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Ambala News: ऑडियोलॉजिस्ट बिन नहीं हो रहे टेस्ट
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डीईआईसी सेंटर में जांच करवाने के लिए पहुंचे अभिभावक व मरीज। संवाद
अंबाला सिटी। बीते छह महीने से ऑडियोलॉजिस्ट की कमी के कारण मरीजों को नागरिक अस्पताल से पीजीआई और पंचकूला के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। इधर, डीईआईसी केंद्र में भी रोजाना दो से तीन बच्चे आते हैं।
महीने में करीब 60 से 70 मामले बेरा और अन्य स्पीच टेस्ट के लिए आ जाते हैं। मगर ऑडियोलॉजिस्ट न होने के कारण उन्हें जांच के लिए मजबूरन पीजीआई भेजना पड़ता है। इससे मरीजों का समय भी बर्बाद हो रहा है तो वहीं परिजनों को भी परेशानी होती है।
इसलिए जरूरी है बेरा टेस्ट : यह टेस्ट छोटे बच्चों में बोलने की क्षमता को जांचने के लिए कराया जाता है। उपकरण की मदद से ध्वनि तरंगों का इस्तेमाल कर बोलने की क्षमता में कमी को जांच लिया जाता है। इसी आधार पर ही बच्चे का उपचार शुरू करवाया जाता है। इसके अलावा ओ, ए, ई टेस्ट भी ऑडियोलॉजिस्ट द्वारा ही करवाए जाते हैं। इससे बच्चों और ईएनटी मरीजों की परेशानी को दूर किया जाता है।
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महीने में करीब 60 से 70 मामले बेरा और अन्य स्पीच टेस्ट के लिए आ जाते हैं। मगर ऑडियोलॉजिस्ट न होने के कारण उन्हें जांच के लिए मजबूरन पीजीआई भेजना पड़ता है। इससे मरीजों का समय भी बर्बाद हो रहा है तो वहीं परिजनों को भी परेशानी होती है।
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इसलिए जरूरी है बेरा टेस्ट : यह टेस्ट छोटे बच्चों में बोलने की क्षमता को जांचने के लिए कराया जाता है। उपकरण की मदद से ध्वनि तरंगों का इस्तेमाल कर बोलने की क्षमता में कमी को जांच लिया जाता है। इसी आधार पर ही बच्चे का उपचार शुरू करवाया जाता है। इसके अलावा ओ, ए, ई टेस्ट भी ऑडियोलॉजिस्ट द्वारा ही करवाए जाते हैं। इससे बच्चों और ईएनटी मरीजों की परेशानी को दूर किया जाता है।
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