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जितना कठिन संघर्ष होगा, जीत उतनी शानदार होगी
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आर्य कन्या महाविद्यालय छावनी के प्रांगण में यूथ सेल द्वारा स्वामी विवेकानंद की जयंती मनाई गई। इस उपलक्ष्य में कविता, भाषण, पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता का ऑनलाइन आयोजन किया गया। प्राचार्या डॉ. अनुपमा आर्य ने कहा कि स्वामी जी कहते हैं कि परेड में पीछे मुड़ बोलते ही पहला आदमी आखिरी और आखिरी आदमी पहले नंबर पर आ जाता है, इसलिए जीवन में कभी आगे होने का घमंड और आखिरी होने का गम न करें। पता नहीं कब जिंदगी बोल दे.... पीछे मुड़। स्वामी जी के विचार थे कि जितना कठिन संघर्ष होगा, जीत उतनी ही शानदार होगी व आप जैसा सोचोगे, वैसे ही बनोगे, अगर आप खुद को कमजोर सोचोगे तो कमजोर अगर मजबूत सोचोगे तो मजबूत।
प्राचार्या ने कहा कि स्वामी जी युवा वर्ग के लिए प्रेरणा और मार्गदर्शक हैं। स्वयं पर विश्वास से बड़ी से बड़ी मुश्किल का हल मिल सकता है और मंजिल पाई जा सकती है। कार्यक्रम में 96 प्रतिभागियों ने भाग लिया। हर्षिता, शोभा, पलक, आस्था, पायल, प्रिया, रमनदीप, प्रियंका, कोमल, शिवानी, रमनीत और शुभनीत ने कविता और भाषण के माध्यम से अपने विचार प्रकट किए। मंच संचालन का कार्यभार प्रो. अमनदीप मक्कड़ और डॉ. सरिता ने संभाला। कार्यक्रम में डॉ. संध्या गौतम, डॉ. सुमन, डॉ. पंकज, मिस आस्था, मिस वंदना, मिस शीनम, मिस रजनी उपस्थित रहे।
मानव जाति के लिए प्रेरणा हैं स्वामी जी के विचार
कार्यक्रम में डॉ. अमनीत राजनीति विभागाध्यक्ष ने छात्राओं को स्वामी विवेकानंद के विचारों और उनके जीवन के बारे में संपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने बताया कि स्वामी जी के विचार संपूर्ण मानव जाति के लिए प्रेरणा के स्त्रोत हैं। आज भी स्वामी जी विचारों के माध्यम से हमारे बीच में जीवित हैं। विश्वबंधुत्व और मानवता की सेवा के विचारों को ध्यान में रखते हुए इस कोरोना महामारी के संकट काल में सभी राष्ट्रों को एकजुट होकर लड़ना चाहिए।
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प्राचार्या ने कहा कि स्वामी जी युवा वर्ग के लिए प्रेरणा और मार्गदर्शक हैं। स्वयं पर विश्वास से बड़ी से बड़ी मुश्किल का हल मिल सकता है और मंजिल पाई जा सकती है। कार्यक्रम में 96 प्रतिभागियों ने भाग लिया। हर्षिता, शोभा, पलक, आस्था, पायल, प्रिया, रमनदीप, प्रियंका, कोमल, शिवानी, रमनीत और शुभनीत ने कविता और भाषण के माध्यम से अपने विचार प्रकट किए। मंच संचालन का कार्यभार प्रो. अमनदीप मक्कड़ और डॉ. सरिता ने संभाला। कार्यक्रम में डॉ. संध्या गौतम, डॉ. सुमन, डॉ. पंकज, मिस आस्था, मिस वंदना, मिस शीनम, मिस रजनी उपस्थित रहे।
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मानव जाति के लिए प्रेरणा हैं स्वामी जी के विचार
कार्यक्रम में डॉ. अमनीत राजनीति विभागाध्यक्ष ने छात्राओं को स्वामी विवेकानंद के विचारों और उनके जीवन के बारे में संपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने बताया कि स्वामी जी के विचार संपूर्ण मानव जाति के लिए प्रेरणा के स्त्रोत हैं। आज भी स्वामी जी विचारों के माध्यम से हमारे बीच में जीवित हैं। विश्वबंधुत्व और मानवता की सेवा के विचारों को ध्यान में रखते हुए इस कोरोना महामारी के संकट काल में सभी राष्ट्रों को एकजुट होकर लड़ना चाहिए।
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