा नहीं कर पाई। विकास के नाम पर सिर्फ पत्थर ही लगाए गए। आईएमटी प्रोजेक्ट भी धरातल पर नहीं उतरा।
सोनू राणा, जिला प्रवक्ता, कांग्रेस।
फोटो-- -20
कोट्स
जब से हरियाणा बना है, तब से लेकर अभी तक अंबाला शहर विधानसभा में एक साथ इतने प्रोजेक्ट कभी नहीं आए और न ही कभी इतने कार्य शुरू हुए। विभागों के तालमेल की कमी के कारण कुछ प्रोजेक्ट रुके हैं। कोरोनाकाल में भी प्रोजेक्ट प्रभावित हुए और करीब दो वर्ष तक कार्य रुका रहा। इस वजह से इन प्रोजेक्ट की कीमत बढ़ गई औ रिवाइज बजट बनाने पड़े।
संदीप सचदेवा अधिवक्ता, एनजीओ प्रकोष्ठ प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य और मनोनीत पार्षद।
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निगम ने तालाब की सफाई शुरू की
सुबह 10 बजे नगर निगम के कर्मचारी नौरंगराय तालाब से लिफाफे व गंदगी निकाल रहे थे। तीन से चार कर्मचारी अलग-अलग जगहों पर सफाई कर रहे थे। वहीं, नौरंगराय तालाब के फ्लोर की टाइल भी लगाने के लिए कार्य चल रहा था। चार से पांच मजदूर यहां टाइल लगाते दिखे। इन कर्मचारियों का कहना था कि करीब 15 से 20 दिन से यहां टाइल लगाने का कार्य चल रहा है। वहीं, बाहर जाली लगाने के लिए अभी कार्य शुरू नहीं हुआ है। सड़क और गेट की तरफ लगी जाली भी टूटी है और तालाब के अंदर का कार्य भी अभी बंद है।
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तालाब में फैली है गंदगी
यहां सिर्फ भगवान वामन द्वादशी मेले पर ही निगम सफाई कराता है। अभी यहां तालाब में गंदगी जमा है। हर तरफ लिफाफे हैं। यहां भी सड़क की तरफ सीमेंट की जालीदार दीवार बनाई, मगर लोगों ने इसे तोड़ दिया। श्रद्धा और आस्था के प्रतीक नौरंगराय तालाब की महत्ता को देखते हुए इसके जीर्णोद्धार के लिए मुख्यमंत्री ने 2015 में घोषणा की थी। उस समय बजट तीन करोड़ रुपये तय किया था। इसके बाद बजट में बदलाव करते हुए इसे 12 करोड़ कर दिया गया था। 2017 में तत्कालीन शिक्षा मंत्री राम विलास शर्मा ने नौरंगराय तालाब के जीर्णोद्धार के कार्य का आरंभ किया था। यह कार्य मार्च 2019 में पूरा होना था। जो पूरा नहीं हो पाया। अब निगम ने दोबारा से प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए करीब 93 लाख का टेंडर लगाया है।
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नौरंगराय तालाब में सफाई करने के निर्देश दिए गए हैं। एक सप्ताह में यहां पूरी सफाई की जाएगी। नौरंगराय तालाब के प्रोजेक्ट के अंदर कार्य आचार संहिता से पहले का चल रहा है। लगातार निरीक्षण कर कार्य की प्रगति भी जानी जाएगी।
आरके सिंह, आयुक्त, नगर निगम।
फोटो
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भाजपा सरकार ने अपने दस वर्ष के कार्यकाल में सिर्फ झूठी घोषणाएं ही की है। दस वर्ष का कार्यकाल बीत गया, लेकिन कई प्रोजेक्ट को सरकार पूरा नहीं कर पाई। विकास के नाम पर सिर्फ पत्थर ही लगाए गए। आईएमटी प्रोजेक्ट भी धरातल पर नहीं उतरा।
सोनू राणा, जिला प्रवक्ता, कांग्रेस।
फोटो
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जब से हरियाणा बना है, तब से लेकर अभी तक अंबाला शहर विधानसभा में एक साथ इतने प्रोजेक्ट कभी नहीं आए और न ही कभी इतने कार्य शुरू हुए। विभागों के तालमेल की कमी के कारण कुछ प्रोजेक्ट रुके हैं। कोरोनाकाल में भी प्रोजेक्ट प्रभावित हुए और करीब दो वर्ष तक कार्य रुका रहा। इस वजह से इन प्रोजेक्ट की कीमत बढ़ गई औ रिवाइज बजट बनाने पड़े।
संदीप सचदेवा अधिवक्ता, एनजीओ प्रकोष्ठ प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य और मनोनीत पार्षद।

सोनू राणा, जिला प्रवक्ता, कांग्रेस।