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सख्ती : 40 किसान लाल घेरे में, संगठनों ने दी चेतावनी
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कुछ इस प्रकार से रिपोर्ट में फानों में आग लगाने वालों के लाल घेरे में लाया गया है।
अंबाला सिटी। पराली जलाने के मामलों में दिनोंदिन तेजी आ रही है। ठीक इसी प्रकार वायु प्रदूषण भी लोगों की सांसों पर पहरा लग रहा है। इसे देखते हुए सरकार के निर्देश पर कृषि विभाग ने मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर अंबाला के 40 किसानों नाम के खातों में खसरा नंबरों के आगे लाल निशान लगा दिया है।
इस लाल निशान के बाद जानकारी मुख्यालय को भेज दी है। मुख्यालय से संस्तुति होने के बाद यह किसान दो सत्र के लिए अपनी फसल की बिक्री एमएसपी पर नहीं कर सकेंगे। यह वही 40 किसान हैं जिन्होंने सरकार के मना करने के बावजूद अपने खेतों में धान के फसल अवशेषों को जलाया।
इसके साथ ही अभी तक जिला प्रशासन पराली जलाने पर एक लाख रुपये का चालान भी कर चुका है। इस कार्रवाई के बाद किसान संगठन भी विरोध में आगे आए हैं। शनिवार को मरदों साहिब गुरुद्वारे में भारतीय किसान यूनियन शहीद भगत सिंह के पदाधिकारियों ने बैठक की और इस फैसले का विरोध किया। किसान नेताओं ने 22 अक्तूबर को सभी तहसीलों पर विरोध प्रदर्शन कर ज्ञापन देने का आह्वान किया है।
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साैंपेंगे ज्ञापन, नहीं चलेगी मनमानी : अमरजीत
बीकेयू शहीद भगत सिंह के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमरजीत सिंह मोहड़ी ने कहा कि सरकार और अधिकारी समझ लें कि किसान के पास इतने संसाधन नहीं हैं। सरकार के संसाधन हैं तो उसके बारे में बताएं। जो बड़े किसान हैं वह संसाधनों का अपने स्तर से प्रयोग कर रहे हैं मगर जो छोटे किसान हैं वह इन संसाधनों को नहीं ले सकते हैं। किसानों ने फैसला लिया है कि 22 अक्तूबर को प्रदेश की सभी तहसीलों पर किसान ज्ञापन के माध्यम से अपनी समस्या बताएंगे। किसान नेताओं ने सभी से तहसीलों पर पहुंचने का आह्वान किया। यह ज्ञापन सीएम को प्रेषित होगा। मोहड़ी ने कहा कि प्रदूषण बढ़ाने में जो अन्य सेक्टर हैं उनके लिए भी क्या ऐसे कानून हैं, फैक्ट्रियां जो प्रदूषण फैला रही हैं उनके लिए भी क्या ऐसे नियम हैं। किसान नेताओं ने कहा कि इन फरमान को किसान किसी भी कीमत पर नहीं मानेंगे।
अंबाला की हवा में पीएम 10 की बढ़ी मात्रा
पिछले कुछ दिनों से पराली और वाहनों के प्रदूषण के साथ-साथ वातावरण ठंडा होने के कारण वायु प्रदूषण अत्यधिक दर्ज किया जा रहा है। शनिवार को औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 158 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया। जोकि येलो अलर्ट को दर्शाता है। वायु में अलग-अलग प्रकार के प्रदूषणों को देखें तो पीएम 10 यानी पार्टिकुलेट 10 की मात्रा अधिक है। पीएम 10 में 10 माइक्रोमीटर या उससे कम व्यास वाले कण होते हैं। इसमें धूल, पराली, गर्दा, और धातु के छोटे कण शामिल होते हैं। यह कण स्वास्थ्य के लिए काफी हानिकारक रहते हैं। इन कणों को नग्न आंखों से देखा नहीं जा सकता है। इसके साथ ही इन कणों के कारण छाती में खिंचाव, सांस लेने में तकलीफ, आंखों में जलन आदि समस्याएं होती हैं।
पराली जलाने में बराड़ा और अंबाला-2 आगे
अंबाला द्वितीय ब्लॉक में 13 किसानों ने पराली में आग लगाई है। इसी प्रकार चार किसानों ने अंबाला वन में, 14 किसानों ने बराड़ा में, चार किसानों ने साहा में, दो किसानों ने नारायणगढ़ तो एक किसान ने शहजादपुर में खेतों में पराली में आग लगाई। इन सभी किसानों का 2500 रुपये प्रति किसान के हिसाब से जुर्माना लगाया है।
पराली जलाने की अब तक की रिपोर्ट
हरसेक केस- 71
बिना हरसेक केस- 5
कुल केस- 76
कार्रवाई लंबित- 1
आग नहीं मिली- 33
