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Ambala News: अंग्रेजों ने भी दी थी रामलीला की अनुमति, इस बार 98वीं बार होगा आयोजन
Wed, 17 Sep 2025 11:58 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
Updated Wed, 17 Sep 2025 11:58 PM IST
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श्रीरामलीला का दृश्य । फाइल फोटो
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संवाद न्यूज एजेंसी
मुलाना। श्री कृष्णा ड्रामाटिक क्लब द्वारा मुलाना में सनातम धर्म की धरोहर श्री रामलीला का मंचन अंग्रेजों के शासन काल 1928 से जारी है। क्लब का श्री राम के प्रति इस प्रकार लगाव रहा कि उस समय अंग्रेजों से परमिशन लेकर भी रामलीला की गई। हालात बदले समय बदला लेकिन हर साल मुलाना में श्रीराम लीला का मंचन किया गया। जोकि आज भी जारी है। क्लब द्वारा इस बार 98वीं श्रीराम लीला मंचन का आयोजन किया जा रहा है। जोकि ऐतिहासिक है और मुलाना की परंपरा में शामिल है। इस बार श्री राम लीला मंचन का शुभारंभ वीरवार से शुरू किया जा रहा है।
सबसे पुराना पंजीकृत क्लब
क्लब के प्रधान राधेश्याम नम्बरदार ने जानकारी देते हुए बताया कि मुलाना के रामप्रसाद मीणा, लाला काकू राम गोयल, लौती राम जैन, तेलूराम राणा, बनारसी दास गोयल, कालू राम कश्यप, संतराम आदि के प्रयासों से 1928 में श्रीराम लीला मंचन आरंभ किया गया था। क्लब में गांव के युवा वर्ग द्वारा पुराने क्लब के कलाकारों की देख रेख में श्री राम लीला का आयोजन किया जाता है। उन्होंने बताया कि ब्रिटिश शासन काल में इस के लिए लाइसेंस होना जरूरी होता था। जिसे क्लब सदस्यों द्वारा सभी नियमों को पूरा कर बनाया गया। श्री कृष्णा क्लब ही आस पास के क्षेत्र में एकमात्र ऐसा ड्रामाटिक क्लब था। जिस के पास अंग्रेजी शासन काल में भी रामलीला करने का लाइसेंस था। जिसे आज तक ड्रामाटिक क्लब ने पंजीकृत कराया हुआ है।
बंटवारे के समय कड़े पहरे में हुआ मंचन
राधेश्याम नंबरदार ने बताया कि बंटवारे के समय हालात थोडे कठिन हो गए । श्री रामलीला मंचन पर भी संकट के बादल छाने लगे । लेकिन क्लब सदस्यों ने उस समय भी श्रीराम लीला मंचन करने की ठान ली और उस समय श्री रामलीला का आयोजन पुलिस जवानों के कड़े पहरे में भी किया गया था।
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आज भी ग्रामीणों का मिलता है स्नेह
98 वर्ष से निरंतर हो रही मुलाना में श्री रामलीला को ग्रामीणों को बहुत स्नेह मिलता है। हर वर्ष ग्रामीणों को श्रीराम लीला मंचन का इंतजार रहता है। युवाओं का भी खुब साथ मिलता है। वहीं श्रीकृष्णा ड्रामाटिक क्लब द्वारा श्रीराम लीला मंचन में किसी प्रकार की फूहड़ता का प्रयोग नहीं किया जाता । जिसके चलते मुलाना के लोग यहां परिवार सहित आकर रामलीला मंचन का आनंद लेते है।
वर्ष 1982 से निभा रहे परंपरा
प्रधान राधेश्याम श्याम नंबरदार ने बताया कि मुलाना में 1928 से गणमान्यों की ओर से जारी की गई इस परंपरा को आज भी मुलाना के लोगों के सहयोग से जारी रखा हुआ है। क्लब के सभी सदस्य श्रीराम जी को समर्पित होकर हर किरदार को बखूबी निभाते हैं। पंकज मल्होत्रा बताते हैं कि मैं और मेरे भाई लवनेश बचपन से इस क्लब से जुड़े हैं। हम दोनों भाईयों ने करीब आठ साल राम लक्ष्मण का किरदार अदा किया है। जिसके बाद मैनें करीब 10 साल श्री राम जी का किरदार अदा किया। इस बार मैं श्रीराम लीला में दशरथ का किरदार अदा कर रहा हूं, जबकि मेरे भाई परशुराम जी का किरदार अदा करेंगे। सबसे पुराने श्रीराम लीला क्लब के साथ जुड़े होने का हमें गर्व महसूस होता है।
