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Ambala News: वेतन वृद्धि को लेकर चीनी मिल कर्मचारियों का धरना उग्र, रामकिशन गुर्जर ने दिया समर्थन
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बनौंदी स्थित चीनी मिल में कर्मचारियों को समर्थन देते पूर्व विधायक रामकिशन गुर्जर। संवाद
- फोटो : 1
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संवाद न्यूज एजेंसी
शहजादपुर। बनौंदी चीनी मिल में वेतन वृद्धि और अन्य लंबित मांगों के लिए चल रहा कर्मचारियों का आंदोलन सोमवार को और उग्र हो गया। कर्मचारियों को समर्थन देने वरिष्ठ नेता व पूर्व विधायक चौधरी रामकिशन गुर्जर धरना स्थल पर पहुंचे। दूसरी ओर, गन्ना संघर्ष समिति और मिल प्रबंधन के बीच हुई वार्ता में भी तीखी नोकझोंक देखने को मिली, जिसके बाद मिल अधिकारियों ने फंड की कमी को मुख्य वजह बताया है।
चौधरी रामकिशन गुर्जर ने कर्मचारियों की समस्याएं सुनीं और कहा कि विधायक शैली चौधरी विधानसभा में लगातार इस क्षेत्र की आवाज उठा रही हैं। उन्होंने कहा कि किसान और कर्मचारियों के संघर्ष का ही नतीजा है कि मिल पर गन्ना भुगतान का बकाया घटकर अब केवल 6.50 करोड़ रुपये रह गया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि मेहनतकश वर्ग की हर जायज मांग को सरकार और प्रशासन के सामने मजबूती से रखा जाएगा।
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प्रबंधन और संघर्ष समिति में तीखी बहस
कर्मचारियों और किसानों की मांगों को लेकर गन्ना संघर्ष समिति के नेता मलकीत सिंह और विनोद राणा के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने मिल प्रबंधन से मुलाकात की। वार्ता के दौरान न्यूनतम वेतनमान और समय पर वेतनवृद्धि की मांग पर तीखी बहस हुई। विनोद राणा ने कहा कि सरकारी नियमों के तहत न्यूनतम वेतन पाना कर्मचारियों का संवैधानिक अधिकार है। वहीं, मलकीत सिंह ने बिजली सप्लाई, बकाया भुगतान और गन्ना क्षेत्र को दूसरी मिलों में शिफ्ट करने के सर्वे पर कड़ा एतराज जताया। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना किसानों की सहमति के सर्वे कराना प्रशासन की नीयत पर सवाल खड़े करता है।
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फंड मिलते ही होगा भुगतान : वीके सिंह
मामले की गंभीरता को देखते हुए चीनी मिल के यूनिट हेड वीके सिंह ने प्रबंधन का पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि मिल इस समय गंभीर वित्तीय संकट से जूझ रही है। मिल प्रबंधन से वीके सिंह ने कहा कि बिजली की बकाया पेमेंट मिलते ही किसानों का पूरा हिसाब चुकता कर दिया जाएगा। इसी वित्तीय तंगी की वजह से कर्मचारियों की वेतन वृद्धि फिलहाल रुकी हुई है। उन्होंने बताया कि सरकार से उच्च स्तर पर बातचीत जारी है और जल्द ही बकाया क्लियर कर दिया जाएगा। प्रबंधन ने यह भी स्पष्ट किया कि आगामी पेराई सत्र 17 नवंबर 2026 से शुरू करने की पूरी तैयारी की जा रही है।
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शहजादपुर। बनौंदी चीनी मिल में वेतन वृद्धि और अन्य लंबित मांगों के लिए चल रहा कर्मचारियों का आंदोलन सोमवार को और उग्र हो गया। कर्मचारियों को समर्थन देने वरिष्ठ नेता व पूर्व विधायक चौधरी रामकिशन गुर्जर धरना स्थल पर पहुंचे। दूसरी ओर, गन्ना संघर्ष समिति और मिल प्रबंधन के बीच हुई वार्ता में भी तीखी नोकझोंक देखने को मिली, जिसके बाद मिल अधिकारियों ने फंड की कमी को मुख्य वजह बताया है।
चौधरी रामकिशन गुर्जर ने कर्मचारियों की समस्याएं सुनीं और कहा कि विधायक शैली चौधरी विधानसभा में लगातार इस क्षेत्र की आवाज उठा रही हैं। उन्होंने कहा कि किसान और कर्मचारियों के संघर्ष का ही नतीजा है कि मिल पर गन्ना भुगतान का बकाया घटकर अब केवल 6.50 करोड़ रुपये रह गया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि मेहनतकश वर्ग की हर जायज मांग को सरकार और प्रशासन के सामने मजबूती से रखा जाएगा।
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प्रबंधन और संघर्ष समिति में तीखी बहस
कर्मचारियों और किसानों की मांगों को लेकर गन्ना संघर्ष समिति के नेता मलकीत सिंह और विनोद राणा के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने मिल प्रबंधन से मुलाकात की। वार्ता के दौरान न्यूनतम वेतनमान और समय पर वेतनवृद्धि की मांग पर तीखी बहस हुई। विनोद राणा ने कहा कि सरकारी नियमों के तहत न्यूनतम वेतन पाना कर्मचारियों का संवैधानिक अधिकार है। वहीं, मलकीत सिंह ने बिजली सप्लाई, बकाया भुगतान और गन्ना क्षेत्र को दूसरी मिलों में शिफ्ट करने के सर्वे पर कड़ा एतराज जताया। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना किसानों की सहमति के सर्वे कराना प्रशासन की नीयत पर सवाल खड़े करता है।
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फंड मिलते ही होगा भुगतान : वीके सिंह
मामले की गंभीरता को देखते हुए चीनी मिल के यूनिट हेड वीके सिंह ने प्रबंधन का पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि मिल इस समय गंभीर वित्तीय संकट से जूझ रही है। मिल प्रबंधन से वीके सिंह ने कहा कि बिजली की बकाया पेमेंट मिलते ही किसानों का पूरा हिसाब चुकता कर दिया जाएगा। इसी वित्तीय तंगी की वजह से कर्मचारियों की वेतन वृद्धि फिलहाल रुकी हुई है। उन्होंने बताया कि सरकार से उच्च स्तर पर बातचीत जारी है और जल्द ही बकाया क्लियर कर दिया जाएगा। प्रबंधन ने यह भी स्पष्ट किया कि आगामी पेराई सत्र 17 नवंबर 2026 से शुरू करने की पूरी तैयारी की जा रही है।

बनौंदी स्थित चीनी मिल में कर्मचारियों को समर्थन देते पूर्व विधायक रामकिशन गुर्जर। संवाद- फोटो : 1