आग मिली- 45
हरसेक चालान- 35
बिना हरसेक के चालान- 5
कुल चालान- 40
एफआईआर कराईं- 0
दुर्घटनावश आग लगी- 0
जुर्माना- 100000
150 रुपये प्रति क्विंटल कमाएं किसान : सिवाच
एसडीएम सतिंदर सिवाच ने शनिवार को एक दर्जन गांवों का औचक निरीक्षण किया। एसडीएम सतिंदर सिवाच ने कहा कि किसान पराली की गांठ बनाकर प्रति क्विंटल 150 रुपये कमा सकता है। इस योजना का फायदा सैकड़ों किसान उठा रहे हैं। एसडीएम ने गांव फडौली, चुड़ियाला, चुड़ियाली, दुखेडी और मोहड़ा का दौरा किया। एसडीएम ने कहा कि पिछले पांच दिनों से सख्ती करने के कारण फानों में आग लगाने का कोई मामला सामने नहीं आया है।
फसल अवशेष जलाने से भूमि की उपजाऊ शक्ति कम होती है। फसल अवशेषों को जलाने से रोकने के लिए विभिन्न टीमों का गठन किया गया है जो गांवों में पहुंचकर निगरानी कर रही हैं, यदि कोई किसान फसल अवशेष में आग लगाते पाया जाता है तो उस पर न केवल जुर्माना लगाया जाएगा, बल्कि एफआईआर दर्ज करवाकर भी उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
ड्यूटी में कोताही पर होगी सख्त कार्रवाई
एसडीएम छावनी ने निर्देश दिए हैं कि जिन कर्मचारियों की ड्यूटी फील्ड में गांव-गांव जाकर जांच करने की है, वह कर्मचारी अपनी ड्यूटी का तत्परता से निर्वहन करें। उन्होंने कहा कि इस काम में लगे सभी कर्मचारी व अधिकारी फील्ड में उतरे और बारीकी से नजर रखें। कर्मचारी तय शेड्यूल के मुताबिक मौके पर जाएं और लोगों को जागरूक भी करें। ड्यूटी में कोताही बरतने वाले कर्मचारियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
वर्जन
फसल अवशेषों में आग लगाने पर अब संबंधित व्यक्ति के मेरी फसल मेरा ब्योरा रिकाॅर्ड में लाल निशान की एंट्री की जाएगी। इस लाल एंट्री के बाद संबंधित व्यक्ति पर ई-खरीद पोर्टल के माध्यम से दो सत्रों में फसल बेचने पर प्रतिबंध लग सकता है। इसलिए सभी किसानों से बार-बार अपील की जा रही है कि धान के अवशेषों में आग न लगाएं और विभाग के सहयोग से उचित पराली प्रबंधन की तकनीक को अपनाएं।
-पार्थ गुप्ता, उपायुक्त, अंबाला
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इस लाल निशान के बाद जानकारी मुख्यालय को भेज दी है। मुख्यालय से संस्तुति होने के बाद यह किसान दो सत्र के लिए अपनी फसल की बिक्री एमएसपी पर नहीं कर सकेंगे। यह वही 40 किसान हैं जिन्होंने सरकार के मना करने के बावजूद अपने खेतों में धान के फसल अवशेषों को जलाया।
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इसके साथ ही अभी तक जिला प्रशासन पराली जलाने पर एक लाख रुपये का चालान भी कर चुका है। इस कार्रवाई के बाद किसान संगठन भी विरोध में आगे आए हैं। शनिवार को मरदों साहिब गुरुद्वारे में भारतीय किसान यूनियन शहीद भगत सिंह के पदाधिकारियों ने बैठक की और इस फैसले का विरोध किया। किसान नेताओं ने 22 अक्तूबर को सभी तहसीलों पर विरोध प्रदर्शन कर ज्ञापन देने का आह्वान किया है।
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साैंपेंगे ज्ञापन, नहीं चलेगी मनमानी : अमरजीत
बीकेयू शहीद भगत सिंह के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमरजीत सिंह मोहड़ी ने कहा कि सरकार और अधिकारी समझ लें कि किसान के पास इतने संसाधन नहीं हैं। सरकार के संसाधन हैं तो उसके बारे में बताएं। जो बड़े किसान हैं वह संसाधनों का अपने स्तर से प्रयोग कर रहे हैं मगर जो छोटे किसान हैं वह इन संसाधनों को नहीं ले सकते हैं। किसानों ने फैसला लिया है कि 22 अक्तूबर को प्रदेश की सभी तहसीलों पर किसान ज्ञापन के माध्यम से अपनी समस्या बताएंगे। किसान नेताओं ने सभी से तहसीलों पर पहुंचने का आह्वान किया। यह ज्ञापन सीएम को प्रेषित होगा। मोहड़ी ने कहा कि प्रदूषण बढ़ाने में जो अन्य सेक्टर हैं उनके लिए भी क्या ऐसे कानून हैं, फैक्ट्रियां जो प्रदूषण फैला रही हैं उनके लिए भी क्या ऐसे नियम हैं। किसान नेताओं ने कहा कि इन फरमान को किसान किसी भी कीमत पर नहीं मानेंगे।