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मुलाना। श्री कृष्णा ड्रामाटिक क्लब द्वारा मुलाना में सनातम धर्म की धरोहर श्री रामलीला का मंचन अंग्रेजों के शासन काल 1928 से जारी है। क्लब का श्री राम के प्रति इस प्रकार लगाव रहा कि उस समय अंग्रेजों से परमिशन लेकर भी रामलीला की गई। हालात बदले समय बदला लेकिन हर साल मुलाना में श्रीराम लीला का मंचन किया गया। जोकि आज भी जारी है। क्लब द्वारा इस बार 98वीं श्रीराम लीला मंचन का आयोजन किया जा रहा है। जोकि ऐतिहासिक है और मुलाना की परंपरा में शामिल है। इस बार श्री राम लीला मंचन का शुभारंभ वीरवार से शुरू किया जा रहा है।
सबसे पुराना पंजीकृत क्लब
क्लब के प्रधान राधेश्याम नम्बरदार ने जानकारी देते हुए बताया कि मुलाना के रामप्रसाद मीणा, लाला काकू राम गोयल, लौती राम जैन, तेलूराम राणा, बनारसी दास गोयल, कालू राम कश्यप, संतराम आदि के प्रयासों से 1928 में श्रीराम लीला मंचन आरंभ किया गया था। क्लब में गांव के युवा वर्ग द्वारा पुराने क्लब के कलाकारों की देख रेख में श्री राम लीला का आयोजन किया जाता है। उन्होंने बताया कि ब्रिटिश शासन काल में इस के लिए लाइसेंस होना जरूरी होता था। जिसे क्लब सदस्यों द्वारा सभी नियमों को पूरा कर बनाया गया। श्री कृष्णा क्लब ही आस पास के क्षेत्र में एकमात्र ऐसा ड्रामाटिक क्लब था। जिस के पास अंग्रेजी शासन काल में भी रामलीला करने का लाइसेंस था। जिसे आज तक ड्रामाटिक क्लब ने पंजीकृत कराया हुआ है।
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बंटवारे के समय कड़े पहरे में हुआ मंचन
राधेश्याम नंबरदार ने बताया कि बंटवारे के समय हालात थोडे कठिन हो गए । श्री रामलीला मंचन पर भी संकट के बादल छाने लगे । लेकिन क्लब सदस्यों ने उस समय भी श्रीराम लीला मंचन करने की ठान ली और उस समय श्री रामलीला का आयोजन पुलिस जवानों के कड़े पहरे में भी किया गया था।
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आज भी ग्रामीणों का मिलता है स्नेह
98 वर्ष से निरंतर हो रही मुलाना में श्री रामलीला को ग्रामीणों को बहुत स्नेह मिलता है। हर वर्ष ग्रामीणों को श्रीराम लीला मंचन का इंतजार रहता है। युवाओं का भी खुब साथ मिलता है। वहीं श्रीकृष्णा ड्रामाटिक क्लब द्वारा श्रीराम लीला मंचन में किसी प्रकार की फूहड़ता का प्रयोग नहीं किया जाता । जिसके चलते मुलाना के लोग यहां परिवार सहित आकर रामलीला मंचन का आनंद लेते है।
वर्ष 1982 से निभा रहे परंपरा
प्रधान राधेश्याम श्याम नंबरदार ने बताया कि मुलाना में 1928 से गणमान्यों की ओर से जारी की गई इस परंपरा को आज भी मुलाना के लोगों के सहयोग से जारी रखा हुआ है। क्लब के सभी सदस्य श्रीराम जी को समर्पित होकर हर किरदार को बखूबी निभाते हैं। पंकज मल्होत्रा बताते हैं कि मैं और मेरे भाई लवनेश बचपन से इस क्लब से जुड़े हैं। हम दोनों भाईयों ने करीब आठ साल राम लक्ष्मण का किरदार अदा किया है। जिसके बाद मैनें करीब 10 साल श्री राम जी का किरदार अदा किया। इस बार मैं श्रीराम लीला में दशरथ का किरदार अदा कर रहा हूं, जबकि मेरे भाई परशुराम जी का किरदार अदा करेंगे। सबसे पुराने श्रीराम लीला क्लब के साथ जुड़े होने का हमें गर्व महसूस होता है।

श्रीरामलीला का दृश्य । फाइल फोटो

श्रीरामलीला का दृश्य । फाइल फोटो