अंबाला में पटियाला पुलिस की कार्रवाई: जांच में पता लगा 10 दिन से धड़ल्ले से चल रहा प्रयास नशा मुक्ति केंद्र
अंबाला में करीब 20 बेड के नशा मुक्ति केंद्र में 18 से 20 लोगों को दाखिल कर लिया था। यह सभी पटियाला के रहने वाले थे। हालांकि इस सभी तथ्यों की गंभीरता से जांच की जा रही है। ऐसे में अंबाला स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
विस्तार
अंबाला के मटेहड़ी शेखां गांव में उजागर हुए दूसरे अवैध एक प्रयास नशा मुक्ति केंद्र मामले में पटियाला पुलिस ने वीरवार अंबाला में आकर जांच की। जैसे ही टीम ने पूछताछ शुरू की तो एक के बाद एक परतें खुलती चली गई। सामने आया कि प्रोविजनल लाइसेंस पर ही संचालकों ने करीब 10 दिन पहले ही नशा मुक्ति केंद्र शुरू कर दिया था। बावजूद स्वास्थ्य विभाग बेखबर रहा।
करीब 20 बेड के इस नशा मुक्ति केंद्र में 18 से 20 लोगों को दाखिल कर लिया था। यह सभी पटियाला के रहने वाले थे। हालांकि इस सभी तथ्यों की गंभीरता से जांच की जा रही है। ऐसे में अंबाला स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली भी सवाल खड़े हो रहे हैं। जब संचालकों ने प्रोविजनल लाइसेंस लिया था तो उन्हें पक्के लाइसेंस के आने तक नजर रखनी चाहिए थी।
नौ सितंबर को जब टीम ने मटहेड़ी शेखां में ही दूसरे श्रीबालाजी फाउंडेशन नशा मुक्ति केंद्र में छापामारी की तो उस समय भी एक प्रयास नशा मुक्ति को नहीं खंगाला गया। जबकि महज 500 मीटर की दूरी पर स्थित था और टीम वहीं से गुजरी थी। अगर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट होता तो अंबाला में नशा मुक्ति केंद्र में युवकों को छुड़वाया जा सकता था और पटियाला में गई युवकों की जान बच सकती थी। दरअसल, पटियाला के तीन युवकों की लाश नदी में मिलने के बाद ही प्रयास नशा मुक्ति केंद्र का खुलासा हुआ था। स्वास्थ्य विभाग व पुलिस भी कार्रवाई वाले दिन किसी दूसरे सेंटर के होने की बात पर पल्ला झाड़ती हुई दिखाई दे रही थी।
भवन स्वामी बोले - संचालकों ने उन्हें भी रखा धोखे में
पंजाब पुलिस की टीम ने नशा मुक्ति केंद्र के भवन स्वामी से पूछताछ की गई तो उन्होंने बताया कि संचालकों ने उन्हें जल्द पक्का लाइसेंस आने की बात कहीं थी। उन्हें भी नहीं पता था कि नशा मुक्ति केंद्र कब शुरू कर दिया गया है। इसके अलावा स्थानीय लोगों ने भी इस संबंध में किसी जानकारी से इंकार किया। पटियाला पुलिस ने आरोपियों की धरपकड़ तेज कर दी है ताकि पूरे मामले का खुलासा हो सके। बता दें कि पटियाला में भी मृतकों के परिजनों ने मटहेड़ी नशा मुक्ति केंद्र में कुछ समय पहले ही भेजने की बात कहीं थी।
श्रीबालाजी फाउंडेशन के आरोपियों को पकड़ने के लिए राजपुरा में छापामारी
चार नशा मुक्ति केंद्रो में से एक में मिली खामियां, दुरुस्त करने के निर्देश
मटहेड़ी शेखां गांव में अवैध नशा मुक्ति केंद्र सामने आने पर स्वास्थ्य विभाग भी गंभीर हो गया है। एसएमओ डॉ. राजिंद्र राय ने वीरवार को अंबाला के चार नशा मुक्ति केंद्रों का दौरा किया। निरीक्षण में मटहेड़ी शेखां में चल रहे का काम ठीक मिला। नन्यौला वाले नशा केंद्र में कुछ खामियां मिली है। जैसे स्टाफ की कमी आदि और उन्हें जल्द ही सुधार के लिए बोला गया है। दो अन्य नशा मुक्ति केंद्र बंद मिले थे।
नशा मुक्ति केंद्र में छुड़वाए बुजु़र्ग को नहीं लेने पहुंचे परिजन
श्रीबालाजी फाउंडेशन नशा मुक्ति से छुड़वाए गए सभी 31 युवकों को तो पुलिस ने उनके परिजनों को सौंप दिया। अब नागरिक अस्पताल अंबाला सिटी में एक बुजुर्ग रह गए हैं। नग्गल थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सुनीता ने बताया कि उनके परिजनों को सूचित कर दिया है लेकिन घरेलू विवाद के चलते कोई लेने नहीं आ रही। बुजुर्ग के बेटे का देहांत हो चुका है और बहू उन्हें लेने नहीं आ रही है। फिलहाल परिजनों से दोबारा बातचीत की जाएगी।
अधिकारियों के अनुसार
प्रोविजनल लाइसेंस ले रखा था और रेगुलर दस्तावेजों को पूरा किया जा रहा था। उनके हिसाब से प्रयास नशा मुक्ति केंद्र में देखभाल के लिए स्टाफ आदि रखा होगा और छापामारी के बाद वह फरार हो गए। प्रोविजनल लाइसेंस की उन्हें कोई जानकारी नहीं होती। स्वास्थ्य विभाग को तो रेगुलर लैटर आने पर पता चलता है और फिर निरीक्षण किया जाता है। -डॉ. राजिंद्र राय, एसएमओ, मैंटल हेल्थ अंबाला
अवैध रूप से चल रहे श्रीबाला जी फाउंडेशन नशा मुक्ति के आरोपियों को पकड़ने के लिए राजपुरा टीमों को भेजा गया है। छापामारी चल रही है। जल्द ही उन्हें काबू कर लिया जाएगा। -सुनीता ढाका, इंस्पेक्टर नग्गल थाना प्रभारी।
अंबाला में जाकर अवैध रूप से चल रहे प्रयास नशा मुक्ति केंद्र का मुआयना किया था। बताया जाता है कि करीब 10 दिन पहले यह खुला था हालांकि यह उनकी जांच का विषय है। नशा मुक्ति केंद्र चल रहा था और 18 से 20 युवक रखे हुए थे। केंद्र में 20 बैड भी थे। -अजैब सिंह, एएसआई, कोतवाली थाना पटियाला पंजाब।