अंबाला की हवा में पीएम 10 की बढ़ी मात्रा
पिछले कुछ दिनों से पराली और वाहनों के प्रदूषण के साथ-साथ वातावरण ठंडा होने के कारण वायु प्रदूषण अत्यधिक दर्ज किया जा रहा है। शनिवार को औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 158 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया। जोकि येलो अलर्ट को दर्शाता है। वायु में अलग-अलग प्रकार के प्रदूषणों को देखें तो पीएम 10 यानी पार्टिकुलेट 10 की मात्रा अधिक है। पीएम 10 में 10 माइक्रोमीटर या उससे कम व्यास वाले कण होते हैं। इसमें धूल, पराली, गर्दा, और धातु के छोटे कण शामिल होते हैं। यह कण स्वास्थ्य के लिए काफी हानिकारक रहते हैं। इन कणों को नग्न आंखों से देखा नहीं जा सकता है। इसके साथ ही इन कणों के कारण छाती में खिंचाव, सांस लेने में तकलीफ, आंखों में जलन आदि समस्याएं होती हैं।
पराली जलाने में बराड़ा और अंबाला-2 आगे
अंबाला द्वितीय ब्लॉक में 13 किसानों ने पराली में आग लगाई है। इसी प्रकार चार किसानों ने अंबाला वन में, 14 किसानों ने बराड़ा में, चार किसानों ने साहा में, दो किसानों ने नारायणगढ़ तो एक किसान ने शहजादपुर में खेतों में पराली में आग लगाई। इन सभी किसानों का 2500 रुपये प्रति किसान के हिसाब से जुर्माना लगाया है।
पराली जलाने की अब तक की रिपोर्ट
हरसेक केस- 71
बिना हरसेक केस- 5
कुल केस- 76
कार्रवाई लंबित- 1
आग नहीं मिली- 33
आग मिली- 45
हरसेक चालान- 35
बिना हरसेक के चालान- 5
कुल चालान- 40
एफआईआर कराईं- 0
दुर्घटनावश आग लगी- 0
जुर्माना- 100000
150 रुपये प्रति क्विंटल कमाएं किसान : सिवाच
एसडीएम सतिंदर सिवाच ने शनिवार को एक दर्जन गांवों का औचक निरीक्षण किया। एसडीएम सतिंदर सिवाच ने कहा कि किसान पराली की गांठ बनाकर प्रति क्विंटल 150 रुपये कमा सकता है। इस योजना का फायदा सैकड़ों किसान उठा रहे हैं। एसडीएम ने गांव फडौली, चुड़ियाला, चुड़ियाली, दुखेडी और मोहड़ा का दौरा किया। एसडीएम ने कहा कि पिछले पांच दिनों से सख्ती करने के कारण फानों में आग लगाने का कोई मामला सामने नहीं आया है।
फसल अवशेष जलाने से भूमि की उपजाऊ शक्ति कम होती है। फसल अवशेषों को जलाने से रोकने के लिए विभिन्न टीमों का गठन किया गया है जो गांवों में पहुंचकर निगरानी कर रही हैं, यदि कोई किसान फसल अवशेष में आग लगाते पाया जाता है तो उस पर न केवल जुर्माना लगाया जाएगा, बल्कि एफआईआर दर्ज करवाकर भी उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
ड्यूटी में कोताही पर होगी सख्त कार्रवाई
एसडीएम छावनी ने निर्देश दिए हैं कि जिन कर्मचारियों की ड्यूटी फील्ड में गांव-गांव जाकर जांच करने की है, वह कर्मचारी अपनी ड्यूटी का तत्परता से निर्वहन करें। उन्होंने कहा कि इस काम में लगे सभी कर्मचारी व अधिकारी फील्ड में उतरे और बारीकी से नजर रखें। कर्मचारी तय शेड्यूल के मुताबिक मौके पर जाएं और लोगों को जागरूक भी करें। ड्यूटी में कोताही बरतने वाले कर्मचारियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
वर्जन
फसल अवशेषों में आग लगाने पर अब संबंधित व्यक्ति के मेरी फसल मेरा ब्योरा रिकाॅर्ड में लाल निशान की एंट्री की जाएगी। इस लाल एंट्री के बाद संबंधित व्यक्ति पर ई-खरीद पोर्टल के माध्यम से दो सत्रों में फसल बेचने पर प्रतिबंध लग सकता है। इसलिए सभी किसानों से बार-बार अपील की जा रही है कि धान के अवशेषों में आग न लगाएं और विभाग के सहयोग से उचित पराली प्रबंधन की तकनीक को अपनाएं।
-पार्थ गुप्ता, उपायुक्त, अंबाला

कुछ इस प्रकार से रिपोर्ट में फानों में आग लगाने वालों के लाल घेरे में लाया गया है।

कुछ इस प्रकार से रिपोर्ट में फानों में आग लगाने वालों के लाल घेरे में लाया गया है।